श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व व राष्ट्रीय प्लास्टिक
सर्जरी दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन

अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी सुपर स्पेशलिस्ट डाॅंक्टरों द्वारा साझा किया गया ज्ञान


देहरादून
राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर कल श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से जागरूकता कैंपेन का आयोजन किया गया। जागरूकता कैंपन में डाॅक्टरों, मेडिकल छात्र-छात्राओं, शोधार्थिंयों व नर्सिंग स्टाफ ने प्रतिभाग किया। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए कैंपेन का आयोजन किया गया। वीडियो काॅफेंसिंग के माध्यम से शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से प्लास्टिक सर्जरी की विविध विधाओं से जुड़े सवाल किए जिस पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव सांझा किए।
काबिलेगौर है कि राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के उपलक्ष्य में विश्व भर सहित देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।


इसी कड़ी में 15 जुलाई 2020 को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में यह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के आॅडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल एण्ड हेल्थ साइंसेज़ के प्राचार्य डाॅं0 अनिल कुमार मेहता, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डाॅं0 विनय राय एवं अस्पताल की प्लास्टिक सर्जरी की विभागाध्यक्ष डाॅं0 किन्नरी ए. व्यास रावत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया।
सर्वप्रथम श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की प्लास्टिक सर्जरी की विभागाध्यक्ष डाॅं0 किन्नरी ए. व्यास रावत ने कार्यक्रम मे सभी अतिथियों, डाॅक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस दिन का आयोजन प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में समाज को अवगत कराने के लिए किया गया है। प्लास्टिक सर्जरी के बारे में बहुत सारी गलत जानकारी समाज में फैली हुई है जैसे कि यह बहुत खर्चीली सुविधा है, आम आदमी के बस में नहीं है, यह सिर्फ फिल्मी सितारों व अमीरों के लिए है। लोग यह भी मानते हैं कि इसमें प्लास्टिक लगाया जाता है तथा यह सिर्फ शरीर को सुंदर करने के लिए की जाती है बल्कि सही यह है कि इसमें काॅस्मैटिक सर्जरी के अलावा भी बहुत सारे प्रकार की शल्य चिकित्साएं की जाती हैं। इसी ज्ञान को अवगत कराने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।
डाॅं0 रावत ने कहा कि आजकल दुर्घटनाओं, जलने से व जानवरो के हमले से खराब हुए चेहरों व शरीर के अन्य अंगों को फिर से बनाना प्लास्टिक सर्जरी के माध्यम से सम्भव है। उन्होंने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में काफी समय से यह उपचार किये जा रहे हैं यही नहीं अस्पताल में सुपर स्पेशलिस्ट प्लास्टिक सर्जनों की देखरेख में कैंसर के आॅपरेशन के बाद बाहर निकाले गए अंगों का पुर्ननिर्माण, पैदाइशी कटे होंठ, तालु चेहरे तथा अन्य हिस्सों की विकृतियां, मूत्र नली की विकृतियों का पुर्ननिर्माण, जुड़ी हुई व अतिरिक्त उंगलियों का पुर्ननिर्माण, अनचाही चर्बी व मोटापा तथा टैटू हटाने की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
हाथ जिससे कि हम अपना रोजमर्रा का महत्वपूर्णं काम करते हैं उसकी चोटों का इलाज भी प्लास्टिक सर्जरी से किया जाता है ताकि उसे जल्द ही काम करने के लायक बनाया जा सके। डायबिटीज व अन्य बीमारी से पैरों व हाथों में सुनपन तथा जख्मों का इलाज भी प्लास्टिक सर्जरी से सम्भव है। यही नहीं तेजाब व अग्नि से जले-झुलसे रोगियों के लिए अस्पताल में बर्न यूनिट में अत्याधुनिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां पर आईसीयू की सुविधा की आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध है।
सर्जरी शाखा में स्नात्क पाठ्यक्रम कर रहे युवा मेडिकल छात्र-छात्राओं का आवाह्न करते हुए अपने संदेश में कहा कि प्लास्टिक सर्जरी में सुपर स्पेशलिस्टी पाठ्यक्रम वर्तमान परिदृश्य में सर्वोम कैरियर विकल्पों मैं से एक है। नवीनतम अत्याधुनिक शोधों व अनुसंधानों के द्वारा प्लास्टिक सर्जरी नित नये आयामों को हासिल कर रहा है। ऐसे में अति सम्मानजनक पेशे के साथ-साथ यह समाज व मानवता की सेवा का यह बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।
इसके उपरांत डाॅंक्टरों, मेडिकल छात्र-छात्राओं, नर्सिंग स्टाफ ने प्लास्टिक सर्जरी से जुड़े कई रोचक सवाल पूछे। अस्पताल के तीनों सुपर स्पेशलिस्ट प्लास्टिक सर्जनों डाॅं0 किन्नरी ए. व्यास रावत, डाॅं0 संजय साधु व डाॅं0 भावना प्रभाकर ने सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में वरिष्ठ नर्सिंग स्टाफ श्री संजीव तिवारी व प्लास्टिक सर्जरी आॅपरेशन थियेटर में वरिष्ठ स्टाफ विपिन ने अपने अनुभव सांझा किये। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ संजय साधु ने दिया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ भावना प्रभाकर ने किया। कार्यक्रम मै कोविड पैनडेमिक के चलते हुए सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा गया।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here