उत्तराखंड की राजधानी देहरादून
मै ओर हरिद्वार मे कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ आज भी तेजी से फैला है

जिसमे हरिद्वार व देहरादून प्रमुख है

आज यानी मंगलवार को कोरोना के 210 पाजिटिव के नए मामले सामने आए हैं,

जिनमें सबसे अधिक 65 मामले देहरादून से है
हरिद्वार से 52 मामले है ।

इसके अलावा 15 नैनीताल से

उत्तरकाशी से 16
टिहरी गढ़वाल से 21
अल्मोड़ा से 5 मामले सामने आए हैं।
चंपावत से 2 मामले आये है
आज 85 मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं,

अब तक 55 लोगों की हुई है जो कोरोना पाजिटिव थे

अब तक उत्तराखंड में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 4849 तक पहुंच गया है।
इनमें से 3297 मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं
आज तक वर्तमान में 1459 मामले एक्टिव हैं
जबकि 38 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं

बहराल बोलता  उत्तराखंड सिर्फ यही  कहता है कि  सरकार ने तो  चिल्ला चिल्ला कर हर  माध्य्म  से  कह दिया है कि  आप सावधानी बरतें ओर यदि आप सही है तो दूसरे को समझाए  ओर बस यही हो रही है हम से चूक ओर वो चूक है विस्वास  की 

की हम अपने मित्र हो या  परिवार का सदस्य  या फिर कोई परिचय उनके साथ बिना मास्क के बिना नियमो के  बैठ रहे है या फिर साथ मैं काम करने वालो के 

जबकि  हमको खुद मालूम नही होता कि अगला 24  घण्टे या 48  घण्टे कहा  कहा भटक कर या मिलकर आया है  यही है सबसे बड़ी   गलती !

दूसरी बात  वो व्यापारी जो  जबर्दस्ती  अपनी लेवर को   ,आपको ,हमको काम पर बुला रहा है और  सिस्टम को कुछ मालूम नही मालूम तब होता है जब कोई कोरोना पाजिटिव हो जाता है  इस  मामले मैं  हम सिस्टम को दोषी  ठहराते है !!

ओर ये भी महत्वपूर्ण बात है कि  सड़को पर   नियमो का पालन नही हो रहा है जिसके लिए लाचार तंत्र ज़िमेदार है तो  उससे ज्यादा हम क्योकि  हम खुद ही  गम्भीर नही है जो  कड़वा सच  है 

भगवान ना करे किसी की कोरोना से मौत हो जाये और तब सरकार या नियम जो है  उस अनुसार आप या हम अपने लोगो को अपनो का अंतिम संस्कार भी ना कर पाए या हमारे जाने के बाद हमारे अपने हमारी तरफ देखे भी नही तो   क्या करना उस हाय  तौबा का , उस सब्जी  मंडी मैं नियमो को ताक पर रखकर सब्जी   खरीदने का ! क्या करना  उस  नोकरीं  का जहा आपको मालूम है कि खतरा है पर  आप काम पर जा रहे हो  और ना किसी को बता रहे हो भाई किस के लिए है वो नोकरीं!!

सवाल  बहुत है आप समंझ गए होंगे  ये हमको उम्मीद है

हाथ जोड़कर कहता हूँ कि सरकार को  कोसना बंद  करो और खुद के दिल से पूछो  क्या हम खुद जिमेदार नही काफी हद तक !!ओर हा उन नेताओं को भी  कोसता हूँ जो दूसरों के घरों में जाकर बिना मास्क फ़ोटो खिंचा रहे  है , लोगो से  ताबड़तोड़ मिल रहे  है, उन धरना प्रदर्शन वालो को भी कोसता  हू जो लगे है    मुर्दाबाद ,मुर्दाबाद करने मैं जिनको ये मालूम नही की  भगवान ना करे हम सबके बीच मैं वो तो नही जो कोरोना की चपेट मै आ रखा  हो!! सरकार हो या विपक्ष  हमने बात कही  निष्पक्ष और बोलता उत्तराखंड है जनपक्ष  और अगर यही  बात  उत्तराखंड नहीं समझा तो फिर भगवान मालिक हमारा

मुर्दाबाद

मुर्दाबाद  ओर जिंदाबाद से कोरोना का इलाज़ नही होता 

ओर ये आंकड़े फिर यू ही बढ़ते रहेंगे

ओर फिर ये आंकड़े यू ही बढ़ते रहेंगे


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