पांच राज्यो मे पडे छापे पीएम मोदी की हत्या की साजिश के मामले मे !

हैदराबाद (एएनआइ)

आपको बता दे कि कुछ समय पहले भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए एक पत्र में नक्सलियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था। ओर इसी मामले की जांच करते हुए महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, तेलंगाना और दिल्ली यानी कि पांच राज्यों में छापेमारी कार्रवाई की गई है।
जानकारी अनुसार वामपंथी सुधा भारद्वाज को उनके फरीदाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। वहीं वरवर राव को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। वामपंथी विचारक अरुण फरेरा और वर्णन गोनजाल्विस भी हिरासत में लिए गए हैं। वामपंथी विचारक गौतम नवलखा को भी भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया है। आपको बता दे कि इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के पास से लैपटॉप, पेन ड्राइव और कागजात बरामद किए गए हैं। जानकारी अनुसार आपको बता दें कि गत जून महीने में कबीर कला मंच के सुधीर ढवले और नागपुर से एक वकील सुरेंद्र गडलिंग को गिरफ्तार किया गया था।
भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के दौरान नए साल के दिन पुणे में दलित समूहों और दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों के बीच संघर्ष हो गया था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 31 दिसंबर 2017 को पुणे में एलगार परिषद का आयोजन किया गया था। इस परिषद के दूसरे दिन भीमा कोरेगांव में हिंसा हुई थी। हिंसा के लिए एलगार परिषद के आयोजन पर भी आरोप लगाया गया था।

आपको बता दे कि उस पत्र मे क्या लिखा गया था
भीमा कोरेगांव मामले की जांच के दौरान पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से ऐसा पत्र मिला था, जिसमें ‘राजीव गांधी की हत्या’ जैसी प्लानिंग का जिक्र किया गया था। उस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गई है। 

जानकारी अनुसार पत्र में कहा गया था कि मोदी 15 राज्यों में भाजपा को स्थापित करने में सफल हुए हैं। यदि ऐसा ही रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी। … कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कॉमरेड्स ने मोदी राज को खत्म करने के लिए कुछ मजबूत कदम सुझाए हैं। हम सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं। यह आत्मघाती जैसा मालूम होता है और इसकी भी अधिक संभावनाएं हैं कि हम असफल हो जाएं, लेकिन हमें लगता है कि पार्टी हमारे प्रस्ताव पर विचार करे। उन्हें रोड शो में टारगेट करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। हमें लगता है कि पार्टी का अस्तित्व किसी भी त्याग से ऊपर है। बाकी अगले पत्र में।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here