उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे जी जरा देखो तो सही  शिक्षकों के तबादलों मेंचल रहा है खेल:  ख़बर है कि चहेतों के सुगम में तबादले, दिव्यांगों की सुध नहीं जीरो टॉलरेंस में यह कैसे संभव???

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
शिक्षा विभाग में हुए शिक्षकों के तबादलों में जमकर खेल हुआ है बता दे कि पर्वतीय जिलों में 70 फीसदी शिक्षकों के पद भरे बगैर ही विभाग ने चार जिलों के मैदानी क्षेत्रों में चहेते शिक्षकों के तबादले कर दिए। उठ गया सवाल की मंत्री जी बताओ जीरो टॉलरेश मैं ये कैसे संभव है ??
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 40 से 55 फीसदी दिव्यांग शिक्षिकाओं की विभाग ने सुध ही नहीं ली।
ओर सुनिए सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति में भी इनके तबादलों का प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
जानकरीं है कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के अनुसार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने शिक्षकों के तबादले किए हैं। शिक्षकों के तबादलों को लेकर हाईकोर्ट का जो आदेश है विभाग में उसका पालन किया जाएगा।

पहली बात सामने ये आई है कि
राजकीय इंटर कालेज रानीचौरी जनपद टिहरी गढ़वाल में रसायन विज्ञान की प्रवक्ता अंजू सैनी के मुताबिक वह 55 फीसदी दिव्यांग है। पांव खराब होने से वह ठीक से पहाड़ में चल नहीं पातीं। उनके पास दिव्यांगता का प्रमाण पत्र है। शासनादेश में भी यह स्पष्ट है कि दिव्यांगों को गृह जनपद में तैनाती दी जाएगी या फिर उनसे विकल्प लेकर उनकी तैनाती होगी। तबादले के लिए उन्होंने विभाग को आठ विकल्प दिए, लेकिन विभाग ने उनका तबादला नहीं किया। जबकि अनुरोध के आधार पर कुछ अन्य शिक्षकों के तबादले किए गए हैं।  इस पर सवाल तो बनाता है क्यो??

दूसरी बात

ख़बर है कि जीआईसी कठुली खिर्सू पौड़ी गढ़वाल में कार्यरत आरती सेमवाल के मुताबिक वह 40 फीसदी दिव्यांग हैं। दिव्यांगता के आधार पर ही उनकी विभाग में नियुक्ति हुई है। उसने बताया कि वह पिछले 13 सालो से दुर्गम विद्यालय में कार्यरत हैं। विभाग में तबादले के लिए अनुरोध किया था, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए तबादले से इनकार कर दिया गया कि हाईकोर्ट के एक आदेश के चलते चार मैदानी जनपदों के सुगम स्कूलों में शिक्षकों के तबादले नहीं किए जा सकते, जबकि इसी शिक्षा सत्र में कई शिक्षकों के इन जनपदों में तबादले किए गए।
बहराल ये पूरी जानकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आ रही है।
अब पड़ताल इस बात की होगी
पोस्टमार्टम इस बात का होगा
ओर खुलासा भी इस बात का होगा कि अब तक क्या हकिकत मैं अपने चाहने वालो को ,
जुगाड़ की सिफारिश लगाने वालों को, चंदा देने वालो का
क्या मनको को तार तार कर शिक्षा विभाग मैं तबादले हुए है??
या नही
क्योकि हम तो पूछेगे।


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