मी-टू प्रकरण : उत्तराखंड भाजपा के पूर्व सगठन मंत्री संजय कुमार की बढ़ सकती है मुश्किल, सुप्रीम कोर्ट तक पहुची पीडित ।

ख़बर दिल्ली से आ रही है कि मी टू प्रकरण में फंसे उत्तराखंड भाजपा के पूर्व सगठन मंत्री संजय कुमार की मुश्किलें अब बढ़ सकती है। सूत्र बोल रहे है कि पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में इस प्रकरण की जांच को लेकर पत्र दायर किया। जिससे सुप्रीम कोर्ट ने पीआईएल के तौर पर स्वीकार भीब कर लिया है। जिसके चलते आगे उत्तराखंड भाजपा के पूर्व सगठन मंत्री संजय कुमार की मुश्किल बढ़ सकती है।
ख़बर है कि पिछले काफी समय से मी टू प्रकरण में सुस्त लापरवाही के आरोप पीड़िता द्वारा लगाए जा रहे थे। लेकिन खबर है कि पीड़िता के पत्र को पीआईएल के तौर पर स्वीकार किए जाने से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस प्रकरण में तेजी आ सकती है।

क्या था मामला

उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज छेड़छाड़ के मुकदमे में अब दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी गई है। आरोप लगाने वाली युवती ने शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए। जिसके बाद मुकदमे में धारा बढ़ाई गई है। अब संजय कुमार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। साथ ही विवेचक पीड़िता के साथ घटनास्थल का निरीक्षण भी करेंगी।

भाजपा नेता संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद पांच जनवरी को सियासी गलियारे में हलचल तब और बढ़ गई, जब पीड़िता ने जांच अधिकारी तत्कालीन एसपी ग्रामीण सरिता डोबाल के समक्ष बयान दर्ज कराए। इसी रोज संजय कुमार के खिलाफ शहर कोतवाली में छेड़छाड़, लज्‍जा भंग और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया था।
मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते महिला हेल्पलाइन की प्रभारी ज्‍योति चौहान को विवेचना सौंपी गई। इसके तीन दिन बाद यानी आठ जनवरी को पीड़िता ने विवेचक के समक्ष बयान दर्ज कराए। कानूनी पहलू से बयान को मजबूती देने के लिए दोबारा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने की जरूरत थी, लेकिन पीड़िता यह कह कर आने में टालमटोल करती रही कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है।

हालांकि विवेचना आगे बढ़ाने के लिए मजिस्ट्रेटी बयान की बाध्यता भी नहीं थी, लेकिन फिर भी पुलिस का प्रयास था कि पीड़िता कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए। ऐसे में दस दिन बाद शनिवार को पीड़िता अचानक देहरादून पहुंची और विवेचक से संपर्क कर मजिस्ट्रेटी बयान के लिए खुद को तैयार बताया। इसके बाद अभिलेखीय औपचारिकता पूर्ण कराने के बाद विवेचक उसे लेकर कोर्ट पहुंचीं, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने संजय कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाए जाने की पुष्टि की है।
यह है मामला
लगभग 10 महीने पहले एक युवती ने भाजपा के पूर्व महामंत्री संगठन संजय कुमार पर फोन पर अश्लील बात करने और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी पर लगे इन आरोपों से सियासी हलके में तूफान खड़ा हो गया था और आनन-फानन में संजय कुमार को पद से हटा दिया गया था युवती की ओर से इस मामले में एसएसपी निवेदिता कुकरेती को ई-मेल के जरिये तहरीर भेजी गई थी। जिसे संज्ञान में लेकर एसएसपी ने एसपी ग्रामीण को जांच सौंपी थी।
: जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर दिया गया था बता दे कि
उत्तराखण्ड मैं भाजपा के पूर्व सगठन मंत्री ओर नेता संजय कुमार के खिलाफ पार्टी की ही एक महिला कार्यकर्ता ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था जानकारी अनुसार
लगातार हो रहे विरोध के बाद जब मामला आला हाई कमान तक पहुंचा, तो उन्‍हें उनके पद उत्तराखंड इकाई के महासचिव से पद से हटा दिया गया था। वही पीडि़ता का कहना था के पिछले कुछ महीने से पार्टी के पदाधिकारियों के आगे उसने इंसाफ की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। ये पीड़िता भाजपा प्रदेश कार्यालय में काम करती थी वहीं पर इसका परिचय पूर्व भाजपा के सगठन मंत्री संजय कुमार से हुआ था। महिला कार्यकर्ता ने संजय के खिलाफ अनावश्यक रूप से फोन करने, अश्लील चैटिंग और अनुचित हरकतों के आरोप लगाए थे।
जिसके बाद मामला तूल पकड़ते भाजपा ने संजय कुमार को तत्काल पद से हटा दिया था
ओर देहरादून मैं पीडिता की शिकायत पर अलग अलग धराओ मैं मुकदमा दर्ज कर दिया था।



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