सीएम त्रिवेंद्र रावत के निर्वाचन क्षेत्र में बिजली हो रही बेवफा, जरूरत के वक्त दिखा रही जनता को ठेंगा

देहरादून- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत डोईवाला विधानसभा क्षेत्र का सदन में प्रतिनिधित्व करते हैं। बावजूद इसके डोईवाला विकासखंड के रानीपोखरी गांव में बिजली बेधड़क बेवफाई पर उतर आई है।

आलम ये है कि बिजली रानी को किसी पर तरस नहीं आ रहा है। न बीमारों पर न मासूम पर। बीमार हों या छोटे-छोटे मासूम बच्चे सभी गरमी से बिलबिला रहे हैं लेकिन बिजली रानी है कि आंख-मिचौली से बाज नहीं आ रही है।

जब पानी भरने का वक्त होता है उस वक्त बिजली नदारद, जिस वक्त दोपहर को आराम करने का वक्त होता है बिजली रानी फुर्र। रात को खाने बनाने का समय हुआ तो बिजली तब आती है जब मोमबत्ती के उजाले में खाना बन चुका होता है।

“मन कर रहा है इस बिजली के मीटर को उखाड़ फेंक दूं–बिजली का बिल दे दो,वरना कनेक्शन कट जाएगा। लेकिन बिजली मत देना”—- बिजली की कटौती से परेशान रानीपोखरी के एक दूध विक्रेता की खीझ  बिजली महकमे पर यूं ही उतर रही है। हालांकि जब बिजली का बिल आएगा तो उसे देना ही पड़ेगा।

रैनापुर मोड़ पर आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले पुरुषोत्तम दत्त तंज कसते  हैं। “बिजली चिकोटी काट कर चली जाती है। पिसाई शुरू करते ही बिजली गायब हो रही है जबकि बिजली का बिल और उसमे दर्ज कुछ फिक्स्ड चार्जेज दिल जला देते हैं।”

 वहीं रैनापुर-बिशनगढ़ मार्ग पर रहने वाली श्रीमति पूजा का कहना हैं “जब से मौसम विभाग ने तूफान की चेतावनी दी तब से बिजली को दौरे पड़ने जारी हैं।” वो अपने मुहल्ले का हाल बताते हुए कहती हैं “हमारे क्षेत्र में पानी की किल्लत है। बिना मोटर के पानी किसी भी घर में नहीं आता। लेकिन जैसे ही सुबह पानी भरने का समय होता है बिजली हमारे घर पर नहीं होती। बिजली का मीटर दिल जला देता है।”

वहीं कंप्यूटर पर काम करने वाली दिव्या कहती है, बिजली ने तो आजकल हद ही कर दी, जैसे ही कंप्यूटर खोलो जब तक कंप्यूटर अपडेट होता है बिजली उसे फिर कोमा में पहुंचा देती है। कोई भी काम करना बिजली की कमी के चलते भारी हो गया है।

अब बताओ सीएम साहब आपके क्षेत्र में जिन घरों में बिजली के कनेक्शन हैं वहीं परेशान हैं तो आपकी सौभाग्य योजना का लाभ अवाम को मिलेगा भी या नहीं।

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