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नैनीतालः उत्तराखंड में 2019 के लोकसभा चुनाव में नैनीताल सीट से जीतने वाले सांसद अजय भट्ट ने गांव को आदर्श गांव के तहत गोद लिया था। लेकिन ये गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के आभाव में है। नैनीताल के जंगलिया गांव का छोटा सा कस्बा काला गंगार क्षेत्र के लोग अब खुद श्रमदान करके सड़क बनाने की जद्दोजहद में लग गए हैं. इससे पहले ग्रामीण कांग्रेस से लेकर बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्रियों को सड़क की मांग के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।

2019 में सांसद भट्ट ने गोद लिया

2019 के लोकसभा चुनाव में नैनीताल सीट से जीतने वाले सांसद अजय भट्ट ने गांव को आदर्श गांव के तहत गोद लिया. लेकिन उसके बावजूद गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है। थक हारकर ग्रामीण अब खुद बेलचा और फावड़ा उठाकर गांव की सड़क को श्रमदान कर मुख्य मार्ग से जोड़ने की जद्दोजहद में लग गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई बार बुजुर्गों और गर्भवतियों को सड़क के अभाव में अपनी जान भी गंवानी पड़ी है.

कोरोना संक्रमण से रुका निर्माण

वहीं इस मामले पर नैनीताल सांसद अजय भट्ट का कहना है कि 2 साल पहले गांव में सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई थी. नैनीताल के डीएम को भी आदेश जारी किया था. लेकिन कुछ समय बाद ही देश में कोरोना संक्रमण के चलते हालात बिगड़ गए. उनकी सांसद निधि को कोरोना संक्रमण की रोक थाम के लिए दे दिया गया. इस वजह से सड़क का निर्माण नहीं हो सका. हालांकि अजय भट्ट का कहना है कि गांव को आदर्श ग्राम के तहत विकसित करने के लिए कॉमन हॉल सौर ऊर्जा समेत विभिन्न प्रकार की सुविधा दी गई हैं. जैसे ही देश में हालात सामान्य होंगे, गांव में सड़क का निर्माण किया जाएगा.

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