लॉकडाउन से उत्तराखंड सरकार को 4000 करोड़ का झटका

कोविड-19 महामारी के बाद उत्तराखंड में लॉकडाउन से उत्तराखंड सरकार की अर्थव्यवस्था को लगभग 4000 करोड़ रुपये की चोट पहुंची है।
बता दे कि इसमें 2240 करोड़ रुपये सीधे-सीधे वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की आय है।
ओर कोविड के कारण राज्य सरकार को इस आय से हाथ धोना पड़ा। यह खुलासा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मीडिया के सामने किया बता दे कि
वह कोविड से हुए नुकसान की भरपाई को लेकर सुझाव देने वाली मंत्रिमंडलीय उप समिति के अध्यक्ष हैं।
उपसमिति ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के सुझाव के अलावा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के संबंध में प्रदेश सरकार को अपनी रिपोर्ट दे दी है

सरकार ने लगभग 4000 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि का आकलन लॉकडाउन अवधि के दौरान किया है।
प्रदेश में 22 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन रहा।
एक जून से प्रदेश में बेशक पहला अनलॉक हुआ,
लेकिन आर्थिक गतिविधियों में गति जुलाई माह से ही आ सकी।

वही अनलॉक के बाद प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार तो आया, लेकिन पिछले वित्तीय वर्षों की तुलना में नुकसान और बढ़ गया है।
त्रिवेंद्र सरकार के लिए राहत वाली बात यह है कि जीएसटी के नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार कर रही है। 2240 करोड़ रुपये के नुकसान के एवज में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को धनराशि जारी भी करनी शुरू कर दी है। इससे राज्य सरकार की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ी राहत मिली है।
बहराल खुद के संसाधन बढ़ाने ही होंगे
लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार को खनन, परिवहन, पर्यटन, राजस्व सेक्टर में करीब 1760 करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इन सेक्टरों में सुधार तो है, लेकिन कोविड के प्रभाव से ये पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाए हैं।
उनियाल जो प्रदेश के कृषि मंत्री भी हैं, का कहना है कि कोविड से प्रदेश के कृषि क्षेत्र को बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। लेकिन आमदनी अर्जित करने वाले सरकार के कई क्षेत्रों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है।


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