प्रेस कान्फ्रेंस से मुकदमा दर्ज तक सुनीता रावत बनाम सुभाष शर्मा!I

उतराखंड की इस बिगड़ी सियासत ने कभी राज्य का भला नही होने दिया जो भी मुख्यमंत्री बना उसके खिलाफ षडयंत्र लोगों ने तब से ही रचना आरम्भ कर दिया जब से वो कुर्सी पर बैठा ओर यही सब कुछ त्रिवेन्द्र रावत के खिलाफ उत्तराखंड़ मे फिर से शुरू हो गया और जब कुछ हाथ ना लगा तो निशाना बनाया गया उनका परिवार उनकी धर्मपत्नी सुनीता रावत जिनके डिग्री पर सवाल अब उठने लगे मेरी एक बात समझ मे नही आती क्या जब त्रिवेन्द्र रावत सीएम बने तब ही कुछ समाज सेवको को उनकी पत्नी की डिग्री याद आई कि असली है या नकली वो 12 वी पास भी है या नही भाई जी आप पहले कहा थे ?                क्यो आज ही सब कुछ याद आया? और क्यो पिछले सालों से सूचना मागी गई पहले क्यो नही त्रिवेन्द्र रावत तो रायपुर से चुनाव हारे थे तब वो घर पर थे और सरकार कांगेस की थी तब उस समय त्रिवेन्द्र को उनके अपने जीते नेता ही नही पूछते थे तब आपके पास अच्छा मौका था तब क्यो नही सुनीता रावत के खिलाफ लोगों ने समाज सेवको ने आवाज़ उठाई आज ही क्यो ? ये वो सवाल है जिसका जवाब उसको नही दिया जा सकता जो राज्य मे 10 साल से जायदा समय से ओर ईमानदारी से पत्रकारिता कर रहा है ओर जो आज भी किराए के कमरे मे रहता है जो जानता है कि यहा मुख्यमंत्री को कुर्सी से उतारने ओर उसकी छवि को खराब करने के लिए कोई भी कही भी बैठ कर षडयंत्र करता रहा है सामने अक्सर कोई रहता है ओर उसके पीछे सियासत की बडी ताकते यहा बात आज सिर्फ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की ही नही बल्कि उन सभी की हो रही है जो समय समय पर राज्य के मुख्यमंत्री बने और उनके साथ क्या क्या नही हुवा उनको कुसी से उतारने के लिए               खेर आज की बात करते है
एक टीचर सुनीता रावत की जिहोंने सोशल एक्टिविस्ट सुभाष शर्मा पर केस दर्द कराया है
सुभाष शर्मा के खिलाफ धारा 469, 504 और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुवा है शोर मचा हुवा है कि सीएम की पत्नी जी ने केस दर्ज करवा दिया सुभाष शर्मा के खिलाफ पर हम कहते है एक टीचर ने मामला दर्ज कराया है और अपने पति का नाम त्रिवेन्द्र रावत लिखाया है ना कि सीएम त्रिवेन्द्र रावत हा ये बात जरूर है कि टीचर सुनीता रावत पर सवाल उठाने वाले ये जरूर कह रहे है सीएम की पत्नी की जांच हो सीएम की पत्नी सुनीता रावत जी की डिग्री है ही नही या उन्होंने 12 वी पास भी नही की फलहा फलहा जनाब सीएम की पत्नी तो सुनीता रावत 18 मार्च 2017 से कहलाई पर त्रिवेन्द्र रावत की पत्नी तब से है जब से दोनो ने एक दूसरे के साथ सात फेरे लिए खेर आज सोशल मीडिया मे हल्ला है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की पत्नी सुनीता रावत ने सोशल एक्टिविस्ट सुभाष शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सुनीता रावत ने डालनवाला थाने में आईपीसी की धारा 469, 504 और आईटी एक्ट के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस को दी गई तहरीर में सुनीता रावत जी ने कहा है कि सुभाष शर्मा ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। बता दें कि इन्हीं आरोपों को लेकर सीएम की पत्नी सुनीता रावत ने सुभाष शर्मा के खिलाफ डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया ।                 पुलिस का कहना है कि सीएम की पत्नी सुनीता रावत की तहरीर पर सुभाष शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब आप एक बात बताओ कुछ दिन पहले तक टीचर उतरापंत बहुगुणा की बात उठी थी कि एक महिला टीचर को इसांफ मिलना चाइए ओर यही बात अब टीचर सुनीता रावत पर भी लागू होती है क्योकि वो भी एक टीचर है और उनको लगा कि उनको बदनाम किया जा रहा है तो उन्होंने एक टीचर के नाते मुक़दमा दर्ज करवा दिया जब कुछ लोग जोर जोर से बोल रहे है कि सुनीता रावत की डिग्री सही नही है या है ही नही तो उन्होंने भी कहा है कि सुभाष शर्मा ने बेबुनियाद आधारों पर सूचना तंत्र का दुरुपयोग करते हुए शिक्षा विभाग और जनता में अफवाह फैलाई , तहरीर में सुनीता रावत ने कहा है कि सुभाष शर्मा द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है कि उन्हें कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल (उत्तरप्रदेश) में नौकरी दी गयी थी, यह बिल्कुल गलत है। यह बात सुभाष शर्मा ने 30 जून 2018 को एक प्रेस कांफ्रेंस में भी कही थी। उन्होंने आरोप लगाए थे कि वह 12वीं पास नहीं हैं। उन्हें कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल में नौकरी दी गयी थी। इसे विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों से प्रकाशित किया गया। जिससे उनकी ख्याती को चोट पहुंची है।        आपको ये भी बता दे कि
सुभाष शर्मा ने सीएम त्रिवेंद्र की पत्नी सुनीता रावत पर आरोप लगाया था कि पिछले 22 सालों में अभी तक कोई तबादला नहीं हुआ, जो सरकारी नियमों के खिलाफ है। सीएम की पत्नी 1996 से देहरादून में ही तैनात हैं। सुभाष शर्मा ने सीएम की पत्नी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया था। उन्होंने बताया कि आरटीआई में उन्हें सीएम की पत्नी के शैक्षिक योग्यता की जानकारी नहीं दी गई। विभाग ने इसे व्यक्तिगत सवाल बताकर जवाब देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा था कि सीएम की पत्नी की शैक्षिक योग्यता के बारे में जानकारी नहीं देना कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ को दर्शाता है। उन्होंने सीएम की पत्नी के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों को भी फर्जी बताया था।
फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद सुभाष शर्मा ने
कहा कि मैं यही चाहता था कि मुकदमा दर्ज हो क्योंकि आरटीआई के जरिए पूरी जानकारी नही दी जा रही थी और अब मुकदमा दर्ज होने के बाद सुनीता रावत को कोर्ट में अपने दस्तावेजों को दिखाना होगा।
बहराल अब बात प्रेस कान्फ्रेंस से निकलर मुकदमा दर्ज तक पहुँच चुकी है बस देखना यही होगा कि सच क्या निकलकर आता है जिसका इंतज़ार हम सबको रहेगा या कुछ निकलकर ही नही आएगा ये भी समय बता देगा पर बोलता उत्तराखंड तो यही कहता है की सच सामने आए जरूर फिर षडयंत्र निकलकर आता है या  कड़वा सच  ।इंंतज़ार करते है

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