उत्तराखंड भाजपा में कुँवर प्रणव सिंह चैपियन की वापसी के बाद भाजपा मैं न जाने क्यो हलचल तेज़ हो चली है!
फिलहाल देहरादून में बैठकों का दौर आरंभ हो गया है
ओर कभी 9 तो कभी 12 भाजपा विद्यायक लामबंद होकर
रणनीति बनाते सुनाई दे रहै है

फिलहाल  तो जिसकी वजह बताई जा रही है कि अफसरों की मनमानी
ओर इस वजह से भाजपा विधायकों के क्षेत्र में विकास के काम नही हो रहे है ।
तो वही राजधानी के सियासी गलियारों में खासी हलचल दिख रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के ताजा बयान के मद्देनजर बहुत से विधायकों को अपना टिकट खतरे में नज़र आने लगा है। यही वजह है कि तेजी से बदलते राजनीतिक माहौल में भाजपा के विधायकों की बेचैनी भी सामने आने लगी है। सूत्र बोल रहे है कि कभी 9 तो कभीं12 भाजपा के विधायकों के आवाजाही के बीच राजधानी के विधायक निवास में बैठकों का दौर चल पड़ा है
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भले ही सेल्फ क्वारंटाइन हो और अब भाजपा के प्रदेश अध्य्क्ष
भगत भी कोरोना पजिटिव हो
पर ताबड़तोड़ बैठकों का सिलसिला जारी है
निराश ओर हताश विद्यायक काफी आत्ममंथन कर रहे है ये बताया जा रहा है।
आलम ये है कि विधायक निवास में खुलकर भाजपा के विधायकों की बैठकें जारी हैं। सूत्रों की मानें तो इन बैठकों के पीछे दो दिग्गज भाजपा नेताओं की सरपरस्ती बताई जा रही है।
सूत्र कहते है कि बेलगाम अफसरशाही के अड़ियल रुख से ये सभी आहत हैं।
जानकरीं है कि नेताओ ने विधायकों की टोह लेने के लिए अपने नजदीकी कुमाऊं के एक विधायक को जानकारी के लिए भी भेजा। फिलहाल, पिछले दो दिन से चल रही इन बैठकों में शामिल होने वाले विधायकों की संख्या लगातार बढती जा रही है। वैसे अभी तक हुई इन बैठकों में गढ़वाल के वरिष्ठ भाजपा विधायकों की हाजिरी ही ज्यादा है। जबकि बैठक कुमाऊं के वरिष्ठ भाजपा विधायक के नेतृत्व में चल रही है।
तो गढ़वाल के एक प्रमुख भाजपा विधायक का भी इन विधायकों को समर्थन बताया जा रहा है।
ओर आज भी कुछ विधायक फिर जुटने लगे है
वही भाजपा के सबसे अनुभवी नेता बिशन सिंह चुफाल सबसे अधिक नाराज बताये जा रहे है।अफसरों की मनमानी पर! या बात कुछ और है ये तो जल्द होने वाली प्रेस कांफ्रेंस मैं मालूम चलेंगा 


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