पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया भगवान किसी को ये दर्द ना दे

पौड़ी गढ़वाल के धुमाकोट बस हादसे ने पूरे पहाड़ को दर्द दे दिया है इस हादसे में मरे एक गाँव कहे या परिवार के नौ लोगों के अंतिम संस्कार के समय हरिद्वार मैं लोगों को नम आंखों से हरिद्वार खड़खड़ी श्मशान घाट में अंतिम विदाई दी गई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने श्मशान घाट पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रविवार को धुमाकोट मौन पीपली मोटर मार्ग पर हुए हादसे में एक ही परिवार के देवेंद्र सिंह बिष्ट(40) पुत्र चंदन सिंह बिष्ट और लक्षिता(16) निवासीगण रोहतक हरियाणा, यशपाल सिंह(40)पुत्र स्व. सनतन सिंह और सुमित(15) पुत्र यशपाल सिंह निवासी दिल्ली, अर्जुन(29) पुत्र प्रेम सिंह निवासी गाजियाबाद, सरिता देवी पत्नी नंदन सिंह बिष्ट और दीपिका(16)पुत्री नंदन सिंह बिष्ट निवासीगण गाजियाबाद, प्रह्लाद सिंह पुत्र उमेद सिंह निवासी गाजियाबाद, यूपी, गोपीचंद(32)पुत्र सोहन लाल निवासी भैरोखाल की मौत हो गई थी।।             मृतक परिवार के लोग अपने पैतृक गांव मैरा इडियाकोट पौड़ी गढ़वाल में पूजा अर्चना कर वापस घर लौट रहे थे। सोमवार को पार्थिव शरीर लेकर परिजन ,रिश्तेदार आदि लोग अंतिम संस्कार के लिए खड़खड़ी श्मशान घाट पहुंचे थे। भीड़ से खचाखच भरे घाट और बारिश के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठन समेत स्थानी लोग मृतक परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व मंत्री टीपीएस रावत, पूर्व विधायक गणेश गोदियाल आदि ने मृतक परिवार के लोगों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। — आजको बता दे कि इस हादसे में लक्षिता भी। मौत के काल मे समा गई वो दसवीं की टॉपर थी मृतक लक्षिता ने इसी वर्ष आए परिक्षा परिणाम में दसवीं में टॉप किया था। पढ़ाई में होशियार लक्षिता का सपना आईएएस बनने का था। हादसे के बाद लक्षिता का सपना अधूरा रह गया। सोमवार को श्मशान घाट में परिजन लक्षिता को याद कर परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं पा रहे थे। वहीं, हादसे के बाद दिल्ली से काफी संख्या में रिश्तेदार हरिद्वार श्मशान घाट पहुंचे। इनमें सुरेंद्र सिंह बिष्ट, जसवंत सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, मनवर सिंह, सतपाल सिंह, पिंकू, शेर सिंह, धनपाल सिंह, मोहन सिंह, गोविंद सिंह रावत, मदनपाल सिंह, सोहन लाल, मोहन लाल, जगदीश लाल, विरेंद्र शामिल रहे। सोमबार का दिन था ओर आसमान भी रो रहा था इस हादसे के बाद भले ही सरकार ने छोटे से लेकर बड़े अधिकारी को उनकी लापरवाही को माना ओर उनके तबादले कर डाले पर पर सर   तबादला  करने से क्या होगा ये सवाल यहा पर जनता  सोशल मीडिया में उठा रही है  तो वही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में हम सब हादसे मै जिन लोगों की जान गई है हम सब उनके साथ है बस यही कहना चाहुगा की इस बड़े दुःखद हादसे से सरकार को सबक लेना चाइए ओर जो बात बार बार निकल कर आई है वो है खराब सड़क की ओर मेरी जानकारी अनुसार सड़क पर बढे बढ़े गढ़े हो रखे थे जिस मेंं  दुःखद हादसा का  ये बड़ा कारण है ऊपर से 30 सीटर बस में 60 लोग मुख्यमंत्री जी को लोकनिर्माण विभाग के खिलाफ यहा पर सबसे पहले कार्यवाही करनी चाइए थी ।

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