देहरादून मैं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बोल रहे है गुरु महाराज जी की जय , श्री महंत देवेन्द्र दास महाराज जी की जय ऐतिहासिक झंडे जी के दर्शन कर होती है मुराद पूरी ।

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देहरादून मैं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बोल रहे है गुरु महाराज जी की जय , श्री महंत देवेन्द्र महाराज जी की जय ऐतिहासिक झंडे जी के दर्शन कर होती है मुराद पूरी ।

 

बोलो गुरु महाराज जी की जय , बोलो श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी की जय
ओर बोलो झंडे साहब की जय ।
ओर बोले क्यो ना । क्यो ना लगे जयकारे आखिर उनके सच्चे दरबार मे आकर हर मुराद पूरी जो होती है।
आपको बता दे कि सोमबार से यानी 25 मार्च से शुरू हो रहे श्री झंडे जी मेले में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखो की संख्या में संगतें दरबार साहिब पहुंच चुकी है । रविवार देर शाम तक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु  दरबार साहिब पहुंचे। श्रदालुओ के रहने व खान पान के लिए श्री महंत देवन्द्र दास जी महाराज के दिशा निर्देश पर मेले की पूरी टीम ने हर व्यवस्था की हुई है । डॉक्टर से लेकर सुरक्षा तक का पूरा इंतज़ाम है।


आपको बता दे कि इस बार लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालु झंडा साहिब के दर्शन के लिए पहुंच चुके है । श्री महंत देवेन्द्र दास जी के निर्देश पर मेला समिति की ओर से मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। समिति के प्रबंधक केसी जुयाल ने बताया कि मेला प्रबंधन की ओर से संगतों के ठहरने के लिए मिशन के स्कूलों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गईं हैं। जबकि, एनआरआई संगतों के लिए होटलों और धर्मशालाओं में व्यवस्थाएं करवा दी गईं हैं। वह इस बार मेले का प्रसारण अलग अलग जगह पर चार से अधिक एलईडी स्क्रीनों पर किया जा रहा है । तो सुरक्षा के लिहाज से 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से मेले की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
वही रविवार को नित्य पूजा-क्रम के बाद श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन महंत जी श्री देवेंद्र दास जी महाराज जी ने संगतों को दर्शन दिए। वे लगातार मेले के कुशल संचालन के लिए मेला प्रबंधन और संगतों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे है।


वही झंडे जी मेले के लिए दरबार साहिब के पास सहित श्री राम मंदिर, शिव मंदिर व राधाकृष्ण मंदिर के आसपास मेले की रेहड़ी-पटरी लग गई है। पूजा पाठ की सामग्री समेत खिलौने, साज-सज्जा के सामान, खानपान उत्पाद आदि की स्टॉलें भी लग चुके है। और दर्शनी गेट ,बाज़ार की तरफ दुकाने सज चुकी है ।


तो श्री गुरु राम राय दरबार साहिब से लेकर लगभग 10 किलोमीटर तक हर तरफ श्रदालुओ के लिए लगर की व्यवस्था है।

 

हर तरफ श्रदालुओ को देखा जाए तो वे अपनी बारी काइंतज़ार कर रहे है और फिर श्री महंत जी से आशीष ले कर खुद को धन्य मान रहा है। आस्था के इस महा मेले मे श्रदालुओ की अद्भुत भक्ति देख हर कोई बस यही कहता नज़र आ रहा है कि गुरु महाराज जी से जो मागा वो मिला और मिल रहा है ।आप भी बोलो गुरु महाराज जी की जय, बोलो श्री महंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी की जय।


वही आपको बता दे की इस बार पंजाब के गांव सिमली तहसील गढ़शंकर होशियारपुर निवासी केसर सिंह पुत्र तेज सिंह सोमबार को यानी 25 मार्च को दरबार साहिब में झंडे जी को दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। कई दशकों के लंबे इंतजार के बाद गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य उनको प्राप्त हुवा है जिससे केसर सिंह के परिवार में खुशी है।

श्री गुरु राम राय जी ने की थी मेले की शुरुआत

आपको बता दें कि श्री गुरु राम राय महाराज जी का पर्दापण (देहरादून आगमन) सन् 1676 में हुआ था। गुरु महाराज ने श्री दरबार साहिब में लोक कल्याण के लिए एक विशाल झंडा लगाकर लोगों को इसी ध्वज से आशीर्वाद प्राप्त करने का संदेश दिया। इसी के साथ श्री झंडा जी साहिब के दर्शन की परंपरा शुरू हो गई। श्री महाराज को देहरादून का संस्थापक कहा जाता है। गुरु राम राय महाराज सिखों के सातवें गुरु हर राय के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनका जन्म होली के पांचवें दिन वर्ष 1646 को पंजाब के जिला होशियारपुर (अब रोपड़) के कीरतपुर में हुआ था।


शुक्रवार सेे गिलाफ  सिलने का काम रविवार तक पूरा हो चुका है लगातार श्रदालु महिलाएं गिलाफ  तैयार करने के काम में दिन ओर रात जुटी हुईं थी ।
आपको बता दे कि झंडे जी पर तीन तरह के गिलाफों का आवरण होता है। सबसे भीतर की ओर सादा गिलाफ  (मारकीन गिलाफ), मध्यभाग में शनील का गिलाफ , सबसे बाहर की ओर दर्शनी गिलाफ  चढ़ाया जाता है

 

वही झंडे जी के मेले में हर बार की तरह इस बार भी विदेशाी संगतें आकर्षण का केंद्र है।
मेले में कनाडा, अमेरिका, यूके, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी आदि देशों से संगतें पहुंच चुकी है।

 

क्यों मनाया जाता है झंडा जी का मेला ?

श्री गुरू रामराय जी महाराज एक करामाती कर्ता पुरूष थे उन्होंने 16वीं सदी में देहरादून की धरती पर आकर इसे कर्मस्थली बनाया कहा जाता है कि जब श्री गुरूरामराय जी महाराज ने यहां डेरा जमाया था तब से ही यहां का नाम देहरादून पड़ा था आज तक गुरू कृपा की भक्ति में लोग गोते लगाते हैं प्रत्येक वर्ष होली के पांचवें दिन उनकी स्मृति में झंडे जी के मेले का आयोजन किया जाता है। ये मेला श्री गुरूरामराय जी की याद और सच्ची श्रद्धांजलि के तौर पर उनके जन्म दिवस के रूप मे विश्वविख्यात है।  श्री गुरूरामराय जी के अनुयायियों में श्रद्धा और भक्ति की गंगा लगतार आज भी बह रही है। इसका प्रमाण हर साल होली के पांचवें दिन झण्डे जी के मेले में उमड़ती भीड़ से मिलता है। श्री गुरूरामराय जी महाराज ने सेवा की कई मिसालें पेश की हैं व उदासीन सम्प्रदाय के महान योगी श्री गुरू राम राय जी महाराज ने जीवन में कई चमत्कार किए हैं और अपना सम्पूर्ण जीवन जनसेवा में लगा दिया। झण्डा जी का मेला भारत के प्रमुख मेलों में शुमार है। श्री गुरू राम राय जी की कर्मस्थली दरबार साहब की पावन भूमि पर हर साल लाखों लाख श्रद्धालु एकत्र होते हैं ये झण्डे जी का मेला श्री गुरू राम  राय जी के अवतरण होने की खुशी में मनाया जाता है। श्री गुरूराम राय दरबार साहिब के 400 साल पुराने इतिहास में हर साल श्री गुरू राम राय जी की स्मृति में झण्डे जी के मेले में हमारी संस्कृति समाहित रहती है। दुधली जंगल से लाई जाने वाले झण्डे जी हर तीन साल बाद बदले जाते हैं जिनकी लंबाई  96 फुट से लगभग  108 फुट तक होती है। 10वें और वर्तमान श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज जी ने झण्डे जी के मेले के आयोजन को सर्वोच्च वरीयता दी है। झण्डा आरोहण के समय का दृष्य बहुत आकर्षक और रमणीय होता है। लाखों लाख श्रद्धालु झण्डा साहिब के दर्शन के लिए एकत्रित रहते हैं ओर आपको कहीं पर भी पांव रखने की जगह तक नहीं मिलती।

अपने गुरु श्री महंत जी का आशीर्वाद पाकर धन्य हो रही है देश विदेश से आई संगते।

श्री गुरु राम राय दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज जी ने श्री झंडा जी मेला की पूर्व संध्या पर संगतों को गुरुमंत्र दिया। गुरु मंत्र पाकर संगत धन्य-धन्य हो गई। संगत ने गुरुमंत्र को आत्मसात करते हुए श्री झंडा साहिब और श्री गुरु महाराज जी का आशीर्वाद लिया। महाराज ने गुरु महिमा के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, उसे पृथ्वी पर ही स्वर्ग की अनुभूति मिल जाती है। उन्होंने सामाजिक कुरितियों जैसे कन्या भ्रूण हत्या, नशा, दहेज प्रथा, पर्यावरण जल संरक्षण के लिए जागरूक किया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान की अपील


श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज जी ने श्री संगत को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आप सभी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें। जिससे एक स्थिर व सशक्त सरकार बन सके। मेले हमारी विरासत, हमारी धरोहर
श्री महाराज जी ने कहा कि मेले हमारे देश की विरासत व धरोहर हैं।

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