देवभूमि के लाल ने कर दिखाया कमाल नाइजीरिया ने दी शाबासी, जल्द मिलेगा बड़ा सम्मान जी हा
बोलता है उत्तराखण्ड कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओ ने अपने नाम के साथ साथ दुनिया में उत्तराखंड का नाम खूब रोशन कर रहे हैं, हम बात कर रहे है आज उत्तराखंड चमोली जिले के कर्णप्रयाग के रहने वाले अभिलाष की जिन को 21 जुलाई को ऑल इंडिया विजेता सम्मेलन में जैम ऑफ इंडिया के अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इस खबर के बाद पुरे पहाड़ी क्षेत्र में ख़ुशी की लहर है आपको बता दे कि 21 जुलाई को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पांच सितारा होटल में उन्हें अवॉर्ड समारोह में उन्हें सम्मानित किया जा रहा है
अपने विज्ञान के अविष्कारों से देश ही नहीं दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने वाले कर्णप्रयाग (चमोली) के अभिलाष सेमवाल बॉम्ब डिटेक्टर, रिस्ट बैंड (कंट्रोल टू ड्रंकन ड्राइव) व माइंस फाइंडर जैसे अविष्कारों से पूरी दुनिया ने सनसनी बन चुके हैं। अभिलाष सेमवाल कर्णप्रयाग के चूलाकोट गांव के रहने वाले हैं। वह ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में एम.टेक द्वीतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं।  
सबसे बड़ी बात के है कि नाइजीरिया सरकार अभिलाष के मोबाइल बॉम्ब डिटेक्टर का प्रयोग कर चुकी है। ओर नाइजीरिया ने अभिलाष के इस प्रयोग को विज्ञान जगत के लिए एक बड़ा अविष्कार बताया है। आपको बता दें कि यह डिटेक्टर एक किलोमीटर की दूरी के दायरे में बॉम्ब से निकलने वाली विषैली गैसों को पहचान लेने में सक्षम है।
ओर इसकी खासियत ये है कि मोबाइल में एप के जरिए उसकी लोकेशन का भी पता किया जा सकता है। अपने इस पहले अविष्कार से ही अभिलाष आजकल चर्चाओं में हैं। अभिलाष ने यह डिटेक्टर 10 लाख रूपये की लागत से बनाया है जिसमे उनकी आर्थिक मदद उनके कॉलेज द्वारा भी की गई है। अभिलाष को ‘जैम ऑफ इंडिया’ का अवार्ड मिलने जा रहा है जो कि उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

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