कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत,पूर्व पीसीसीचीफ किशोर उपाध्याय समेत छह लोगों ने किया ऐसा काम कि, जारी हो गया गैरजमानती वारंट

  देहरादून- शुक्रवार का दिन हलचल भरा और खलबली मचाने वाला सबित हुआ।  कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय समेत 6 लोगों पर माननीय न्यायालय की नाफरमानी का आरोप लगा । लिहाजा सभी के खिलाफ माननीय न्यायालय ने गैरजमानती वारंट जारी किया है।

मामले की अगली सुनवाई की तरीख अगले महीन की 4 तारीख मुकर्रर कर दी है। यानि आने वाली 4 मई को कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत सभी सियासी दिग्गजों को अदालत में हाज़िर होना ही पड़ेगा। उधर दून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने अदालत के आदेश के मुताबिक वारंट पर तामील करने के निर्देश दे दिए हैं।

दरअसल मामला आज का नहीं है ये तब का है जब कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत कांग्रेस में हुआ करते थे और नेता प्रतिपक्ष जैसे औहदे पर विराजमान थे। सूबे में साल 2009 की भाजपा सरकार थी और कांग्रेस भाजपा को पानी-पी-पी कर कोस रही थी।

हुआ यूं की सरकार की खिलाफत करते हुए कांग्रेस ने तत्कालीन नेताप्रतिपक्ष हरक सिंह की अगुवाई में सूबे की सरकार को घेरने का प्लान बनाया और 21 दिसंबर को विधानसभा कूच किया।

इस कूच के दौरान कानून-व्यवस्था को काबू में रखने की जद्दोजहद करती मित्र पुलिस से नेता लोग पंगा ले बैठे। लिहाजा पुलिस ने धक्का-मुक्की, पथराव, मारपीट और बलवा का आरोप में मुकदमा दर्ज कर दिया। साल बीतते रहे लेकिन अब मामला कूच में शामिल नेताओं के लिए मुसीबत बन गया है।

हालांकि कई दिग्गज मामले से अपनी जमानत करवा चुके हैं। जिनमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, यशपाल आर्य समेत कई कांग्रेसी नेता भी शामिल हैं।

जबकि पूर्व में जारी समन पर अमल न करने के चलते अब हरक सिंह रावत, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय समेत छह लोगों को गैरजमानती वारंट जारी हो गया है।

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