सरकार उड़ता पंजाब ना बन जाये उत्तराखंड!

राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत लगातार प्रयास कर रहे है कि राज्य के नोजवानो को नशे से दूर रखा जाए जिसके लिए वो लगातार पुलिस महकमे को दिशा निर्देश भी देते रहते है ओर उत्तराखंड पुलिस लगातार नशे की खिलाफ जहा राज्य मे अभियान चला रही है तो वही लोगो को छात्र को छात्राओं को जागरूक भी कर रही है लेकिन फिर अगर कुमाऊं गढ़वाल से लेकर पूरे पौड़ी गढ़वाल ओर मैदान के क्षेत्रों की बात करे तो यहा नशे के सौदागरों ने अपना मकड़ जाल फैल रखा है पहाड़ के इलाकों की बात करु तो पहाड़ से तराई के लिए चरस और गांजा की तस्करी की जा रही है, तो स्मैक, हेरोइन जैसे जानलेवा मादक पदार्थ तराई से पहाड़ पर पहुंच रहे हैं। आपको बता दे की तराई -भाबर में नशीली दवाइयां व इंजेक्शन लेने के लती भी तेजी के साथ लगातार बढ़ रही हैं। राज्य की पुलिस महकमे के आंकड़े चिल्ला चिल्ला कर बोल रहे है कि कि इस वर्ष 1.79 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ पुलिस ने सात माह में पकड़े हैं। जबकि 217 मुकदमे दर्ज कर कुल 232 तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

आपको बता रहा हूँ कि देवभूमि का कुमाऊं मंडल नशे के मामले मे सबसे आगे निकलता जा रहा है सबसे अधिक नशे के लती जो ज्यादा तोर पर युवा है वो तराई से लेकर पहाड़ तक देखे जा रहे है अभी तक सिर्फ बागेश्वर को छोड़कर कुमाऊँ के हर जिले से पुलिस ने स्मैक बरामद की है जो कही और से नही बल्कि ये स्मैक बहेड़ी, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिलासपुर से तस्करी कर पहले तराई फिर तराई से पहाड़ तक पहुंच रही है। ओर यही कारण है कि चरस के नशे के लती तो राज्य के युवा हो रहे हैं। सुनकर आपको ताजुब होगा कि सात माह में सिर्फ कुमाऊँ मंडल की पुलिस 42 किलो से अधिक चरस बरामद कर चुकी है। तो सोचो पूरे राज्य का क्या हाल होगा? और जो अभी भी चोरी नशे को बेच रहे है ।उनके पास ना जाने कितनी मात्रा मे ये नशा मौजूद होगा।
आंकड़े बोल रहे है कि चरस सबसे अधिक ऊधम सिंह नगर जिले से बरामद की गई है। जबकि इस जिले में स्मैक की पैदावार नहीं होती है। ओर सब जानते है कि चरस या गाजा के पेड़ हमारे पर्वतीय जिलों में ही पैदा होते हैं। ऊधम सिंह नगर पुलिस कोकीन, डोडा, अफीम, नशीली गोलियां, कैप्सूल, इंजेक्शन गांजा, हेरोइन, भांग की तस्करी होने का खुलासा कर तस्करों को कही बार पकड़ चुकी है। वही जानकारी अनुसार मालूम चलता है कि नेपाल से पहुंच रही है चरस की खेप आपको बता दे कि कुमाऊं में पिथौरागढ़ व चम्पावत जिले की सीमा नेपाल से बिल्कुल सटी है।   
चरस के लती लोगों की संख्या को देखते हुए तस्करों ने नेपाल से भी चरस लानी शुरू कर दी है। क्योकि ये धन्दा गन्दा तो है पर मंदा नही ओर उनको मुनाफा भी बहुत होता है इसलिए तस्कर इस काम मे जूट हुए है और कुछ गरीब मज़बूर लोगो को फसा कर लालच देकर उन्हें भी अपने साथ जोड़ लेते है पिथौरागढ़, चम्पावत ओर ऊधम सिंह नगर जिले की पुलिस नेपाल से चरस तस्करी का खुलासा कर बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बावजूद तस्करी बंद नहीं हुई है।
कुछ नज़र आंकड़े पर डालते है जनपद वार बरामद मादक पदार्थ
अल्मोड़ा
चरस 3.197, स्मैक 0.005 गांजा, 193.166, मुकदमे 15, गिरफ्तार 20, कीमत 1053248।

बागेश्वर
चरस 2.062, मुकदमे 1, गिरफ्तार1, कीमत 206200।

पिथौरागढ़
चरस 2.950, स्मैक 0.008, मुकदमे 4, गिरफ्तार 4, कीमत 355000।

चम्पावत
चरस 12.074, स्मैक 0.043, हेरोईन 0.007, मुकदमे 21, गिरफ्तार 21, कीमत 1446900।

नैनीताल
चरस 6.378, स्मैक 0.109, गांजा 33.595, मुकदमे 44, गिरफ्तार 49, कीमत 897075।

ऊधम सिंह नगर
चरस 15.388, स्मैक 0.543, डोडा 17.670, नशीली गोली 41116, नशीले कैप्शूल 294, नशीले इंजेक्शन 26366, गांजा 51.460, हेरोईन 0.675, अफीम 4.232, कोकीन 0.500 मुकदमे 132, गिरफ्तार 137, कीमत 13883564।

ओर अभी हाल मे ही राज्य की कुमाऊँ पुलिस ने 1.63 करोड़ रुपये की शराब भी पकड़ी है सरकार अपने कुमाऊं में तो शराब की तस्करी भी लगातर बढ़ रही है । आबकारी मंत्री जी आपको बता दे कि गांव-गांव ओर छोटे-छोटे कस्बों में खुलेआम देसी-विदेशी शराब की अवैध रूप से बिक्री भी खूब ही रही है ।जानकारी अनुसार आइजी कार्यालय के रिकार्ड बोल रहे है कि सात माह में 1.63 करोड़ कीमत की करीब 84 हजार बोतल शराब तस्करी करते पुलिस के हत्थे चढ़ी। ओर अपने कुमाऊँ मे जुलाई के महीने तक शराब जानकारी अनुसार शराब की तस्करी के कुल 1341 मामले दर्ज कर 1448 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है ।
ख़बर है कि शराब तस्करी के सबसे अधिक 987 मामले ऊधम सिंह नगर जिले में पंजीकृत हुए। जबकि नैनीताल में 151, चम्पावत में 44, पिथौरगाढ़ में 51, बागेश्वर में 15 व अल्मोड़ा जिले में 93 मामले पंजीकृत हुए हैं।
आइजी पूरन सिंह रावत कहते है कि नशा मुक्त समाज बनाना पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। ओर मादक पदार्थो की तस्करी रोकने के लिए सभी जिलों के कप्तानों को विशेष अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया गया है। लगातार सफलता भी पुलिस को मिल रही है। तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है।

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