कल तक जिसके कंधों पर थी पूरी त्रिवेन्द्र सरकार , आज सरकार के कंधों पर था उनका पार्थिव शरीर , जैसे कह रहे हो अब तुम्हारे हवाले ये उत्तराखंड साथियो , प्रकाश पंत जी पंचतत्त्व मै विलीन हो गए।

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शनिवार आज सुबह लगभग 10 बजे दिवंगत मंत्री प्रकाश पंत जी का पार्थिव शरीर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। जहा बड़ी संख्या में लोग स्व. पंत को श्रद्धांजलि देने के लिए आए यहा हर दल के नेता, नौकरशाह, अधिकारी- कर्मचारी, भाजपा कार्यकर्ता, विधायक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

पंत जी का पार्थिव शरीर अमेरिका से विशेष विमान से नई दिल्ली पहुंचा। जहां से विशेष एयर एंबुलेंस से सुबह 10 बजे जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर लाया गया। पार्थिव शरीर हवाई अड्डे के पास एसडीआरएफ भवन में दर्शन के लिए लगभग दो घंटे रखा गया । कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का बुधवार को अमेरिका में उपचार के दौरान देहांत हो गया था। दिवंगत पंत को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा राष्ट्रीय सहमहामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट समेत अन्य नेताओं और लोगों ने श्रद्धांजलि दी।


देहरादून में श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद लगभग 11 बजकर 10 मिनट पर दिवंगत प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर पिथौरागढ़ के लिए रवाना कर दिया गया।
फिर दिवंगत प्रकाश पंत का पार्थिव शरीर विशेष विमान से पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी हवाई पट्टी पर पहुंचा। जहां से वाहन से देव सिंह मैदान लाया गया।

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी, केन्द्रीय मंत्री अश्वनि चौबे ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वही दिवंगत प्रकाश पंत की पार्थिव देह को श्रद्धा सुमन अर्पित करने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस दौरान भावुक दिखाए दिए।


वही अपने चहेते नेता के अंतिम दर्शन के लिए पिथौरागढ़ के देवसिंह मैदान में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा हर कोई रो रहा था। सबकी आँखे नम थी।

यादेे याद  आएगी।

प्रकाश जी आपको ना भुला पाएंगे।
क्या मालूम था कि ये आपकी आखरी होली होगी
25 मार्च को अजय टमटा के लिए अपने मागे थे वोट।
आप सबको रुला कर चले गए सर।

उसके बाद देव सिंह मैदान से पन्त जी का पार्थिव शरीर खड़कोट में उनके आवास पर लाया गया । हर किसी की आंखे नम थी उनकी माता जी लगातार मंत्री जी को याद कर रो रही थी तो पिता की आंखे नम थी सभी नाते रिश्तेदार , उनके सहयोगी, बिलख बिलख कर एक दूसरे को गले लगाकर रो रहे थे उनकी नज़र मै पिथौरागढ़ का प्रकाश बुझ गया है। जैसे तैसे सबको सभालते हुए उनकी
अपने घर से अंतिम यात्रा निकली । जब तक सूरज चांद रहेगा प्रकाश पन्त तेरा नाम रहेगा।
प्रकाश पन्त अमर रहे।के नारों के साथ पूरा पिथोरागढ़ सड़को पर था जैसे जैसे अंतिम यात्रा रामेश्वर घाट की तरफ बढ़ रही थी वैसे वैसे जनसैलाब उमड़ रहा था । पन्त जी की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा हुवा था । पूरा पिथौरागढ़ शहर प्रकाश पंत अमर रहे के नारों से लगातार गूंज रहा था फिर इसके बाद शाम लगभग छह बजकर 20 मिनट रामेश्वर घाट पहुंचकर राजकीय सम्मान के साथ स्व. प्रकाश पंत जी का अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ने मुखाग्नि दी।
बोलता उत्तराखंड की पूरी टीम की तरफ से पंत जी को भावभीनी श्रदांजलि।
हम आपको कभी भूल ना पाएंगे मंत्री जी।
आपके चेहरे की वो मुस्कान।
आपका वो प्यार जो हमे मिला,
आपका हर विषय पर ताड़क से हमको अपने जवाबो से संतुष्ट करना।
राज्य के पहाड़ी जिलों के विकास के लिए चिंतित रहना।
जब भी आप से बातचीत होती थी तो हमेशा राज्य के प्रति चिंतित रहना और जो आप कर रहे हो उस पर बात करना हमारे सुझाव लेना।
हमको भी महत्व देना।
बहुत कुछ सर क्या क्या बोलू
आंखे हमारी भी नम है सर ।
हमारे हर सवालों का मुस्कुरा कर जवाब देना वो भी उचित जवाव
हमेशा आपके माथे का वो चमकता हुवा तिलक।
आपकी सफेद कपड़ो की वो लाजवाब पोशाख
चेहरे पर चमकता तेज़।
बहुत कुछ पत सर।
आप सबको रुला कर चले गए।
आपको ना भूल पाएंगे सर आप हमेशा दिल मे ज़िंदा हो और रहोगे सर ।
श्रदांजलि आपको ।

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