डाॅक्टरों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबन्धन ने पुलिस में दी तहरीर

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में डाॅक्टरों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास

अस्पताल की छवि को खराब करने के लिए कुछ असामाजिक तत्व काम कर रहे हैं। ।

देहरादून।
लोकप्रिय श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में सोमवार को असामाजिक तत्वों द्वारा डाॅक्टरों के साथ की गई अभद्रता, गालीगलोच व मारपीट के विरूद्ध अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अस्पताल प्रबन्धन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व कोतवाली प्रभारी पटेल नगर को दी गई तहरीर में सम्बन्धित मामले पर नामजद तहरीर दी है। सोमवार की घटना में जिन लोगों ने भीड़ को उकसाया, जबरन पीआईसीयू में घुसने के लिए कहा, इन सभी के खिलाफ अस्पताल प्रबन्धन ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीआईसीयू में जबरन प्रवेश कर इन लोगों ने पीआईसीयू में भर्ती 7 अन्य बच्चों की जान को भी जोखिम में डाल दिया।
आपको बता दे कि
दिनांक 18 मई को उपचार के दौरान एक बालक की मौत के बाद कुछ लोग जबरन अस्पताल परिसर में घुस गए थे। अस्पताल प्रबन्धन द्वारा दी गई तहरीर में गुरमीत कौर व परवीन कुकरेजा व अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
साक्ष्य के तौर पर फोटोग्राफ व वीडियो फुटेज़ की सीडी भी पुलिस को उपलब्ध करवाई गई है।
सोमवार को बच्चे की मौत की सूचना पर परिजनों ने कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों को अस्पताल में फोन करके बुला लिया।

तब लगभग 15-20 पुरुष व महिलाएं जबरदस्ती नाजायज मजमा बनाकर अस्पताल परिसर में घुस आए।
ओर इन लोगों ने डाॅक्टरों व स्टाफ के साथ गाली गलौच करते हुए हाथापाई शुरू कर दी और अस्पताल को नुकसान पहुंचाने की नियत से तोड़फोड करने का प्रयास किया।
अस्पताल प्रबन्धन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी फुटेज व संदिग्ध लोगों के फोटो पुलिस को उपलब्ध करवाए हैं। मंगलवार को जैसे ही इन लोगों को इस बात की जानकारी लगी कि अस्पताल प्रबन्धन कार्रवाई करने जा रहा है गुरमीत कौर नामक महिला ने अपनी फेसबुक आईडी से अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली विवादित पोस्ट भी हटा दी।
व अस्पताल प्रबन्धन इन आसामाजिक तत्वों के खिलाफ अन्य साक्ष्य भी जुटा रहा है।
अस्पताल प्रबन्धन ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि लोकप्रिय श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की छवि को खराब करने के लिए कुछ लोग काम कर रहे हैं। अनेक अवसरों पर यह लोग उस गैंग को अलर्ट कर देते हैं।
ओर सूचना पाकर यह असामाजिक तत्व लोकप्रिय श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में जुट जाते हैं व अस्पताल की छवि को खराब करने का काम शुरू कर देते हैं। अस्पताल में किसी भी मरीज़ से किसी तरह का सम्बन्ध न होने के बावजूद यह लोग अस्पताल परिसर में देखे जाते हैं।
वही अस्पताल के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी भूपेन्द्र रतूड़ी ने बताया कि अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे फुटेज़ में असामाजिक तत्वों के सभी साक्ष्य मौजूद हैं। पुलिस जाॅच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

दरसल मैं आपको बता दे कि केतन (15 साल ) पुत्र श्री परवीन कुकरेजा निवासी धर्मावाला बाजार देहरादून को गम्भीर अवस्था में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में शुक्रवार को भर्ती करवाया गया था। जब बच्चे को अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो माता पिता ने डाॅक्टरों को यह जानकारी दी थी कि बीमारी की वजह से बच्चे का वजन 45 किलो से गिरकर 25 किलो रह गया है। भर्ती के लिए लाए गए बच्चे का शरीर बीमारी की वजह से पूरी तरह सूख चुका था। अस्पताल लाए जाने के दौरान बच्चे की हालत बेहद नाजुक व चिंताजनक थी। प्रारम्भिक जाॅच रिपोर्ट में कैंसर ले लक्षण दिखाई दिए थे। पूरे शरीर में टयूबर क्लोसिस फैलने की आशंका भी लग रही थी। कैंसर व अन्य बीमारी के कारण कन्फर्म किए जाने के लिए डाॅक्टरों ने कुछ अन्य जाॅचें किए जाने की सलाह दी। दिनांक 18 मई 2020 को बच्चे का ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो पाया व काॅर्डियक अरेस्ट से बच्चे की मृत्यु हो गई। इस बीच भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने डाॅक्टरों के साथ अभद्रता की थी ।

श्री महंत इंदिरेश अस्पताल की छवि खराब करने का षडयंत्र जारी – भूपेंद्र रतूड़ी

Posted by बोलता उत्तराखंड़ on Monday, May 18, 2020

 


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