ये
प्रेस विज्ञप्ति है जरा देखे।
*सर्व शिक्षा अभियान द्वारा संचालित जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को माह मार्च तथा अप्रैल का वेतन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है जिसके कारण शिक्षकों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है, वही माह फरवरी के वेतन का एक बड़ा हिस्सा आयकर में कट जाता है और मार्च अप्रैल का वेतन मिला नहीं है ,माह अप्रेल में बच्चों के admission, किताब , कापियों पर अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है पंरतु वेतन न मिलने के कारण इन जरूरतों को पूरा करने में समस्या हो रही है, ये कहना है राज्य के सरकारी अद्यापक का।व्हिब इस संबंध में मुख्य कोषाधिकारी देहरादून से प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश घिल्डियाल तथा मीडिया प्रभारी विपिन मेहता ने मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि आपके निदेशक महोदय के पत्र के कारण वेतन आहरण नहीं हो रहा है, हम इस पत्र को लेकर जब वित्त नियंत्रक अमिता जोशी जी से मिले तो उनका कहना था कि इस पत्र में हमने पुराने हेड से वेतन आहरण पर रोक लगाई है नए हेड से वेतन आहरण किया जायेगा, राज्य परियोजना के अपर निदेशक एस बी जोशी जी से भी वेतन आहरण के संबंध में बात हुई लेकिन वह भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, सचिव शिक्षा को भी प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा जी द्वारा कल इस संबंध में पत्र दिया गया परंतु अभी तक वेतन आहरण नहीं हो पाया है , कोषागार वाले जहां नये सिस्टम को इसकी वजह बता रहे हैं वहीं विभागीय अधिकारी प्रकरण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वही पूरे प्रदेश के शिक्षकों में वेतन न मिलने से भारी रोष है, तो संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर वेतन आहरण नहीं किया जाता है तो आंदोलन किया जाएगा।*
*सतीश घिल्डियाल*
*प्रदेश कोषाध्यक्ष* ।


मुख्यमंत्री जी ये प्रेस नोट मिला है और अब तो आफ रिकार्ड टीचर ये बोल रहे है कि देखो आप लोग भी डबल इंजन के राज मै आज टीचर भूखमरी की हालत में आने वाला है।
बहराल उम्मीद करते है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत जी सरकारी टीचरों के दर्द को दूर जल्द से जल्द कर देंगे।





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