*बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए सरकार ने गठित की समितियां, जारी हुए आदेश*

उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर समितियां गठित कर दी हैं। राज्य स्तर पर अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त और जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई हैं।
राज्य स्तरीय समिति में अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, सदस्य प्रमुख सचिव या सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव वन, सचिव पशुपालन, कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य महानिदेशक, मुख्य वन जीव प्रतिपालक, निदेशक पशुपालन होंगे। जिला स्तरीय समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, सदस्य मुख्य चिकित्साधिकारी, जिले के सभी प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी होंगे। राज्य और जिला स्तरीय कमेटी बर्ड फ्लू को लेकर केंद्र की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के बाद मंगलवार को पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने रुड़की समेत विभिन्न क्षेत्रों से पोल्ट्री फार्म और बैक यार्ड में मुर्गों के 25 सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए बरेली लैब में भेजा गया हे। वहीं दूसरी ओर एक कौए का बिसरा भी जांच के लिए भेजा है। 
बर्ड फ्लू के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं।
वही मुर्गी पालकों को मेडिसीन भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसी के साथ पिछले दिनों सोलानी नदी के समीप मिले कौए का बिसरा भी जांच के लिए भेजा गया है।
जब से बर्ड फ्लू फैलने की बात सामने आई है तब से मुर्गों की बिक्री में भी खासी गिरावट आ गई है। मीट की जिन दुकानों पर पहले पचास से लेकर सौ मुर्गों तक की आपूर्ति हो रही थी, वहां अब यह संख्या घटकर आधी से भी कम रह गई है। ग्राहकों में मांग कम हो जाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। लोगों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। 
बर्ड फ्लू के मद्देनजर लिए जा रहे सैंपलों को चिकित्सक किट पहनने के बाद ही कलेक्ट करेंगे। इस बाबत शासन की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य सकार की ओर से बर्ड फ्लू के अलर्ट किया हुआ है। इसको लेकर वन विभाग भी काफी सतर्कता बरत रहा है। वन विभाग की ओर से जलाशयों और पक्षियों पर नजर रखी जा रही है।

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