अब क्या कहे ओर क्या ना कहे देवभूमि तो अब शर्मसार है क्योंकि बात ही कुछ ये निकलकर आई है कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक स्थित एक विद्यालय में प्रिंसिपल द्वारा शिक्षिका से छेड़छाड़ का मामला जो सामने आया है। जानकारी अनुसार अपर निदेशक गढ़वाल मंडल ने जांच के बाद प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति निदेशालय व शासन से की थी।
ओर ख़बर है कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने प्रधानाचार्य को निलंबित कर अपर निदेशक कार्यालय पौड़ी अटैच कर दिया है। आपको बता दे कि विकास खंड यमकेश्वर स्थित एक राजकीय इंटर कालेज में कार्यरत एक शिक्षिका ने विद्यालय के दो शिक्षकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
ये पूरा मामला 26 सितंबर 2018 को तब प्रकाश में आया, जब शिक्षिका ने थाना लक्ष्मणझूला में तहरीर देकर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी अनुसार मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
पर ये पूरी बात संज्ञान में आने पर शिक्षा निदेशक की ओर से अपर निदेशक माध्यमिक महावीर बिष्ट को जांच सौंपी। ओर अपर निदेशक सहित तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी एक शिक्षक को निलंबित करने के साथ ही उसे अपर निदेशक कार्यालय पौड़ी अटैच कर दिया गया।
वही दूसरे शिक्षक को भी अपर निदेशक कार्यालय संबद्ध कर दिया गया था। प्रार्थना सभा में शिक्षकों के साथ अभद्रता का दोषी पाते हुए शिक्षिका का भी स्थानांतरण भी कर दिया गया था।
वही अपर निदेशक ने विद्यालय के पूरे घटनाक्रम में प्रधानाचार्य की नेतृत्व क्षमता कमजोर होने के कारण निदेशक व शासन से कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की थी। शासन ने राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अब प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है।
साथ ही प्रधानाचार्य को अपर निदेशक कार्यालय पौड़ी संबद्ध कर दिया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर ने बताया कि विद्यालय की शिक्षिका से दो शिक्षकों के छेड़छाड़ मामले में प्रधानाचार्य की नेतृत्व क्षमता कमजोर पाई गई। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया है। अब ये सब कुछ भी सुनने को मिल रहा है देवभूमि मे जो ठीक नही जब गुरुजनों के ही ये कारनामे होंगे तो छात्र को क्या शिक्षा मिले ये अब आप ही तय करे ।





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