सीएम साहब ध्यान दें, बेटी है लापता, पुलिस झाड़ रही है पल्ला !

महिला दिवस के दिन सरकार और कई संगठन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बातें कर रही थी … लेकिन घनसाली से एक ऐसा ममला सामने आया है जिसने  बेटियों को बचाने की पोल खोल कर रख दी है …. अगुंडा गांव में कक्षा 11 में पढ़ने वाली नाबालिक लड़की का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है …. ये लड़की 5 मार्च से गायब है … प्रधान का कहना है कि लड़की पेट दर्द की दवा लेने के लिए चमियाला बाजार गई थी … उसके बाद से लड़की का कोई अता पता नहीं है। और सबसे बड़ी बात तो ये है कि लड़की के पिता दिव्यांग हैं और अब अपनी बेटी की खेज खबर में लाचार नजर आ रहे हैं …. बताया ये भी गया है कि लड़की की मां नहीं है मां की मौत 10-11 साल पहले ही हो चुकी है ….. जबकि एक भाई है जो कि मुंबई के एक होटल में काम करता है।

अब बेटियों को बचाने और पढ़ाने की बात करने वाली डबल इंजन की सरकारों के सामने ये सवाल है आखिर एक दिव्यांग बाप और बिन मां की बेटी को कौन खा गया …. क्या उसे जमीन निगल गई या आसमान खा गया …. अपनी लड़की की खोज में एक मूकबधिर बदकिस्मत बाप न तो बोल सकता है और न ही सुन सकता है …. सिर्फ उसके आंसू ही उसका दर्द बयां कर रहे हैं ……… लड़की जब से गायब हुई है तभी से उसका फोन भी बंद आ रहा है …. विडंबना तो ये है कि पुलिस कह रही पटवारी के क्षेत्र का मामला है और हम इसमें कुछ नहीं कर सकते और पटवारी कह रहे हैं कि थाना क्षेत्र का मामला है लिहाजा जांच पुलिस करेगी… लेकिन इनसब के बावजूद भी एक दिव्यांग बाप की बेटी की अभी तक कोई भी खबर नहीं है ….

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