गंगोत्री नेशनल पार्क के केदारताल क्षेत्र में अज्ञात बीमारी से अंधी हो रही भरल (ब्ल्यू शीप) की तलाश में गई टीम मृत भरल का सिर लेकर उत्तरकाशी लौट आई। इसे जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा जा रहा है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसे केदारताल क्षेत्र में भरल के छोटे-छोटे झुंड तो मिले, लेकिन उनमें कोई संक्रमित भरल नहीं दिखाई दी। केवल एक स्थान पर एक मृत भरल मिली, जिसका पीछे का हिस्सा किसी जानवर ने खाया हुआ था। सिर्फ सिर का हिस्सा शेष मिला।

सितंबर में गंगोत्री नेशनल पार्क के केदारताल क्षेत्र में पर्वतारोहण के दौरान एक पर्वतारोही दल को करीब नौ ऐसी भरल दिखी, जो आंखों की बीमारी से ग्रसित थी। तब एक भरल को पार्क की टीम गंगोत्री तक लाई थी, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। इस भरल की आंत व अन्य अंग जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजे गए थे। तीन माह बाद जब यह मामला मीडिया में उछला तो वन विभाग की टीम फिर सक्रिय हो गई। बीते शनिवार को आंखों की बीमारी से ग्रसित भरल को पकड़कर लाने के लिए निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) व पार्क की 15 सदस्यीय टीम केदारताल गई थी।



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