सतपाल महाराज जी डूब रहे है साढे तीन करोड़ रुपए जल्द बचा लो इनको डूबने से !

Ratan Negi                                                          राज्य की सभी सरकारे भले ही उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाने का सपना देखती हो और खूब वादे ओर बड़ी बात भी करती हो पर सच तो ये है कि यहा कि सरकारे बिना केंद्र की मदद के एक कदम खुद भी आगे नही बढ़ सकती है कही उदाहरण आपके सामने है जिनमे से एक है
सालों से अधर में लटका पर्यटन विभाग के प्री-फेब्रिकेटेड पर्यटक आवासीय गृह का काम जो अधर मे लटका हुवा है और साढ़े तीन करोड़ खर्च होने के बाद अब ये रुपैया बर्बाद होता दिखाई दे रहा है आपको बता दे कि   

उत्तरकाशी मे करोड़ों रुपयो की लागत से भैरोंघाटी में बन रहा प्री-फेब्रिकेटेड पर्यटक आवासीय गृह आज भी आधे-अधूरे निर्माण कार्य के चलते लगातार जर्जर होता जा रहा है पर इस ओर पर्यटन विभाग का कोई ध्यान ही नही आपको ये भी बता दे कि राज्य के पर्यटन विभाग ने लगभग साढ़े तीन करोड़ रूपए खर्च किये तब जाकर आवासीय गृह का स्ट्रक्चर खड़ा हो सका ख़बर है कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर देख रही है कि कब रुपैया आये जी हा आपको बता दे कि केंद्र सरकार से आवासीय गृह के निर्माण के लिए दूसरी किश्त आज तक नहीं मिली है जिसके कारण निर्माण कार्य रुका गया है। ओर उत्तरकाशी जिले मे आने वाले पर्यटकों को जब भी इस आधे निर्माण को देखते है तो लोगो से यही कहते है को भाई कब तक बनकर तैयार होगा ये अब तो आपके राज्य मे बीजेपी की सरकार है जल्द बनवाओ इसको         

दरसल मे बात ये है कि इस
अधूरा पड़ा प्री-फेब्रिकेटेड पर्यटक आवासीय गृह का सबसे बड़ा कारण ये है कि
केंद्र सरकार के योजना आयोग से मिले बजट से गंगोत्री हाई वे पर भैरों घाटी के पास आधुनिक सुविधाओं वाले एक प्री-फेब्रिकेटेड आवासीय गृह का निर्माण होना था। पर साल 2015 के बाद से ही इस अवासीय गृह का निर्माण कार्य अधर में लटका है। जिसका कारण योजना आयोग के बन्द होते ही नीति आयोग के असतित्व में आना, है जिसके कारण आजतक इसके पूरे निर्माण के लिए दूरी किस्त जारी नहीं हो पाई है।
ओर ना ही हमारे पर्यटन अदिकारियों ने आगे कोई कागज़ चलाये बस काम बंद तो बंद ओर डुबगये समझो साढे तीन करोड़ बोलता उत्तराखंड़ बता रहा है
कि भारत सरकार योजना आयोग से पर्यटन विभाग को प्री-फेब्रिकेटेड पर्यटक आवासीय गृह निर्माण के करीब पांच करोड़ की धनराशि मिलनी थी। उस समय टोकन मनी के रूप में पर्यटन विभाग को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए मिल गए थे और उन्ही रुपयों से विभाग ने आवासीय गृह का स्ट्रेक्चर तो खड़ा कर दिया। पर आगे का काम बजट ना होने के कारण रोक दिया कारण साफ था क्योकि
भारत सरकार से रुका हुवा शेष बजट नहीं मिलने के कारण पिछले चार सालों से आवासीय गृह का अंतिम चरणों का कार्य अधर में लटका पड़ा है। ओर इस अधूरे निर्माण कार्य के चलते ये आवासीय गृह जर्जर हालत मे आ गया है
अब बोलता है उत्तराखंड की है राज्य की सरकार पिछले 4 सालों से सिर्फ डेढ़ करोड़ की वजह से ये काम रुका पड़ा है आपकी सरकार को 15 महीने हो चुके है क्या किसी पर्यटन अधिकारी ने आज तक आपकी सरकार को ये जानकारी नही दी कि कुछ रुपयों के चलते काम पूरा नही हो पा रहा है या उन्होंने आगे कोई पत्रवाली केंद्र को दी भी या नही ,या राज्य सरकार यही सोच रही है कि जब केंद से मिलेगा तब हम इस निर्माण कार्य को पूरा करेगे जो आपके पर्यटन प्रदेश के सपने की पहली सीढ़ी है हमारे पास सवाल बहुत है पर जवाब आप के कम पड़ जायेंगे बस यही उम्मीद हम करते है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जी की नज़र जल्द यहा पड़े और ये अधूरा काम पूरा हो सके नही तो फिर यही कहना होगा कि साढ़े तीन करोड़ रुपए डूब गए सतपाल महाराज जी कमिया पहले की है पर सर पर आपके ही लायी जाएगी क्योकि अब कुर्सी आपकी है इसलिये उम्मीद है आप से ओर डबल इज़न की सरकार से की जल्द ये अटके पड़े काम पूरे हो अगर केंद नही देगा बचा हुआ रुपैया तो कही और से बजट बनाकर इस काम को पूरा करे राज्य सरकार भाई सरकारी आयोजन ओर कार्यक्रम मे भी तो सरकार करोड़ों रुपैया बर्बाद करती है एक आयोजन कम कर देना काम यहा का पूरा हो जाएगा

Leave a Reply