पलयान आयोगओर सरकार जरा अपनी नज़र इधर भी डाले आपका ही काम सरल होगा

बोलता उत्तराखंड आज राज्य के युवाओ से बात कर रहा राज्य के बेरोजगारो से बात कर रहा है बोलता उत्तराखंड कहता है कि सबको सरकारी नोकरी नही मिल सकती ,ना ही सब उपनल मैं लग सकते है ओर ना ही सविदा मैं ,पर इससे बेतहर काम आप कर सकते है और ज्यादा रुपैया कमा भी सकते है जिसके सबसे पहले आपको को खुद को पहचाना होगा ,ये समझना होगा कि आप कुछ भी कर सकते हैं आपको मेहनत ,लगन ,ओर दिमाग से काम करना होगा फिर वो दिन दूर नही जब आप नोकारी मागने वाले नही रोजगार देने वाले बनोगे आपको आज बोलता उत्तराखंड भुवन से मिला रहा है ये भुवन उत्तराखंड के युवाओं के साथ जो कदम से कदम मिलाकर चलेगा , ये भुवन आप युवाओं की स्किल को समझता है और ये भुवन आपको रोजगारपरक बातों से रू-ब-रू करायेगा , क्यो अच्छा लगा ना भुवन के बारे मे सुनकर।                                                                  तो सुनो भुवन SKILL ZONE -A FORTUNE TEACHING के फाउंडर हैं भुवन उत्तराखंड के देघाट के रहने वाले हैं। भुवन ने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा देघाट से ही पूरी की है। उनका कहना है की उनका हृदय पहाड़ों से हो रहे पलायन को देख कर व्याकुल हो उठता है और वे अपने राज्य के लिए अपना योगदान देने के लिए तत्पर हैं। भुवन ने शुरुआत अपनी रिसर्च से की जिसमें उन्होंने पाया की पलायन के काफी कारण हैं। उन्होंने ये भी जाना की पहाड़ी क्षेत्र के युवा प्रतिभा के भी धनी हैं एवं किसी से भी कम नहीं। अब जानिए कि आखिर भुवन किस तरह से पहाड़ के भुवी दा बन गए हैं।                               
भुवन के मुताबिक आज पहाड़ के युवाओं को बस एक सही दिशा और निर्देश की जरूरत है। इसी फलसफे को आगे बढ़ाते हुए भुवन ने एक गजब का काम किया है। यही से शुरू हुआ SKILL ZONE -A FORTUNE TEACHING का जन्म। इसकी शुरुआत भी उत्तराखंड के काशीपुर से की गई। स्कूल ,कॉलेज के छात्रों से बातचीत शुरु की गई। लक्ष्य मुश्किल जरूर था लेकिन नामुमकिन नहीं था। भुवन ने अपनी कर्मठता ,मेहनत एवं रिसर्च से बच्चो का आत्मविश्वास अर्जित किया। भुवन बताते हैं की SKILL ZONE में उनकी सुबह नए बच्चो से ,नौजवानो से मुलाकात के दौर से शुरु होती है। इसके बाद वो उनकी समस्या सुनते हैं एवं उन्हें आत्म सम्मान एवं आत्म विश्वास प्रदान करते हैं। इस से अधिक , भुवन सेमिनार ,वर्कशॉप्स संचालित करते हैं जो की किसी कॉमन प्लेस पर होता है। 

भुवन अब युवाओं के बीच जाकर सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट ,यूथ इम्पावरमेंट, करियर कन्सल्टिंग, पब्लिक स्पीकिंग,बिजनेस ट्रेनिंग जैसी खास बातें युवाओं को बता रहे हैं। युवाओ को उनके भविष्य के लिए तैयार करने में जुटे हैं। भुवन का मानना है की पहाड़ में रह कर भी अच्छी सैलरी की जॉब एवं अच्छा बिज़नेस किया जा सकता है। जिस से उत्तराखंड में हो रहे पलायन को रोक लगेगी एवं उत्तराखंड की संस्कृति भी जीवित रहेगी। अपने गांव में भुवन भूपी दा के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनका प्रयास है की वे उत्तराखंड में अधिक से अधिक बच्चो से मिलें। हमे गर्व हैं ऐसे पहाड़ी युवाओं पर जो अपने दिन रात एक कर के अपने राज्य में पलायन रोकने को कोशिस मे लगा हैं। बोलता उत्तराखंड भुवन को उनके कार्य के लिए हार्दिक धन्यवाद करते हैं और उनकी सफलता के लिए कामना करते हैं। साथ ही सरकार और पलयान आयोग से मांग करता है कि भुवन का सहयोग करे भुवन का हौसला बढ़ाये

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