पीएम मोदी के आने से पहले ही देहरादून को त्रिवेन्द्र सरकार की सौगात मिलेगी! !

 

आपको बता दे कि पीएम मोदी सात अक्टूबर को देहरादून आ रहे हैं। ओर उससे पहले ही हरिद्वार और देहरादून पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और सहारनपुर रोड पर डबल लेन सुरंग चार अक्तूबर से आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी। आप सबको बोलता उत्तराखंड की तरफ से बहुत बहुत सुभकामनाये।

आपको बता दे कि अभी तक दोनों परियोजनाओं को लेकर सस्पेंस बना हुआ था।कब तक ये जनता को सौगात मिलेगी लेकिन पिछले करीब एक महीने से दोनों परियोजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। जो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के दिशा निर्देश पर जारी है। मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा ने आरओबी को चार अक्तूबर तक खोले जाने की पुष्टि भी कर दी है। 

आपको बता दे की लोनिवि (एनएच)  दोनों परियोजनाओं को चार अक्तूबर तक हर हाल में पूरा करने में जुट गया है। तकरीबन 100 करोड़ लागत से तैयार हो रही दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से सरकार के साथ ही आम जनता को बड़ी राहत मिलने जा रही है।

अब माना जा रहा है कि देहरादून में सात व आठ अक्तूबर को होने जा रहे निवेशक सम्मेलन को लेकर प्रदेश सरकार पर दोनों परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने का भारी दबाव है। आपको बता दे कि ऐतिहासिक होने जा रहे निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन करने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आना है । 

जिसमे देश और दुनिया के नामी उद्यमियों के शामिल होने की संभावना है। यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मुंबई,ओर भारत के बाहर से भी कही समेत कई प्रांतों के निवेशक देहरादून पहुंचेंगे। निवेशकों को सड़क और हवाई यात्रा से देहरादून तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए दून और उसके आसपास की सड़कों को अब तेज़ी के साथ गड्ढामुक्त बनाया जा रहा है। 
लेकिन सरकार की सबसे बड़ी चिंता की वजह हरिद्वार-देहरादून नेशनल हाईवे है, जिस पर चौड़ीकरण का कार्य लगातार चल रहा है। मोहकमपुर रेलवे क्रांसिंग के पास आरओबी का काम अभी चलने की वजह से जाम की सबसे बड़ी समस्या है।
आपको मालूम है ही कि यहा अकसर घंटों जाम की नौबत आ जाती है। लंबे समय से चल रहे करीब 43 करोड़ लागत के इस आरओबी प्रोजेक्ट के निर्माण में पिछले कुछ माह से काफी तेजी है। इसे चार अक्तूबर तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
तो वही मोहकमपुर में जाम की समस्या से निपटने के लिए रेलवे ओवर ब्रिज के काम ने भी अब तेजी पकड़ ली है। आरओबी बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग हरिओम शर्मा ने पुष्टि की कि चार अक्तूबर तक आरओबी तैयार कर आम जन के लिए खोल दिया जाएगा। आरओबी खुलने के बाद प्रोजेक्ट की सर्विस रोड की मरम्मत का काम शुरू होगा। शर्मा के मुताबिक, आरओबी खुलने से ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा, जिससे सर्विस रोड पर मरम्मत कार्य में आसानी हो सकेगी। वही दूसरी तरफ सबसे बड़ा काम देहरादून-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच डाटकाली मंदिर के पास जाम की समस्या से भी अब छुटकारा मिलेगा। सरकार इनवेस्टर मीट से पहले नव निर्मित डबल लेन टनल को खोलने जा रही है। करीब 57 करोड़ लागत की इस टनल के खुल जाने से राजमार्ग पर यात्रा काफी सुगम हो जाएगी। लगभग 300 मीटर लंबी यह प्रदेश की पहली डबल लेन सुरंग है। टनल को इस तरह से डिजाइन किया गया है, उसमें बारिश का पानी न पहुंचे।  ओर सबसे खास बात ये है कि ये टनल अपने समय से पहले पूरी गुडवत्ता के साथ बनकर तैयार है जिसके लिए भारत कर्स्टशन के मालिक रणवीर पवार ओर राजीव गर्ग को इसके लिए खुद राज्य की सरकार और अधिकारी धन्यवाद कह रहे है ।

आपको बता दे कि आधे समय में ही काम पूरा हो गया था डाट काली टनल का जी हां देहरादून से दिल्ली जाने वाली रुट पर डाटकाली में बनाई जा रही टनल तैयार है बस कुछ दिन बाद ही वाहन दौड़ने लगेंगे। आपको बता दें कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली राज्य की पहली टनल का र्निमाण कार्य लगातार दिन-रात ज़ोरों पर रहा जिसकी वजह से ये टनल समय से पहले ही बनकर तैयार है।
340 मीटर लम्बी इस टनल को लोक र्निमाण विभाग बना रहा है। आज़ादी से पहले सहारनपुर और देहरादून को जोड़ने वाली पहली टनल के साथ ही इस टनल के र्निमाण की ज़रुरत पिछले कई वर्षों से, यातायात के बढ़ते दबाव के कारण महसूस की जा रही थी। लगभग 12 मीटर चौड़ाई वाली इस टनल को डबल मार्गीय यातायात के लिए बनाया गया है। टनल लगभग 340 मीटर है ओर इसका र्निमाण ईपीसी के तहत कराया गया है , जो राज्य का पहला प्रोजेक्ट है।
टनल की कार्यदायी संस्था भारत कन्सट्रक्शन के निदेशक श्री राजीव गर्ग और श्री रणवीर पंवार ने बताया की टर्नल के र्निमाण कार्य में उचित गुणवत्ता का मटीरियल लगाया गया है सभी कार्यों में पारदर्शिता रखी गई है। आपको बता दें की सड़क मार्ग पर बनने वाली उत्तराखंड में यह पहली सुरंग है। साथ ही उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की सीमा पर पहली टनल बन रही है जिसके दोनों ओर पैदल चलने के लिए पैदल फुटपाथ भी बनकर तैयार है इस टनल की र्निमाण लागत लगभग 57 करोड़ है।
सबसे बड़ी बात ये है की कार्य पूर्ण करने की समय सीमा 30 मई 2019 थी , जबकि टनल की कार्यदायी संस्था भारत कन्सट्रक्शन के निदेशक श्री राजीव गर्ग और श्री रणवीर पंवार ने बताया की टनल का पूरा कार्य किया जा चुका है जिसके बाद राज्य सरकार इस टनल को जब भी चाहे जनंता को सर्मपित कर सकती है । उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम मोदी जे उत्तराखंड आने से पहले इस टनल पर गाड़ियां भागेगी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित लोक र्निमाण विभाग के अधिकारी भी टनल मे हुए काम से संतुष्ट नज़र आये
आपको बता दे कि इस टनल के बन जाने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी क्योंकि आए दिन यहां पर जाम लगा रहता था, अब जाम से निजात उत्तराखंड औऱ उत्तरप्रदेश की जनता को मिलने जा रही है। टनल की दिवारों को 600 एम.एम थिकनेस की बनाई गई है। इस टनल में 2 लेन की सड़क और फुटपाथ भी है, औऱ टनल में एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। हाल ही मे मार्च के महीने डायरेक्टर जनरल (रोड डेवलपमेंट) स्पेशल सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ रोडट्रांसपोर्ट (हाईवे) मनोज कुमार ने डाट काली देवी टनल का निरीक्षण किया था उनके पीछे लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी औऱ नेशनल हाईवे के आला अधिकारी भी मौजूद थे। सबने उस समय एक बार फिर अपनी पारखी नजर से पूरी 340 मीटर लंबी टनल का निरीक्षण किया था
डायरेक्टर जनरल (रोड डेवलपमेंट) स्पेशल सेक्रेटरी, मिनिस्ट्री ऑफ रोडट्रांसपोर्ट (हाईवे) श्री मनोज कुमार टनल में अब-तक किए गए सभी कार्यों से संतुष्ट दिखाई दिए थे।
आपको ये भी बता दे कि डबल इंजन की सरकार के खाते में समय से पहले कार्य पूरा करने की उपलब्धि भी अब दर्ज होन जा रही है ।

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