रॉ मैटिरियल जाता है राज्यसभा-विजय बहुगुणा ! अब राज्यपाल बनेंगे बहुगुणा !

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा राज्यसभा की रेस में कैसे पिछड़ गए …. किसने विजय बहुगुणा के समीकरण बिगाड़कर रख दिए…. आखिर ऐसा क्या हुआ कि बहुगुणा को राज्यसभा नहीं भेजा गया ये सारे सवाल उन दिग्गज नेताओं के मन में हैं जिन्होंने बगावत कर कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थामा था क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि उनके प्रिय नेताजी को राज्यसभा भेजा जाएगा पर ऐसा न हुआ बहुगुणा सोच रहे होंगे कि काश मैं राज्यपाल ही बन जाता क्योंकि माना जा रहा है कि भाजपा हाईकमान विजय बहुगुणा को राज्यपाल बनाना चाहती थी ….  पर बहुगुणा राज्यसभा की चाहत रखते हुए दिल्ली में ही रह कर  उत्तराखण्ड की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं

अब सवाल यहां आकर खड़ा होता है कि क्या बहुगुणा अब दूसरी राज्यसभा की सीट के खाली होने का इंतज़ार  करेंगे यानी दो साल तक……  या फिर टिहरी लोकसभा से भाजपा से टिकट मांगेंगे पर खुद के लिए कैसे क्योंकि टिहरी सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह इसबार भी मैदान में उतरने को तैयार हैं या फिर बहुगुणा अपने सुपुत्र साकेत बहुगुणा के लिए टिहरी लोकसभा सीट का टिकट मांगेंगे अब उलझन में हैं….. अब  बहुगुणा यही सोच रहे होंगे कि आखिर कहां पर कौन सी चूक रह गई. माना जा रहा है कि साकेत बहुगुणा के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे के साथ अच्छे रिश्ते हैं लिहाजा जुगाड़ की सिफारिश यहां से भी पूरी लगी थी और अमित शाह की चौखट पर विजय बहुगुणा की सीधी एंट्री है फिर ऐसा क्या हुआ जो बहुगुणा को राज्यसभा नहीं भेजा गया ….. कहीं न कहीं अभी यही शोर है कि विजय बहुगुणा को भाजपा ने धोखा दे डाला है जबकि इसबात में सच्चाई अभी नजर नहीं आ रही है क्योंकि पिक्चर अभी बाकी है ……. और विजय बहुगुणा हार मानने वाले नेता नहीं हैं कहीं न कहीं बहुगुणा को भाजपा हाईकमान ने कुछ बताया या समझाया ही होगा और जो भी कहा होगा वो तो बहुगुणा ही जाने. बस हम तो एक बात जानते हैं कि ये वही विजय बहुगुणा हैं जो कहते थे कि राज्यसभा तो वो सीट है जहां रॉ मैटिरियल जाते हैं ……

जी हां जरा याद करें वो दिन जब बहुगुणा प्रदेश के मुखिया हुआ करते थ और उन्होंने अपने बेटे साकेत को टिहरी लोकसभा का चुनाव लड़ाया था और सामने थी मालाराज्य लक्ष्मी शाह तब बहुगुणा यही कह रहे थे कि मालाराज्य लक्ष्मी शाह राज्यसभा के लिए ठीक है लोकसभा के लिए नहीं क्योंकि राज्यसभा तो रॉ मैटिरियल जाता है ….

अब ये बात या तो भाजपा हाईकमान को याद होगी या ख़ुद बहुगुणा जी को  ….. कि राज्यसभा तो रॉ  मैटिरियल जाता है इसलिए मुझे बीजपी ने नहीं भेजा राज्यसभा बहरहाल अब दिल मिले न मिले हर कोई हाथ मिलाते चलेगा मुस्कुराते हुए दिखेगा फूलों का गुलदस्ता अनिल बलूनी को देता दिखेगा पर अपने दिल की बात कहता न दिखेगा और ये बात भी साफ़ हो गयी है कि बीजेपी हाईकमान से प्यार से ही कुछ मिल सकता है दबाव की राजनीति से कुछ नहीं मिलने वाला  ……..

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