उतराखंड मे मौसम लगातार अब नए रिकॉर्ड बना रहा है। आपको बता दे कि नवंबर के पहले सप्ताह में बारिश होने के बाद अब लगभग दस वर्षों के तापमान का रिकॉर्ड टूटा है। ओर अधिकतम तापमान दस वर्ष बाद 13 नवंबर 18 को सबसे कम रहा।
वर्ष 2008 से लेकर वर्ष 2017 तक 30.3 डिग्री सेल्सियस से लेकर अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस तक रहा है। वर्ष 2012 में अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वर्ष 2016 में 31.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान था। नवंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम ने फिर मिजाज बदला जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
अधिकतम तापमान डिग्री सेल्सियस में
2018 25.8 (13 नवंबर)
2017 30.5 (04 नवंबर)
2016 31.6 (03 नवंबर)
2015 30.5 (01 नवंबर)
2014 30.0 (09 नवंबर)
2013 28.6 (28 नवंबर)
2012 29.0 (04 नवंबर)
2011 29.9 (09 नवंबर)
2010 30.1 (07 नवंबर)
2009 31.4 (02 नवंबर)
2008 30.3 (08 नवंबर)
मौसम के अचानक मिजाज बदलने के कारण दोपहर में ठंड का एहसास हुआ। मंगलवार को सुबह से ही धूप हल्की थी। दिन चढ़ने के बाद भी धूप हल्की होने के कारण ठंड का एहसास हुआ। दोपहर बाद आसमान पर बादलों ने डेरा डाल दिया। बादल छाए रहने के कारण ठंड में इजाफा हुआ। दोपहर में भी लोग स्वेटर और जैकेट में दिखाई पड़े।
अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। दूसरी ओर मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 16.8 और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा।
वही मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात, निचले इलाकों में बारिश हो रही है
मंगलवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली। मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर हिमपात जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। जिला मुख्यालय सहित जनपद के अन्य हिस्सों में भी सुबह बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए रहे। मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, छिपलाकेदार, नागनीधूरा और सिदमखान में बर्फबारी हुई। निचले इलाकों में झमाझम बारिश हुई।

ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश से ठंड में बढ़ोतरी हो गई है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं। धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भी लगातार बर्फबारी हो रही है।
मंगलवार को पिथौरागढ़ का अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मुनस्यारी का अधिकतम 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उधर, चंपावत और आसपास कें कुछ स्थानों में मंगलवार को तेज बारिश हुई। बारिश के दौरान नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। बारिश के साथ कुछ स्थानों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई।
इस बारिश को लेकर किसानों के चेहरे भी खिल गए। लंबे समय से बारिश नहीं होने से किसान गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा प्याज और लहसुन के लिए भी बारिश अच्छी हो गई है। बहराल बदलता मौसम और होती बारिश से किसानों को लाभ मिलना तय है । तो इस समय आपको अपने ओर अपनो के स्वास्थ्य का ख्याल रखने की भी जरूरत है क्योंकि आपकी थोड़ी सी भी लाहपरवहाई आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकती है ।



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