पीएम मोदी और लगभग 32 साल पहले की बात!

आज आपको बोलता उत्तराखंड बता रहा है कि पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड को ही क्यो चुना जिसके लिए आपको 32 साल पीछे जाना होगा क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तरखण्ड से जो गहरा नाता है और देवभूमि से ही प्रधानमंत्री को योग की प्रेरणा मिली थी वो भी लगभग 32 साल पहले  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम मैं दूंन मे होंगे और ये 21 जून का दिन उत्तराखंड के इतिहास के मे दर्ज हो जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली कोई कोर कसर 21 जून को होने वाले कार्यक्रम के लिए नही छोड़ी है बोलता उत्तराखंड आपको बता रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी यहा से सालो साल पुराना रिश्ता है वो भी एक दौर था जब पीएम मोदी ने यही साधना की थी तपस्या की थी जी हा भगवान केदारनाथधाम के ठीक नजदीक ज़िस जगह का नाम गरुड़चट्टी है।                                  जहां पीएम मोदी ने लगभग 32 साल पहले यहा तपस्या की सधाना की एक समय मोदी जी यही रहा करते थे। ओर उस दौरान वह 2 किलोमीटर आये दिन नंगे पांव चलकर बाबा केदार के दर्शनों को जाते थे बाबा केदारनाथ भगवान के प्रति पीएम मोदी की आस्था सालो साल पुरानी है जब पिछली बार पीएम मोदी केदारनाथधाम मे मौजूद थे तब उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा था, की ‘एक दौर था जब मैं यहीं रम गया था। पर शायद बाबा केदार की यह इच्छा नहीं थी।                      
बाबा केदारनाथ धाम से महज दो किमी की दूरी पर है गरुड़चट्टी। जहा एक गुफा है ओर यही लगभग 50 दिन तक रहकर पीएम नरेंद्र मोदी ने साधना की थी। केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित और बदरी-केदार मंदिर समिति के सदस्य जो अब 71 साल के हो गए है जिनका नाम है श्रीनिवास पोस्ती जी जो पुराने दिनों को याद करते हए कहते है की ठीक सड़ तो साल का पता नही पर साल 1985 या 1986 की बात है जब आज के पीएम मोदी और उस दौर के नरेंद्र मोदी रोज अन्य संतों के साथ गरुड़चट्टी से रोजना नंगे पांव पैदल चलकर केदारनाथ भगवान के दर्शन करने जाते थे , पोस्ती जी बोलते है कि बाबा केदारनाथधाम में मंदिर को जाने वाले रास्ते में उनका मकान पड़ता था। ओर तब सभी साधु संत उनके पास आकर रुकते थे ओर उन्ही मे से थे पीएम नरेंद्र मोदी वो भी रोज यहा आकर रुकते थे और वो ये भी बोले मोदी बाबा के दर्शनों के बाद ही चाय पिया करते थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद भी मोदी केदारनाथ आए। तब की बात याद करते हुए पोस्ती जी ने बतया की ‘मोदी जी कुछ अन्य लोगों के साथ आए थे। चूंकि, उनका मोदी से पुराना परिचय था तो उन्होंने मंदिर में पूजा कराने को कहा। इस पर मैंने एक अन्य पुजारी को पूजा के लिए भेज दिया। मुझे क्या मालूम था कि मोदी एक दिन देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।                                                  

जब पीएम मोदी पिछली बार बाबा के धाम आये थे तो श्रीनिवास पोस्ती जी ने पीएम मोदी जी से भेंट की ओर उस मुलाकात मे पोस्ती बताते हैं कि उन्होंने तब पुरानी यादों को मोदी से साझा किया। तब पीएम मोदी बोले कि पुरानी स्मृतियां मस्तिष्क पटल पर ताजा हो गई हैं। बाद में उन्होंने अपने संबोधन में भी इसका जिक्र किया था ओर बोला था कि ‘पुराने मित्रों ने पुरानी यादें ताजा कर दीं।   

पोस्ती जी बोलते है कि उस दौरान मोदी स्वंय को बाबा केदार को समर्पित करना चाहते थे, मगर बाबा को यह गवारा नहीं था। ओर आज देखो पीएम मोदी देशसेवा कर रहे है श्रीनिवास पोस्ती जी 71 साल के है जो कहते है कि प्रधानमंत्री जी को सभी पुरानी बातें याद हैं , ओर मित्र भी। उन्होंने कहा कि अब बाबा के धाम नवीनीकरण हो रहा है जिसका स्वागत भी करते है बस हम स्थानीय लोगों के हिसांब ओर भावनाओ के अनुसार ही काम हो तो बहुत बढ़िया रहेगा अब देखना ये होगा कि पीएम मोदी जी 21 जून को देश दुनिया को क्या कुछ बोलते नज़र आयेगे देवभूमि से इस पर सबकी नजर टिकी है कि क्या खास बोलेगे देवभूमि से मोदी
ओर क्या इस योग दिवस पर उत्तराखंड राज्य के लिए पीएम कुछ सौगात भी देगे इस पर सबकी नजर है

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