शहीद जवान प्रदीप रावत का पार्थिव शरीर पहुचा दून सीएम ने दी श्रदांजलि कहा सरकार उनके परिवार के साथ

देव भूमि के लाल लिए शहीद जवान प्रदीप रावत का  पार्थिव शरीर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुचा। उसके बाद उनके  पार्थिव शरीर को   उनके घर ले जाया गया उनके घर पर कोहराम मचा हुवा है तो एक पिता किसी तरह से अपने दर्द को छुपाते हुए परिवार को संभाल रहे है।

आपको बता दे कि
देश के लिए इस परिवार में अपना एक इकलौता चिराग ओर अपनी आँखों का तारा लाडला बेटा को खो दिया है जो भारत माता की रक्षा के लिए शहीद हो गए शहीद जवान प्रदीप भाई के बचपन से लेकर अब तक के सभी साथी भी गम के सागर मे चले गए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के साथ कही नेताओ ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर शहीद जवान प्रदीप भाई रावत को भावभीनी श्रदांजलि दी और सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने उनके पिता को हिमत रखने को कहा । 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी सरकार शहीद जवान प्रदीप भाई रावत के परिवार के साथ खड़ी है और अभी पिछले दिनों से लगातार देवभूमि के लालो की शाहदत की ख़बर जहा दिल में पीड़ा कर जाती है तो साथ ही हमको नाज़ है इन वीर जवानों के परिवार पर ओर इन जवानों पर जो देश सेवा से बढ़कर कुछ नही समझते । 

आपको बता दे कि आतंकियों से लोहा लेते हुए रविवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश का एक ओर नोजवान देश के लिए शहीद हो गया। उनके शहादत की खबर मिलने के बाद उनके पूरे परिवार में मातम छा गया है। साथ ही उनके गांव में सन्नाटा पसर गया है। आपको बता दे कि 28 वर्षीय प्रदीप रावत 2 मार्च को छुट्टी बिताकर वापस अपनी ड्यूटी पर जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर चले गये थे। 

जानकारी अनुसार रविवार सुबह ही प्रदीप ने अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की थी और घर का हालचाल जाना था। लेकिन परिजनों को क्या पता था कि वह अपने बेटे से आखिरी बार बात कर रहे हैं। प्रदीप रावत 3 बहनों में इकलौते भाई थे। 1 साल पहले ही प्रदीप की शादी हुई थी और उनकी पत्नी 7 माह की गर्भवती है। शहीद का परिवार मूलरूप से बैराई गांव दोगी पट्टी टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है।


अभी हाल ही मे ऋषिकेश के तीन जवान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इस शहादत की खबर जैसे ही प्रदीप के घर पहुंची तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। इसके अलावा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि शहीद के पिता कुंवर सिंह और उनके दो चाचा आर्मी से रिटायर हैं।

बहराल लगातार उत्तराखंड़ के लाल शहीद हो रहे है जिससे हर उत्तराखंडी के आंखों मे आँसू ओर दिलो दिमाग मे अब गुस्से की झलक दिखने लगी है उनका सिर्फ यही कहना है कि जवान चाहे देवभूमि के शहीद हो रहे है या अन्य राज्यों के पर है तो वो सब भारत माता के वीर सिपाही फिर क्यो पीएम मोदी क्यो कोई एक्शन नही लेते । कोई बड़ा कदम क्यो नही उठाते हम कब तक अपने जवानों को खोते रहेगे ।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट में भारतीय सेना के शहीद जवान प्रदीप सिंह रावत के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं दुख की इस घड़ी में उनके परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को ढाँढस बँधाते हुए उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शहीद प्रदीप रावत के परिवार के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर राजकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान की जायेगी।
ज्ञातव्य है कि शहीद जवान दीपक रावत 04 गढ़वाल राइफल में लांसनायक के पद पर जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में तैनात थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here