केदारनाथ ऐप से लेकर हर दा की सीएम रावत से पैदल रास्ते से केदारनाथ आने की अपील !!

  1. रिपोर्ट बोलता उत्तराखड़ के लिए कुलदीप राणा की रिपोर्ट ……..                                                                   ​यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा केदारनाथ ऐप
    जिला प्रशासन की एक नई पहल ऐप के जरिए केदारनाथ धाम सहित विभिन्न पडावों स्थलों की हर जानकारी से रूबरू होंगे श्रद्वालु बोलो जय बाबा केदारनाथ की
    जी हाँ अब केदारनाथ धाम की यात्रा करना अब श्रद्वालुओं के लिए और आसान होगा। जिला प्रशासन रूद्रप्रयाग ने केदारनाथ मोबाइल ऐप के साथ शिप बेस्ड एनाउंसमेंट सिस्टम लांच कर इसमें हर प्रकार की जानकारी समावेशित की है। गूगल स्टोर से मोबाइल ऐप डाउनलोड कर कोई भी श्रद्वालु केदारनाथ धाम के साथ ही हर प्रमुख पडावों की जानकारी अपनी अपनी भाषा में हासिल कर सकता है। ऐप में सत्रह भाषाएं स्टोर की गई है। वहीं एनाउसमेंट सिस्टम के जरिए जिला कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से हर पडावों पर लाइव नजर रखने के साथ ही दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते है। इस सिस्टम से पडावों पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है।    जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ऐप कई मायने में बेहद महत्वपूर्ण है। इससे जहां श्रद्वालुओं को अपनी-अपनी भाषाओं में हर धार्मिक स्थलों की जानकारी मिलेगी, वहीं वह धार्मिक स्थलों के महत्व और उनके पौराणिक इतिहास को आसानी से समझ सकेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि शिप बेस्ड एनाउसमेंट सिस्टम के जरिए जिला कार्यालय स्थित कंट्रोल रोम से केदारनाथ धाम सहित विभिन्न पडावों पर भी लाइव नजर रखी जा सकती है, इसके लिए प्रत्येक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और लाउड स्पीकर लगाएगे गए है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जाय और दिशा निर्देश भी दिए जा सके।। जिससे हर प्रकार की व्यवस्थाएं चाक- चोबन्द बनी रहे।     
    चलो अच्छा हैं कुछ तो आगे अब सोचने लगा हैं प्रशासन पर सबसे बड़ी बात ये हैं कि जो मोबाइल के नेटवर्क की बात की जाए वो कैसे पूरे रास्ते नेटवर्क में रहेंगे कहने का मतलब हैं कि इंटरनेट पैदल मॉर्ग पर पूरा क्या काम कर रहा हैं या कर पायेगा आगे ये भी एक सवाल हैं दूसरी बात केदारनाथ यात्रा में आने वाले श्रदालु जरूरी नही की वो b.s n.l का सिम लेकर यात्रा पर निकले हो क्योकि पैदल मॉर्ग पर b.s.n.l ही ज्यादा काम करता हैं फिलहाल पहल अछी हैं इसलिए स्वागत हैं केदारनाथ ऐप का बस बाबा के आशीष से राज्य सरकार इंटरनेट की नेटवर्किंग बहेतर ओर संचार सेवाओ की व्ययवस्था पहाड़ी इलाको सहित चारो धामों में हो जाये तो फिर क्या कहना सोने पे सुहागा हो जाये            दूसरी तरफ हरीश रावत भीमबली में पहुच चुके है। और वो अब तक के पैदल सफर को देख कर यही बोल रहे हैं कि व्यवस्था और अछी हो सकती थी अगर खुद राज्य के मुखिया केदारनाथ पेदल मॉर्ग से व्यवस्था का जायज़ा लेते तो खबर ये भी आ रही है कि हर दा ने बोला हैं कि वो सीएम  से   अपील  करेगे  कि   वो भी पैदल केदारनाथ की यात्रा कर अपनी आंखों से देखे यहाँ की व्यवस्था साथ ही हर दा बोले कि ये केदारनाथ ऐप अब बना हैं आपको नही लगता कि देर हो गईं मेने केदारनाथ आने का फैशला क्या लिया सरकार को सबकुछ याद आने लगा चलो अच्छा है फायदा जनता और ओर भक्तों का ही होगा इस बीच केदारनाथ के .m.l.a   मनोज रावत  ने भी  डबल इज़न  की   सरकार के कामो पर वो  सवाल खड़े   कर   दीये है कि  अब पानी सर से ऊपर  निकल गया हैं 

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