आपको बता दे कि अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत भरे जाने वाले समूह ‘ग’ के पदों के पूरे मसले पर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ त्रिवेंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दायर करने जा रही है इस बात का एलान खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्ररावत ने किया सीएम ने कहा कि हर हालत में स्थानीय बेरोजगारों के हितों के साथ खिलवाड़ नही होने दिया जाएगा । आपको बता दे कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को समूह ‘ग’ के पदों की भर्ती प्रक्रिया में रोजगार कार्यालय के पंजीकरण की शर्त हटाने का आदेश दिया है। ओर न्यायालय के इस आदेश से आयोग की भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय अभ्यर्थियों का जो एकाधिकार है या था वो खत्म हो जाएगा।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि सरकार स्थानीय बेरोजगारों के हितों को प्रभावित नहीं होने देगी ओर सर्वोच्च न्यायालय जाएगी वही ख़बर ये भी है कि अब अन्य राज्यों की भर्ती प्रक्रिया की रिपोर्ट भी जांची जाएगी वही अदालत का फैसला आने के बाद कार्मिक विभाग ने भी न्याय विभाग से जहां कानूनी सलाह मांगी है, वहीं विभाग उन राज्यों की समूह ‘ग’ की भर्ती प्रक्रिया का भी अध्ययन कर रही है, जहां स्थानीय युवाओं के हित सुरक्षित रखे गए है ख़बर है कि उत्तरप्रदेश, हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा और अन्य प्रदेशों में समूह ‘ग’ की भर्ती प्रक्रिया के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ओर त्रिवेन्द्र सरकार को विस्वास है कि स्थानीय बेरोजगार को राहत देने का कोई न कोई रास्ता सरकार को मिल ही जाएगा ।



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