केजरीवाल का एलान, उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी आप

उत्तराखंड में जो जनता भाजपा ,कांग्रेस के बाद तीसरा विकल्प खोजती थी स्याद अब उनकी इच्छा पूरी होने जा रही है
जी हा अब पंजाब और गोवा के बाद तीसरे राज्य उत्तराखंड में भी आम आदमी पार्टी पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ने जा रही है। ओर ये एलान किया है आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने

ख़बर है कि पार्टी 10 दिनो के भीतर ही उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर सकती है
सूत्र कहते है कि
डेढ़ माह पहले उत्तराखंड राज्य में कराए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार नतीजों से उत्साहित होकर आप पार्टी ने उत्तराखंड में चुनाव लड़ने का का मन बनाया है।
आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि दिल्ली में आप पार्टी को उत्तराखंडी आबादी से भरपूर समर्थन मिलता रहा है। उन्होंने देश की राजधानी में स्कूलों और अस्पतालों का कायाकल्प होते देखा है। उन्होंने ही पार्टी से अनुरोध किया कि आप पार्टी को उत्तराखंड की राजनीति में उतरना चाहिए।
यही नही आप मानती है कि
इस समय आप का बड़ा संगठन या नेटवर्क उत्तराखंड में नहीं है, लेकिन उन्होंने कहना है कि चुनाव पब्लिक की उम्मीद से लड़े जाते हैं, संगठन से नहीं। जनता की आशाएं साथ हों और नेताओं की नीयत ठीक हो, तो संगठन बनने में देर नहीं लगती।
आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल कहते है कि दिल्ली में भी आप के पास संगठन नहीं था, लेकिन पार्टी बनने के दो साल के भीतर ही आप ने कांग्रेस जैसी सवा सौ साल पुरानी और भाजपा जैसी चालीस साल पुरानी पार्टी को घुटनों पर बैठा दिया।
आप का मानाना है कि उत्तराखंड में भी कांग्रेस खत्म हो चुकी है। कर्नाटक, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में लोगों ने देखा कि कांग्रेस को वोट देना बेकार है क्योंकि वे बाद में भाजपा से मिल जाते हैं। भाजपा खुश है कि विपक्ष खत्म हो चुका है इसलिए उसकी काम में रूचि नहीं रही। ओर उत्तराखंड राज्य में भाजपा ने अभी तक कोई भी एक उल्लेखनीय काम नही किया है
अरविंद कहते है कि उत्तराखंड में भी दलबदल का इतिहास रहा है। भयानक नेतृत्वहीनता के इस दौर में उत्तराखंड की जनता इन दोनों पार्टियों से खिन्न है और बेहतर विकल्प चाहती है। इसलिए जनाधार बनने में देर नहीं लगेगी। उत्तराखंड में आप का चुनाव आप के कार्यकर्ता नहीं, जनता लड़ेगी। वही आप को पैसा और वोट देगी, वही आप के लिए पैसा और वोट मांगेगी। उत्तराखंड की जनता चुनाव लड़ेगी, केजरीवाल नहीं।

रोजगार की कमी से पैदा हुआ पलायन,
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
और सरकारी स्कूल-कॉलेजों में अच्छी शिक्षा का अभाव,
इन तीन मुद्दे को उत्तराखंड में पकड़ कर आप चुनावी मैदान में कुदेगी
बता दे कि
दिल्ली में आप पार्टी ने इन्हीं तीनों पर फोकस किया और जनता का विश्वास हासिल किया था
ओर उत्तराखंड में भी आप यही प्रयोग करने जा रही है
उत्तराखंड के हर गांव की पहुंच में एक मोहल्ला क्लिनिक बनाया जाएगा।
1 :शहरों की सुविधाओं को गांव तक पहुंचा कर पलायन रोका जाएगा।
स्थानीय संसाधनों से जोड़कर स्वरोजगार और छोटे कारोबार को बढ़ावा देकर बेरोजगारी की समस्या दूर की जाएगी।
देवभूमि के लिए आपदा प्रबंधन की विशेष रणनीति बनेगी।
हर स्तर पर प्रकृति संरक्षण की व्यवस्था होगी।
साथ ही पूरी दुनिया को धर्म सिखाने वाले इस प्रदेश में चारधाम समेत सभी आस्था केंद्रों की रक्षा और प्रोत्साहन का काम आगे बढ़ाया जाएगा।

आस्था और विकास दोनों को मिलाकर उत्तराखंड का एक विशेष विकास मॉडल बनेगा और इस मॉडल को आप पार्टी नहीं, प्रदेश की जनता ही मिल बैठकर बनाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रकृति, आपदा और समाधान, इनका सबसे अच्छा ज्ञान स्थानीय आबादी को होता है। आप पार्टी उसी स्थानीय प्रतिभा का सदुपयोग अपने नीति निर्णयों के लिए करेगी।
बहराल केजरीवाल कहते है कि दिल्ली में उत्तराखंड के लोगों का उन्हें विस चुनाव में प्यार मिला।
हमने उत्तराखंड में एक सर्वे कराया। इस सर्वे में 62 प्रतिशत लोगों ने कहा कि आप को यहां चुनाव लड़ना चाहिए। अब हमने पूरी गंभीरता के साथ यहां चुनाव लड़ना तय किया है।
ओर केजरीवाल का कहना है कि आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं करेगी।
केजरीवाल कहते है कि उत्तराखंड में बड़े नाम या चेहरे की जरुरत नही
उत्तराखंड में हमारा चुनाव उत्तराखंड के लोग ही लड़ेंगे। उत्तराखंड की जनता के चेहरे ही सरकार बनाएंगे। हम जैसे लोग तो बस दूर से उनकी नीयत और ईमानदारी की निगरानी करेंगे। हां, चुनाव प्रचार में पूरा वक्त हम देंगे। इसके अलावा जब भी हमारी जरुरत होगी, हम हाजिर हो जाएंगे। देवभूमि के दौरे का मौका भला कौन गंवाना चाहेगा?
तो आप भी अब सोचिये की अबकी बार उत्तराखंड में किसकी सरकार ??


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