देहरादून ।
आपको बता दे कि
उत्तराखंड भाजपा में विधायकों की नाराजगी की खबरों के बीच देहरादून के कई विधायकों की बैठक शुक्रवार को कैंट विधायक हरबंस कपूर के आवास पर हुई।

जिसमें मसूरी विधायक गणेश जोशी और राजपुर विधायक खजान दास ओर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे।
हालांकि बैठक में सहदेव पुंडीर जो सहसपुर से विधायक हैं वह किसी रिश्तेदार के निधन के चलते नहीं पहुंच पाए। वही विनोद चमोली कोरोना पॉजिटिव होने के चलते बैठक का हिस्सा नहीं बने।
बता दे कि कई घंटे चली इस बैठक मै भाजपा विधायकों के द्वारा विकास कार्यों पर चर्चा की गई । साथ ही विधायकों ने किसी भी तरह से सरकार के खिलाफ नाराजगी की अफवाहों पर पूर्णविराम लगाया और
कहा की कोरोनावायरस महामारी के समय में आमजन से लेकर सरकार तक को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,


इसलिए विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए आम आदमी से लेकर विधायक और सरकार तक यह महसूस कर रही है कि इस महामारी के चलते दिक्कतें हो रही हैं।
लेकिन उन दिक्कतों को दूर करते हुए सरकार काम भी कर रही है। भाजपा विधायक हरबंस कपूर का कहना है कि बेशक कोरोनावायरस महामारी के चलते कुछ दिक्कतें सरकार के साथ जनता के लिए भी मुसीबतें खड़ी कर रही हैं। लेकिन आम जनता के साथ सरकार उन मुसीबतों से लड़ने के लिए तैयार है। वही राजपुर से विधायक खजान दास का कहना है कि सरकार से किसी भी विधायक की कोई नाराजगी नहीं है। जबकि मसूरी विधायक गणेश जोशी का कहना है कि जो विधायक नाराज होंगे वह अपने कामों को लेकर होंगे और वह भी अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से लड़ते झगड़ते हैं। इसलिए सरकार के खिलाफ किसी भी विधायक की नाराजगी नहीं है। केवल अपने कामों को लेकर विधायकों की कुछ नाराजगी हो सकती है। वही गणेश जोशी का कहना है कि विधायक निधि में कटौती से कुछ दिक्कतें जरूर विधायकों के सामने आ रही हैं। जिसका समाधान सरकार को भी करना होगा ।
ताकि जनता के काम आसानी से हो सके खास बात यह रही कि बैठक में रायपुर से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ भी पहुंचे।

जो शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से नाराज बताए जा रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि सरकार से नाराजगी की खबरों पर राजधानी के विधायकों ने पूरी तरीके से विराम लगा दिया है।
बहराल
सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विशेष कार्य अधिकारी धीरेन्द्र पवार लगातार भाजपा के विधायकों से मिल रहे हैं और उनकी जो अपने क्षेत्र के विकास कार्यो को लेकर नाराजगी है उसे सुनकर समंझ कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पूरी जानकारी दे रहे है जिसके बाद मुख्यमंत्री के आदेश व निर्देश के बाद नोकरशाही पटरी पर आ गई है
कल देहरादून में विधायकों की हुई सफल बैठक के पीछे भी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विशेष कार्य अधिकारी धीरेन्द्र पवार का हाथ माना जा रहा है।


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