नशा बेचने वाले जल्द होगे सलाखों के अंदर!!

उत्तराखण्ड राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून   पढ़ाई के बोझ कहे या तनाव भरी दिनचर्या की बात हो या फिर एकाकीपन और उससे बड़ी बात बुरी संगत ने नशे को दून के लाखो युवाओं का साथी बना दिया है यहा की युवा पीढ़ी गर्त में जा रही है तो वहीं द्रोणनगरी दूंन की तस्वीर भी पूरी तरह दागदार हो चुकी है बीते कुछ वर्षों में यहां सैकड़ों छात्र ओर कुछ लोग नशा तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अफसरों के समय समय पर जागरूकता अभियान में नशे के कई स्याह पक्ष उजागर हुए, जिससे हर कोई हैरान होता रहता है                          
आपको बता दे कि दूंन मैं
दरअसल, दूरदराज के तमाम छात्र यहां अकेले या दोस्तों के साथ रहते हैं। मकान मालिक भी ज्यादा रोकते-टोकते नहीं है क्योंकि उनको तो सिर्फ हर महीने अपने किराए से मतलब है और यही हाल हॉस्टल के भी है इसलिए उन्हें हर तरह की मनमानी करने की छूट मिल जाती है तो नशे के सौदागर इसी बात का फायदा उठाकर पहले तो युवाओं को नशे का आदी बनाते हैं और फिर जरूरतें पूरी करने के लिए ये छात्र खुद नशे की तस्करी करने लग जाते हैं। पर इनको नशा देने वाले बड़े मगरमछ पुलिस की रडार से बहार है कही बार तो स्मैक के साथ पकड़ गए लोगो के ग्राहक भी ऐसे ही छात्र थे। 

ओर अब तो आम हो चुका है यहां युवाओं में नशा
एजुकेशन हब के नाम से मशहूर देहरादून अब नशे के सौदागरों का अड्डा बन चुका है। शहर के शैक्षणिक संस्थान और हॉस्टल ड्रग तस्करों के मेन टारगेट बने हुए हैं। यहां छात्र-छात्राएं चरस, अफीम और स्मैक के साथ ही नशीले इंजेक्शन व गोलियों का भी सेवन करते हैं।
आपको बता दे कि ड्रग समेक माफिया का नेटवर्क बडा हो गया है
युवाओं को फंदे में फांसने के लिए ड्रग माफिया कभी उन्हें फ्री पार्टीज के नाम पर नशे का सेवन कराते हैं तो कभी गु्रप के जरिये। नशे का आदी होने पर उनसे मोटी रकम वसूल की जाती है। साथ ही उनका इस्तेमाल अन्य छात्रों को फंसाने के लिए भी किया जाता है।

दून में नशे के अड्डे जो किसी से छुपे नही है उनमें से
प्रेमनगर, पटेलनगर, क्लेमेनटाउन, सुभाषनगर, राजपुर, धर्मपुर, रिस्पना पुल, हरिद्वार रोड, राजा रोड, कौलागढ़, जाखन, कनक चौक, करनपुर, ईसी रोड, रेसकोर्स, रायपुर, चकराता रोड, वसंत विहार, जोहड़ी गांव, गढ़ीकैंट, ऋषिकेश, सहसपुर, चकराता व विकासनगर। यहा नशा मिलता है और खबर ये है कि कुछ लोग सफेद पोश की आड़ मैं ये काम कर रहे है जिनमे कुछ लड़कों ने तो अपने धंदे को छुपाने के लिए राजनीतिक पार्टियों का सहारा ले रखा है बोलता उत्तराखंड की टीम उनको तलाशने का प्रयास कर रही है ताकि जानकारी मिलते ही पुलिस को दी जाए

लेकिन फिर भी अगर कुछ लोग या नशे में फंसे युवाओं हो तो उनकी मदद करने के लिए
नशा एक बीमारी है, इसका सही व पूरा इलाज जरूरी है।
बच्चे की बातों पर विश्वास करें।
बच्चे के प्रति सहानुभूति व सहयोग की भावना रखें और समझदारी से पेश आएं।
बच्चे में आत्मविश्वास जगाएं और नशा छुड़वाने में मदद करें।
ज्यादा नसीहत या डांटने के बजाय उसे उचित परामर्श दिलाएं।

इसके साथ ही आपको बता दे कि आप फर्जी नशा मुक्ति केंद्रों पर जाने से बचें ओर
इलाज के बाद भी बराबर ख्याल रखें व नियमित जांच कराते रहें।

आपको बता दे कि पुलिस समय समय पर अभियान चलाती है और अब तक जिनको पकड़े गए उनमें प्रेमनगर, डालनवाला,पटेलनगर, डोईवाला, क्लेमेनटाउन,ऋषिकेश, विकासनगर, सहसपुर, से
लगभग 150 लोगो को पकड़ा गया है
वही दूंन की एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि राजधानी में नशे का फैलता नेटवर्क वाकई में चिंता की बात है, लेकिन पुलिस इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। नशे के तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा ओर समय समय पर हम लगातार कार्यवाही भी करते रहते है जिसका ही नतीजा है कि आज कही वो लोग जो दूंन में नशा बेच रहे है वो सलाखों के अंदर है बोलता उत्तराखण्ड भी तलाश कर रहा है उन लोगो की जो लोग नशे के सौदागर है ताकि जानकारी मिलते ही पुलिस को जानकारी दे कर उनको भी सलाखों के अंदर भेजा जाए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here