त्रिवेंन्द सरकार ने माँगी केंद्र से 2 लाख आइवरमेक्टिन दवा (कोरोना के बढ़ रहे है मामले ) जाने क्यों है ये दवा जरूरी

आपको बता दे कि
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इस्तेमाल की जा रही आइवरमेक्टिन दवा की 50 हजार टेबलेट अपने उत्तराखंड को उपलब्ध हो गई है।
ओर केंद्र से दो लाख टेबलेट की और मांग की गई है
जानकारी है कि इसके साथ ही आइसीयू बेड दून मेडिकल कॉलेज व हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 35-35 से बढ़ाकर 100-100 करने के निर्देश स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने दिए हैं।
हम सभी जानते है कि
कोरोना संक्रमण में हर दिन आ रही वृद्धि होने से त्रिवेंन्द सरकार ने भी तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश में अब तक कुल 35947 कोरोना पॉजिटिव मामले आ चुके हैं। सक्रिय केस 11068 हैं। बुधवार को 1540 पॉजिटिव केस सामने आए। कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में बैठक हुई। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि कृमिनाशक आइवरमेक्टिन टेबलेट को कोरोना संक्रमितों के उपचार में उपयोगी पाया गया है। बैठक में इन टेबलेट की उपलब्धता और आइसीयू बेड के बारे में जानकारी ली गई। राज्य के दो मेडिकल कॉलेजों के साथ ही अन्य सभी अस्पतालों को आइसीयू बेड और वेंटिलेटर बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के संबंध में निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को भी वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की मांग पर नजर रखी जा रही है। बढ़ती मांग की पूर्ति को केंद्र से लगातार संपर्क बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना जांच और सैंपलिंग बढ़ने से संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है। 12 हजार सैंपलिंग हुई। जिलों को पर्याप्त मेडिकल उपकरण व दवाइयां उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। विभिन्न कोविड केयर सेंटर व अस्पतालों में 29846 बेड की व्यवस्था है। इसे बढ़ाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।


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