सड़क पर जन्मा नवजात पहाड़ की मात्र शक़्ति को धन्यवाद पढ़े पूरी रिपोर्ट

पहाड़ को बचाने वाली है पहाड़ कि मातृशक्ति इनकी ज़िन्दगी खुद दुखो से भरी पड़ी है पर दुसरो को ये ज़िंदगी खुसी ख़ुशी देती है खुद रूखा सूखा खाती है पर इनके घर पर आप चले गए तो आपके लिए उस भोजन का इंतज़ाम करती है जिसे खुद ये साल मे एक बार खाती है इनके वोट से बनती है सूबे की सरकार क्योकि राज्य की आधी आबादी इनमें समाती है फिर भी ये उपेक्षा का होती है शिकार ओर अपनी पीड़ा भूल सबका देती है साथ उस मात्र शक़्ति को बोलता उत्तराखंड़ की पूरी टीम का कोटि कोटि प्रणाम की माँ तेरा ये ऋण बार बार जन्म लेकर भी हम चुका  ना पायेगे    आज बात जाेशीमठ हेलंग उर्गम कल्पेश्वर माेटर मार्ग की है जो बारिश के चलते जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो रखा है और ये कोई नई बात नही हर बरसात मे यही हाल होता है आपको बता दे पंचकेदाराें में प्रमुख कल्पेश्वर धाम आनें वाले शिवभक्ताें के अलावा कल्पघाटी के लाेगाें काे भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है रविवार को उर्गम घाटी के देवग्राम निवासी प्रेम प्रकाश अपनी पत्नी काे प्रसव करानें के लिये जाेशीमठ ला रहे थे ।             लेकिन सड़क खस्ताहाल और जगह जगह पर बंद हाेने के चलते महिला नें बीच रास्ते में ही बच्चे काे जन्म दे दिया। ऊपर वाले की किरपा रही कि गांव की कुछ महिलायें उस समय महिला के साथ माैजूद थी जिन्हाेंने समय पर सही तरह से सड़क पर ही महिला की डिलीवरी करा उसे नया जन्म दिया। माँ और बच्चे दोनों सुरक्षित है          आपको बता दे कि यह माेटर मार्ग पिछले कई दिनाें से बरसात के चलते क्षतिग्रस्त है,वाहनाें की आवाजाही भी इससे बाधित है, सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर सिंह नेगी नें बताया कि उर्गम घाटी में प्रसव केन्द्र की व्यवस्था नही हाेने से घाटी की महिलाओं काे काफी कष्ट उठाना पड़ता है,दूसरी तरफ मार्ग बंद हाेनें के बाद भी गांव की महिला शक्ति की वजह से आज समय पर हमारे गांव की इस महिला का प्रसव हाे गया और इसे नई जिन्दगी मिली है।          लोगो ने सवाल खड़ा किया कि कल्प घाटी के विकास के लिये आखिर काेंन आगे आयेगा। उर्गम माेटर मार्ग काे शीघ्र दूरस्त करने की माग की गई एक बार फिर पहाड़ की नारी शक़्ति को बहुत बहुत धन्यवाद उन्होंने फिर एक माँ और उसके नवजात को नई जिंदगी दी

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