पहले 10 ओर फिर 20 लड़कियां रहेगी केदारनाथ ओर उसके बाद ओर जानिए क्यों ख़बर ख़ास है

बोलता उत्तराखंड़ आपको बता रहा है वो ख़बर जिसको सुनकर आपको गर्व होगा अपनी लाडली पर कि वो किसी से कम नही जी हा आप को बता दे कि अब केदारनाथ में लड़कियां भी बंटायेंगी पुनर्निर्माण के काम में हाथ
आपको बता दे कि यूथ फाउंडेशन से प्रशिक्षित दस युवतियों को केदारनाथ में मिलेगार रोजगार क्योकि वो किसी कम नही ओर
लड़कियों को सशक्त बनाना ही फाउंडेशन का उद्देश्य है इस बात को कहा कर्नल अजय कोठियाल ने।                  

केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य में अब यूथ फाउंडेशन से प्रशिक्षित युवतियां भी हाथ बंटायेंगी। प्रारंभिक दौर में दस युवतियों का चयन किया गया है। लड़कियों को केदारनाथ जैसी विषम परिस्थितियों में नौकरी देकर यूथ फाउंडेशन यह संदेश देना चाहता है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं।

केदारनाथ में पहली बार लड़कियां भी पुनर्निर्माण के कार्य में अपना योगदान देंगी। यूथ फाउंडेशन ने केदारनाथ में निर्माण कार्य के लिये दस कर्मठ लड़कियों का चुनाव किया है। यह लड़कियां केदारनाथ में पुलों, वाॅल गार्डर पर पेंट, मैस कमांडर, क्वाटर मास्टर, साइड इंचार्ज, निर्माण सामग्री तैयार करने समेत अन्य कार्य करेंगी। इसी माह की 18 जुलाई से यह लड़कियां अपनी सेवायें देना शुरू कर देंगी। इसके बाद बीस अन्य लड़कियों को भी केदारनाथ में रोजगार दिया जायेगा।

यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि आज लड़कियां हर फील्ड में लड़कों से आगे हैं। जब लड़कियां एवरेस्ट फतह कर सकती हैं तो केदारनाथ में रहकर अपनी सेवायें देना उनके लिये कोई बड़ी बात नहीं है। यूथ फाउंडेशन का मकसद लड़कियों को और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी नौकरियां नहीं है। ऐसे में बेरोजगारों को चाहे वह युवक हो या युवती, उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये अपनी कौशल क्षमता को बढ़ाना होगा और लीक से हटकर काम करना होगा।

निम के केदानाथ इंचार्ज मनोज सेमवाल ने बताया कि इन लड़कियों को 15 से 18 हजार के बीच सैलरी दी जायेगी। निम द्वारा केदारनाथ में किस तरह से काम किया गया, इसकी बारीकियां भी इन्हं सिखाई जायेंगी। यहां से पूरी तरह प्रशिक्षित होने के बाद वह कहीं भी नौकरी कर सकेंगी। बहराल इन लड़कियों के चेहरे पर मुस्कान है और ये बोल रह है कि हम मज़बूत है और हम ये कहती है कि सिर्फ नारो से नही चलता काम बेटियां पढ़ेगी भी ओर बचेंगी भी बस उनके जज़्बे को पहचानने की जरूरत है जो कर्नल सर बखूबी जानते है

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