उत्तराखंड में शुक्रवार को एक दिन में कोरोना संक्रमित मरीजों का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया है।
शुक्रवार देर रात तक 11 जिलों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलते रहे ओर इन सबको मिलाकर प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 727 तक पहुंच गया है।
देर रात तक देहरादून जिले के एम्स अस्प्ताल मैं 11 मामले अन्य जिलों से कोरोना पाजिटिव के निकलकर आये है

इससे पहले कल शुक्रवार को 8 रात 8 बजे तक 208 संक्रमित मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया ।

नैनीताल जिले में 85 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसमें 80 लोग गुरुग्राम और दिल्ली से ट्रेन से आए थे।
अन्य पांच संक्रमित मरीज दिल्ली और उत्तर प्रदेश के रामपुर से आए हैं।
देहरादून जिले में 64 संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें क्वारंटीन किए गए 48 लोगों में संक्रमण मिला है।
जबकि दो मरीज एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं। एक सब्जी मंडी के आढ़ती का कर्मचारी
, 13 संक्रमित मरीज पहले से कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए हैं।

अल्मोड़ा जिले में 21 संक्रमित मरीज मिले हैं।
इनमें 15 मुंबई, एक गुरुग्राम और एक दिल्ली से आया है।
चार संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
बागेश्वर जिले में आठ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें पांच मुंबई और तीन दिल्ली से लौटे हैं।

हरिद्वार जिले में मुंबई से आए पांच लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है। टिहरी जिले में भी मुंबई से आए आठ लोग संक्रमित पाए गए।
पौड़ी जिले में तीन संक्रमित मरीज मुंबई और एक गुरुग्राम से आया है
। एक मरीज की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।

रुद्रप्रयाग जिले में दो संक्रमित मरीज दिल्ली से आए थे।

ऊधमसिंह नगर जिले में मुंबई से आए चार और पुणे से आए एक व्यक्ति में संक्रमण मिला है।

उत्तरकाशी में चार संक्रमित मरीजों में दो दिल्ली,
एक मुरादाबाद और एक मुंबई से आया है।
पिथौरागढ़ जिले में संक्रमित पाया गया मरीज दिल्ली से आया है।

त्रिवेंद्र सरकार के महत्वपूर्ण फैसले जाने

उत्तराखंड में सभी जिले ऑरेंज श्रेणी में हैं। ऐसे में सरकार ने एक जिले से दूसरे जिले में लोगों को आने जाने के लिए पास के लिए होने वाले आवेदन पर मंजूरी मिलने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। सरकार ने यह निर्णय लिया कि अगर कोई व्यक्ति एक जिले से दूसरे जिले में जाना चाहता है तो जा सकता है। प्रशासन को सूचित करने के लिए उसे ऑनलाइन पास आवेदन वाली वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना है। ऑवेदन पर मंजूरी मिले, इसकी कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
यह व्यवस्था ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले जिलों के लिए ही है। अगर कोई जिला रेड जोन में आता है तो नियम पूरी तरह से बदल जाएंगे। रेड जोन में आने या वहां से बाहर जाने के लिए जिला प्रशासन पास पर मंजूरी देगा। बिना मंजूरी के कोई रेड जोन से बाहर नहीं आ और जा सकेगा। वहीं,  दूसरे जिलों से आने-जाने पर दूसरी बड़ी राहत यह है कि किसी भी व्यक्ति को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। क्वारंटीन किए जाने की व्यवस्था केवल रेड जोन वाले जिलों से आने वालों के लिए रहेगी। अगर कोई व्यक्ति रेड जोन से आता है तो उसे अनिवार्य रूप से क्वारंटीन किया जाएगा।
त्रिवेंद्र सरकार के स्तर से निर्णय लिया जा चुका है,

दूसरी बात
उम्मीद ये भी है कि अब त्रिवेंद्र सरकार एक जून से कुछ शर्तों के साथ धार्मिक स्थलों को खोल सकती है यानी कि राज्य के लोग चारधाम यात्रा पर जा सकेंगे ( रेड जान कोई जिला होता है तो उसे छोड़कर )
31 मई तक इस पर निर्णय लेकर त्रिवेंद्र सरकार आदेश जारी कर सकती है

तीसरी महत्वपूर्ण बात ये है कि
आज से आपकी लोकप्रिय सरकार ने सुबह सात से शाम सात बजे तक बाजार खोलने की छूट दी है इस संबंध में कही राज्य की जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर दिए हैं। ( यदि कोई जिला रेड जान घोषित होता है तो फिर नियम बदले जायेगे )


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