बता दे कि स्पेन से लौटे कोटद्वार के दुगड्डा में युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। कोरोना वायरस के फैलने से रोकने के लिए दुगड्डा के मोती बाजार को सील कर दिया गया है। एसडीएम योगेश मेहरा ने नगरपालिका और दुगड्डा पुलिस को नगर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मोती बाजार क्षेत्र को सील करने के निर्देश दिए थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मोती बाजार को सील कर दिया। जिसके कारण लॉकडाउन के दौरान मिलने वाली ढील में भी दुकानें नहीं खोली गई।
प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के फैलने के खतरे को देखते हुए दुगड्डा के कोरोना संक्रमित युवक और उसके परिजनों के सीधे संपर्क में आने वाले अन्य परिजनों को भी कण्वाश्रम कोटद्वार में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से युवक और उसके परिजनों के संपर्क में आए अन्य लोगों की सूची तैयार की जा रही है।

दुगड्डा चौकी प्रभारी एसआई ओमप्रकाश ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रशासन के निर्देश पर दुगड्डा पुलिस ने युवक के पिता के संपर्क में आए उसके चाचा, ताऊ और खाना बनाने वाली आया को पीएचसी दुगड्डा में बुलाया। यहां उनकी प्रारंभिक जांच की गई। उसके बाद बेस अस्पताल कोटद्वार की टीम एंबुलेंस के माध्यम से उनको कण्वाश्रम स्थित जीएमवीएन क्वारंटीन सेंटर लेकर चली गई। जहां उन्हें निगरानी में रखा गया है
वही  कोटद्वार के डाडामंडी क्षेत्र के एक गांव के निवासी एक किशोर में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है!
किशोर को पीएचसी दुगड्डा से  पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट (पीपीई) किट पहनाकर कोटद्वार बेस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार डाडामंडी के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर ऋषिकेश के एक आश्रम में संस्कृत की शिक्षा शिक्षा ले रहा है। वहां वह विदेशी पर्यटकों के संपर्क में आया। क्षेत्र में कोरोना का कहर होने और लॉकडाउन के कारण वह 21 मार्च को अपने गांव लौट आया। गांव पहुंचने के बाद युवक ने पीएचसी डाडामंडी और बेस अस्पताल में अपना चेकअप कराया, तब उसपर कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए जाने के कारण डाक्टरों ने उसे घर भेज दिया। बृहस्पतिवार को उसे खांसी, जुखाम और बुखार होने पर वह अपनी मां के साथ पीएचसी दुगड्डा पहुंचा। जिसपर डाक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में किशोर में कोराना के लक्षण पाए गए।
पीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. फिरोज आलम ने इसकी पुष्टि की। बताया कि बृहस्पतिवार को डाडामंडी के एक गांव से युवक अपनी माता के साथ चिकित्सालय में आया। उसको लगातार खांसी हो रही थी, जुखाम और बुखार भी था। प्रारंभिक जांच में उसमें कोरोना के लक्षण पाए गए। उसे और उसकी मां को मास्क पहनाया गया। इसके बाद युवक पर कोरोना के लक्षण होने की सूचना बेस अस्पताल को दी गई। जिसपर बेस अस्पताल की टीम पीपीई किट लेकर पहुंची। टीम किशोर को किट पहनाकर बेस अस्पताल कोटद्वार ले गई। बेस अस्पताल के पीएस डा. वीसी काला ने बताया कि कोरोना के संदिग्ध किशोर को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। आज उसके लार का सेंपल कोरोना जांच के लिए भेजा जाएगा।


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