देवी देवताओं की भूमि उत्तराखंड जहा विराजमान है भगवान बद्री,केदारनाथ, मॉ गंगोत्री ,यमनोत्री ओर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून जिसका नाम श्री गुरु राम राय महाराज जी के डेरा डालने से ही यहा का नाम देहरादून पड़ा।

वर्तमान मे गुरु राम राय एजुकेशन मिशन हो या गुरु राम राय ट्रस्ट, या फिर गुरु राम राय एजुकेशन मिशन , मेडिकल कॉलेज ।इस छोटे से 13 जिलो के राज्य मे लगभग आज मिशन के विभन्न विभन्न कामो के जरिये 50 हज़ार से अधिक  लोगो को रोजगार दे रहा है।

और इसी कड़ी मे दरबार साहिब अब 5 हज़ार लोगो को ( बेरोजगार, गरीब, पड़े लिखे नोजवानो ,ओर जो कम पढ़े लिखे है ) उनको रोजगार देने की मुहिम मै जुट गए है।
ओर इसके लिए अब दरबार साहिब कुछ बड़े कदम उठाएगा जिसमे सबसे पहले देहरादून शहर के बीचों बीच श्री दरबार साहिब की सम्पत्तियां , दुकानों व मकानों को अब नए सिरे से सवारने जा रहा है ओर दरबार साहिब की पूरी प्रबंधक कमेटी की टीम इस कार्य को देख रही है  लगभग 750 दुकाने , मकान का कायाकल्प अब होना तय है । आपको बता दे कि
आज से सालो साल पहले तात्कालीन ब्रहमलीन श्री महंत लक्ष्मण दास जी महाराज ने बिट्रिशकालीन भारत मे ये मार्केट गरीब ,बेरोजगार लोगो के लिए स्थापित किया था।
लेकिन अब 100 साल से अधिक साल होने के कारण इस बाजार के हालात ( दुकाने ) जर्जर हो चुके है
ओर इसी वजह से अब दरबार साहिब की प्रबंधन कमेटी इस बाज़ार की एक ओर दो मंजिला भवन , दुकानों को गिराकर नए सीरे से मानकों के अनुसार 5 से 8 मंजिला शापिंग कॉम्लेक्स बनाने जा रहा है ।जिसके बेसमेंट मै बड़ी पार्किंग, शोचालय , स्टोर, बनाकर महत्वपूर्ण जगह को बचाकर , सिस्टम से काम किया जाएगा। आधुनिक तकनीक से निर्माण कराया जाएगा।


ओर जब ये सब होगा तो 5 हज़ार से अधिक लोगो के लिए रोजागार के रास्ते अपने आप निकल आएंगे।
ओर गुरु राम राय महाराज जी के आशीर्वाद से इस प्रकार दुकानदार भाइयो की आय के साथ साथ व्यापार भी खूब बढेगा। क्योकि इस बाज़ार मे ग्राहक को सबसे बड़ी समस्या जो पार्किंग है उससे जूझना पढ़ता है और जब सभी को पर्याप्त पार्किंग की सुविधा मिल जाएगी तो हर कोई इस बाजार की ओर रुख करेगा। ओर बाजार भी स्वस्छ ओर साफ रहेगा।
लेकिन ख़बर है कि आज इस बाज़ार के अंदर कुछ अधिक महत्वकांक्षी दुकान दारो ने सड़क के बाहर की जगह पर भी कब्ज़ा कर लिया है। नालिया बंद हो चुकी है। जाम के झाम से जनता परेशान रहती है। और पार्किंग नाम से तो कुछ है ही नही जिसकी वजह से सड़के सुबह 10 बजे से स्याम 8 बजे तक जाम ही रहती है। इन सभी बातों को प्राथमिकता में रख दरबार साहिब की कमेटी ने यह फैसला लिया हे की अब न ही दरबार साहिब की जमीनों और दुकानों पर हो रहे कब्जों को बर्दास्त किया जायेगा और न ही बाजार में जाम का झाम लगा रहेगा नई योजना यह हे की सभी मार्केट को व्यवस्थित व नियमानुसार मानकों के अनुसार उनका नए सिरे से विकास किया जाए क्यूंकि यह बाजार सो साल पुरानी स्थति के हिसाब से हे ओर उस दौरान सड़कें चौड़ी थी और आबादी भी सीमित थी लेकिन आज सब बदला बदला हे, कह सकते हैं की उन्नीसवीं सदी का बाजार इक्क्कीसवीं सदी में चल रहा हे जो आज के समय अनुसार अनुकूल नहीं। गौरतलब हे की गुरु राम राय महाराज जी के आशीष से दरबार साहिब की लगभग 750 दुकानों में से कई बड़े दूकानदार आज करोड़पति बन गए हैं और कई दुकानदार भाई लोग बड़े बड़े व्यवासियक संस्थानों के मालिक हे तो कही आज पेट्रोल पंम्प चला जा रहा हे तो कोई रियल स्टेटस के कारोबारी हैं और कई लोग छोटे से बड़े होटलों के मालिक हे।ओर इनमें से अधिकांश व्यापारी श्री दरबार साहिब, गुरु राम राय महाराज जी मै आस्था रखते हैं और इक्कीसवीं सदी के लिहाज से , ( आज की किराया दर अनुसार )दरबार साहिब को उनकी जगह का किराया भी देने को तैयार हैं और समय समय पर सेवा भाव से हर संभव मदद भी करते हैं लेकिन आज कुछ व्यापारी इस कदर महत्वकांक्षी ,लालची ,और अहंकारी हो गए की जो स्वयं तो आज के लिहाज से न तो दरबार साहिब की कमेटी को न उचित किराया देने को तैयार हैं और जो देना भी चाहते हैं तो उनको भी हड़काया धमकाया जाता हे।
यही नही कुछ तथाकथित पत्रकारों के द्वारा दरबार साहिब ,  की छवी भी  खराब करने  का षड्यंत्र भी लगातार किया जा रहा हे ।ख़बर है कि दरबार साहिब की सम्पति की लगभग 750 दुकानों में से 50 फीसदी व्यापारी भाई लोग लगभग दो साल से किराया नहीं जमा करा पाए हैं जिससे वह व्यापारी भाई लोग भी आत्मग्लानि का शिकार हैं क्यूंकि वो धार्मिक संस्था या ट्रस्ट के पैसों पर कुंडली मारकर बैठना उन्हें पसंद नहीं लेकिन कुछ अधिक महत्वकांक्षी व्यपारियो के भड़कावे के कारण वह अभी संकोच में हे की आखिर करें तो क्या करें क्यूंकि वो व्यापारी जानते हैं की ट्रस्ट की जमीन हो या दूकान या मकान, ट्रस्ट अपनी जरूरतों के अनुसार, नियम अनुसार अपनी अनदेखी को देख अपनी जगह को वापस लेने का अधिकार रखता हे। ख़बर हे कि समय समय पर दरबार साहिब की कमेटी के लोगों के साथ उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यापारी और नेताओं की कई दौर के बैठकें हो चुकी हैं, मीटिंग हो चुकी है , जिसमे बहुत से व्यापरियों का कहना था की नोटबंदी जीएसटी व आज के समयानुसार बन रहे मॉल से भी दरबार साहिब की दुकानों में व्यापार करने वाले व्यापारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा ।माना जाता है कि इस बाजार पर और झंडे साहिब से लगभग सटी 1000 बीघा से अधिक क्षेत्र तक फैली जगह पर गुरु रामराय जी की कृपा सदैव रहती हे।
मगर दरबार साहिब की कमेटी के बताने पर चौकाने वाली बात ये निकलकर आ रही है कि इन लगभग 750 दरबार साहिब की दुकानों का किराया दरबार साहिब ट्रस्ट में किराए के नाम पर पूरा एक महीने में पांच लाख भी नहीं आ पा रहा। जिसको आज के हिसाब से लगभग , हर दुनकानदार के व्यापार को भी देखा जाए , तो कम से कम 25 से 30 लाख तक का किराया ट्रस्ट को मिलना चाहिए।जो नही मिल रहा है।
जिससे दरबार साहिब प्रबंधन कमेटी के पूरी टीम चिंतित और दुविधा में हे की कैसे ट्रस्ट को आगे संचालित किया जा सके ।
वर्तमान में श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज जी का आदेश हे की शिक्षा की ज्योति लगातार जलती रहनी चाहिए। ओर जितना हो सके कम से कम अन्य निजी स्कूलों के लिहाज़ा से यहा फीस कम हो।
और इसी आदेश के चलते आज देशभर में सौ से अधिक गुरु राम राय एजुकेशन मिशन के स्कूल चल रहे हैं,
वही महंत जी का आदेश हे की हर हालत में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाये जिसके चलते ट्रस्ट की कई हेक्टेयर जमीनो पर ये कार्य जारी हे।
वहीं श्री महाराज जी का आदेश और दिशा निर्देश हे की कम से कम लागत में महंत इंदिरेश अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएँ और हर जरूरतमंद और गरीब का उसके प्रमाण पत्र के आधार पर कम मूल्य पर या निशुल्क उसे स्वास्थ्या सेवाएं दी जाएँ। लेकिन ये सब काम करने वाले विभिन्न विभिन्न सेवाओं में पदों मे काम करने वाले हज़ारो की तादात में कर्मचारी हैं ।
उदाहरण एक सफ़ाई कर्मी से लेकर डॉक्टर, ओर चिकित्सा अधीक्षक तक , मेडिकल कॉलेज की फेकल्टी और एजुकेशन मिशन के स्कूलों का समस्त स्टाफ तक , ओर ट्रस्ट के अधीन कार्य करने वाले सभी कर्मचारी समय पर वेतन मांगता हे और उनको समय पर वेतन के साथ आज के लिहाज से तमाम वो सुविधाएँ मुहैया करवाई जाती हैं। जो जरुरी है।
अब ऐसे मे गुरु राम राय ट्रस्ट क्यो ना सोचे कि जहा वो हर महीने करोड़ो रुपए वेतन भत्ते, मेंटीनेंस मै खर्च कर रहा है । तो फिर क्यो ना आज की जरूरतों के हिसाब से ट्रस्ट की सम्पति ( दुकान , मकान) का उचित किराया उनको मिले या फिर एक नई आधुनकि मार्केट बनाई जाए ।जिससे ओर नए व्यापार को व्यापारियों को रोजगार मिले और जो पुराने दुकानदार भाई है वे भी अपनी प्राथमिकता के अनुसार शापिंग कांप्लेक्स मै व्यापार करे।
बूद  बूद से घड़ा भरता है जब ये सब होगा तो ट्रस्ट को भी अपनी जगह का किराया उचित मिलेगा।
ओर उस धन राशि को ट्रस्ट की जरूरतों के अनुसार उपयोग में लाया जा सकेगा।
इस बात को तमाम वो व्यापारी भाई जो दरबार साहिब के प्रति आस्था रखते हैं और वो मानते भी हैं की ये बात सही हे की किराया तो अब ट्रस्ट को इक्कीसवीं सदी के हिसाब से ही दिया जाएगा।
लेकिन सुनने में आ रहा है कि बार बार कुछ हद से अधिक महत्वकांक्षी लालची व्यापारी उन्हें धमकाकर, व्यापारी होने का रिश्ता बता कर कहतें हैं की हमारा साथ दो आपको किराया नहीं बढ़ेगा ।
जरा सोचिये की आज अगर कोई सब्जी वाला या चाय वाला भी किसी की दूकान के आगे ठेली खड़ी करता हे तो उसे दूकानदार को शाम को घर जाते समय सौ रूपये से दो सौ रूपये तक और यदि जगह और भी अच्छी हो और ग्राहकों का आना जाना लगा रहे तो तीन सौ से पांच सौ रुपये हर दिन का किराया देना पड़ता हे जो स्याद मानकों मै उस दुकानदार का अधिकार भी नही है।
अब सोचिये जिन व्यापारियों के बच्चे दस हजार से लेकर तीस हजार रुपये महीना वाले स्कूल में फीस देते हों वो महज ट्रस्ट की दुकानों का किराया पांच से सात हजार रूपये महीने तक देने को तैयार नहीं। अब इसे आप क्या कहंगे क्या आप इसे ट्रस्ट के साथ अन्याय नहीं मानते।ख़बर ये भी है कि कुछ दुकानदारो ने दरबार साहिब की दुकान को आगे किसी ओर को किराए पर दे दिया है जहा से वे 15 हज़ार से 30 हज़ार तक का किराया हर महीने वसूल करते है और खुद ट्रस्ट को किराए के नाम पर महज 500 से मात्र 1हज़ार तक का किराया दे रहे है।
जो गुरु राम राय ट्रस्ट के साथ धोखा है। यही नही अब तो ख़बर ये भी निकल कर आती रहती है कि दरबार साहिब ट्रस्ट की सम्पतियों को देखने वाली प्रबंधन समिति को भी धमकियां लगतार दी जा रही है। यही नही दरबार साहिब से जुड़े कर्मचारियों से लेकर श्री महंत जी की सुरक्षा को भी गम्भीर खतरा पैदा हो रहा है। वही मीडिया को दरबार साहिब किराया सम्पति सरक्षण समिति के चेयरमैन के सी जुयाल बताते है कि दरबार साहिब सभी 750 दुकानदर भाई लोगो के हित को समझता है ।ओर दरबार साहिब ने ईमानदार दुकानदारों , व्यापारियों के सुझाव पर ही सभी दुकानों का किराया तय किया है ।
जिसमे हर बात का ध्यान रखा गया है।
ओर यही वजह है कि अब कही दुकानदार भाई नया तय किया किराया भी देने लगे है। मगर कुछ अपने स्वार्थ को साधने के लिए अन्य दुकान दार भाई को भड़का कर षडयन्त्र रच रहे है। ओर दरबार साहिब के सेवको को धमिकया भी दे रहे है। खेर जो लोग ये सब कर रहे है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही गतिमान है जिसके परिणाम अपने समय में आजयेगे।
के सी जुयाल कहते है कि अब जो किराया तय किया गया है वो 5 साल बाद ही बढेगा।ओर वो भी व्यापारियों की सलहा ओर उस दौर के हिसाब से आपसी सहमति के अनुसार तय होगा ।ओर नुकसान मे जा रहे व्यापारियों के किराए की जांच पड़ताल के बाद उसे कम भी किया जाएगा।
ओर उनकी आय बढाने के लिए दरबार साहिब कमेटी भी समय समय पर मदद करेगी।
बहराल जितना बोलता उत्तराखंड जानता है वो ये है कि श्री दरबार साहिब ने ट्रस्ट की दुकानों और मकानों को 100 साल पहले ओर समय समय पर इस शर्त पर दिया था की आप अपने परिवार का लालन पालन करे , बड़े व्यापारी बने , ओर जब गुरु राम राय जी के आशीष से आपकी आय में बढ़त हो जाये तो आप फिर अपनी मासिक आय का कम से कम 10 फीसदी धन दरबार साहिब के रख रखाव , जनकल्याण ,व परोपकार के लिए , दरबार साहिब में सुबह से लेकर रात तक चलने वाले लंगर ओर समाजिक कार्य के लिए देगे।
पर दुःख होता है कि जहा गुरु राम राय ट्रस्ट ने जिसके लिए जो भी अच्छा सोचा ।आज उन्ही ट्रस्ट की दुकानों से , झंडे जी महाराज जी के आशीष से , गुरु राम राय की किरपा से इन लगभग 750 ट्रस्ट की दुकानों से लगभग 70 फीसदी किरायेदार व्यापारी लख पति से करोड़ पति तक बन गए है।
जिन्होंने यहा अपने व्यापार को आगे बढ़ा कर लाखो की कीमत से अपने घर बनाये, अपने बच्चों को मंहगे स्कूल मे पढ़ाया, ओर यही से कमा कर अन्य जगह नई दुकान ओर जमीन खरीद कर अपना अन्य जगह व्यापार भी खड़ा किया । आज वही कुछ लोग आज के समय अनुसार ट्रस्ट को किराया तक देने को तैयार नही।
ख़बर ये भी है कि जिस दुकानदार भाई की आय उसके व्यापार अनुसार आज भी कम है तो दरबार साहिब उसकी तकलीफ को समझता है। और उस के लिए हर संभव मदद के साथ उसका किराया कम रखेगा।।
पर जो व्यापारी रोजाना स्याम को घर जाते समय सब खर्च प्रत्येक दिन का निकाल कर 5 हज़ार से 10 हज़ार तक बचत के ले जाता है क्या वो मासिक किराया के रूप मे इस बचत का 10 फीसदी महीने में भी नही दे सकता ।जहा से कमा रहा है।? सवाल बहुत बड़ा है।
जो कुछ लोग समझ नही रहे है। इन्ही लोगो के अपने घर मे किराए में रहने वाले लोग इनको महीने के कम से कम 3 हज़ार से 15 हज़ार तक( जगह ओर व्यवस्था को देख कर) इनको दे रहे है पर ये ट्रस्ट को कुछ भी देने को तैयार नही ओर जो देगे वो 500 रुपए से लेकर 2 हज़ार तक वो भी मुश्किल से।
जो सही है या गलत ये आप ही तय करे।
हम तो सिर्फ इतना जानते है कि जिसने भी गुरु राम राय दरबार साहिब को सच्चे मन से माना और सेवा की उनका ओर उनके परिवार मै तरकी ही हुई ।और जिसने छल किया कपट किया, ट्रस्ट को नुकसान पहुचाया उनकी संपत्ति को नुकसान पहुचाया।
महज अपने भले के लिए कमीशन पर काम किया-, से मतलब ये है कि बाहर से लिया 10 रुपैया ओर ऊपर ट्रस्ट के खाते मे दिखाया 4 रुपैया या ट्रस्ट से बिल पेड कराया किसी का 50 रुपए ओर फिर उनके खाते में या केश उनको मिल गए 20 रुपए ये सब होता आया है ट्रस्ट के साथ ओर आज भी हो रहा होगा इस बात से इनकार नही किया जा सकता ।
इसलिए गुरु राम राय ट्रस्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपनी ईमानदारी ओर निष्ठा को ट्रस्ट के लिए साफ रखना होगा ।क्योकि जब वे साफ सुथरे होंगे तब ही दलालो को ओर गुरु राम राय ट्रस्ट को नुकसान पहुचाने वाले ओर षडयन्त्र करने वालो के खिलाफ नियामानुसार कार्यवाही कर सकते है।।
बोलता उत्तराखंड जानता है श्री महंत जी का उद्देश्य राज्य के लाखो युवाओ को नोजवानो को रोजगार देना है। खास कर पहाड़ मै बढ़ते पलयान को रोकना है।
जिसके लिए उन्होंने मिशन के सभी अधिकारी को दिशा निर्देश दे रखे है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा की गुडवता, ओर जैविक खेती पर पूरा फोकस हो , ताकि आगे चलकर मिशन की ओर ब्रांच खोली जाए और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जाए। गुरु राम राय ट्रस्ट, एजुकेशन मिशन, स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर , शिक्षा के क्षेत्रों मे युवाओ को जोड़ कर उन्हें रोजगार देने की सोच रखता है । ओर लगातार  रोजगार दे भी  रहा है । पर जब ट्रस्ट की जमीनों पर हो रहे कब्जे नही रुकेंगे, ट्रस्ट की दुकानों से उचित किराया नही मिलेगा। हर कोई ट्रस्ट को नुकसान पहुचा कर अपने फायदे की बात सोचेगा।
तो वो दिन दूर नही जब ट्रस्ट के खाते में कुछ नही रहेगा या बचने वाला नही ? तब जिनको रोजगार मिला भी है वो भी बेरोजगार हो जायेगे। तब आज की लिखी बात कड़वे सच की तरह सबको याद आएगी। ओर इस हालत में ट्रस्ट को भले ही दुख होगा पर आपके पास तब रोजगार नही होगा
इसलिए कहता है बोलता उत्तराखंड सब से खास कर उन से जो सेवाएं दे रहे है मिशन में की ईमानदारी से अगर आप सब काम कर रहे है तो कोई भी बढ़े से बढ़ा व्यक्ति भी ट्रस्ट को नुकसान नही पहुचा सकता और यदि आप ने ही अपने स्वार्थ के लिए कुछ गलत किया या सोचा तो ट्रस्ट का तो नही बल्कि आपका ही नुकसान तय है। गुरु राम राय जी के भक्त कहते है कि
ये सच्चा दरबार है भूल कर भी गलत ना सोचना , करना तो दूर की बात।
ओर गुरु राम राय महाराज जी उन भटके दुकानदारो को भी अक्ल दे। ओर षड्यंत्र करने वालो को भी ताकि सबका कल्याण हो।  ओर जो उचित हो ट्रस्ट के लिए भी ओर व्यापारीयो  के  लिए भी वो कार्य हो ।परिवर्तन समय की माग है  ,प्रकति का नियम ही बदलाव है इसलिए अगर नया बाजार  मार्केट विकसित होगा तो  कुछ समय के लिए  तकलीफ जरूर होगी पर आगे परिणाम सुखद  होंगे। वैसे भी  आज श्री दरबार साहिब की ऐतिहासिक  धरोहर झंडा  साहिब से  लेेेकेेर दर्शनी गेट तक फैली ये अनमोल , ऐतिहासिक , धरोहर ओर इनकी दीवारों पर बने  अदभुत चित्र बिगड़ते  पर्यावरण  की चपेट मै  आ रहे है बढ़ते   प्रदूषण  के कारण इनके रख रखाव पर भी  सकट मंडराने लगा है।

 

 



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