उत्तराखंड जान लो आपको बता दे कि अपने उत्तराखंड में साल 2011 के बाद से ऐसा कोई सर्वे, नही हुवा जिससे मालूम चले कि राज्य में कितने गरीब है
लेकिन अब मालूम चलेगा
जी हां इस समय उत्तराखंड में कितने गरीब हैं,
ये बात और संख्या जल्द हमारे सामने होगी

क्योकि राज्य में गरीबों की गिनती के लिए 10 दिन के भीतर सर्वेक्षण होने जा रहा है।
ओर अर्थ एवं संख्या निदेशालय ने सर्वे की तैयारी भी कर ली है
बता दे कि देवभूमि की योजनाओं के लिहाज से इस सर्वेक्षण का खास महत्व है
बताया जा रहा है कि अब तक हुए गरीबी के तमाम सर्वे से यह अलग होगा।
संयुक्त राष्ट्र विकास का कार्यक्रम मतलब यूएनडीपी के मानकों के आधार पर यह सर्वे होगा।

महत्वपूर्ण बात ये है कि

सर्वेक्षण में गरीबी की रेखा तय करने के लिए ग्रामीण गरीबों के लिए आहार मानक 2400 कैलोरी व शहरी गरीबों के लिए 2100 कैलोरी प्रतिदिन रखा जाएगा
ये भी जान लो कि

अभी तक गरीबी के सर्वे केवल आहार मानकों पर हुए हैं, लेकिन इस सर्वे में उपभोग के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन निर्वाह, पानी, बिजली और शौचालय की उपलब्धता भी मानकों की श्रेणी में होंगे।
मीडिया जानकारी के अनुसार
साल।2011 के बाद उत्तराखंड को लेकर कोई प्रमाणिक सर्वे नहीं हुआ है।
ओर लगभग नौ साल के दौरान जो आंकड़े सामने आए, उन्हें लेकर भी भ्रम की स्थिति रही।

जैसे जाने

2011-12 के सर्वे में 16.9 फीसदी गरीब
राष्ट्रीय प्रतिदर्श संगठन

(एनएसएओ) के 2011-12 के सर्वे में उत्तराखंड में गरीबी की दर 16.9 प्रतिशत आंकी गई थी।

वर्ष 2004-05 में 32.7 प्रतिशत गरीबी थी।

उत्तराखंड मानव विकास सर्वेक्षण रिपोर्ट-2017 के मुताबिक, प्रदेश में 15.6 प्रतिशत गरीब हैं।

वर्ष 2014 में भी लखनऊ के गिरि इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (जीआईडीएस) के साथ मिलकर उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में गरीबी के आंकड़े सामने आए थे।

इस सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में गरीबी 17.9 और शहरी क्षेत्र में 11.1 प्रतिशत आंकी गई थी।

चंपावत-35.2
अल्मोड़ा 30.7
चमोली 27.4
ऊधमसिंह नगर 18.7
रुद्रप्रयाग में 18.3
हरिद्वार 15.3
पौड़ी गढ़वाल 14.8
नैनीताल में 13.7
टिहरी गढ़वाल 13
पिथौरागढ़ 13
बागेश्वर 11.8
उत्तरकाशी 9.9
देहरादून जिले में 7.1
प्रतिशत गरीबी है

मतलब उत्तराखंड के पहाड़ में गरीबी का प्रतिशत 17.9 है
तो मैदान में 13.6 प्रतिशत
पहाड़ के ग्रामीण इलाकों में गरीबी 19.6 प्रतिशत तो
शहरी क्षेत्र में 11.3 प्रतिशत है
वहीं मैदान के ग्रामीण इलाकों में गरीबी 15.7 प्रतिशत तो शहरी क्षेत्र में 11.1 प्रतिशत है
समय समय पर ये जानकारी निकल कर आई है
बहराल 9 साल बाद अब उम्मीद है कि सही तथ्य निकलकर
सामने आएंगे
ताकि सरकार की योजनाओं को मदद मिलने के साथ ही हर जरूरतमंद को उसका हक मिल सके


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