ना विधायक को शर्म आती है! ना अधिकारियो को , ओर फिर बदनाम डबल इज़न !

उत्तराखंड राज्य का जन्म ही आंदोलन के गर्भ से हुवा है इसलिए राज्य के लोगो को शायद यही लगता है कि बिना लड़े बिना धरना दिये , बिना आवाज़ उठाये उनकी मांग और बात सरकार के कानों तक नही पहुचेगी तभी तो अब सड़क के लिए पढ़ाई छोड़ धरना देने को मजबूर हुए है छात्र ओर फिर अब रोड पर ही लगा दी उन्होंने क्लास
आपको बता दे कि उत्तराखंड के बीरोंखाल ब्लॉक के मैठाणाघाट वाया ग्वीन मल्ला से रसियामहादेव की सड़क का मलबा आने से इंटर कॉलेज ग्वीनखाल का रास्ता एक बार फिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस वजह से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने बृहस्पतिवार को काली पट्टी बांधकर प्रदेश सरकार और लोनिवि अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर खूब विरोध जताया। आपको बता दे कि छात्र-छात्राओं का कहना है कि स्कूल का रास्ता बंद होने से उन्हें स्कूल पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ख़बर है कि बृहस्पतिवार को जनता इंटर कालेज ग्वीनखाल के छात्र-छात्राओं ने काली पट्टी बांधकर प्रदेश सरकार और लोनिवि के खिलाफ नारेबाजी की। छात्र-छात्राओं ने मार्ग क्षतिग्रस्त होने से रास्ते में ही बैठकर पढ़ाई कर विरोध जताया।
उन छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि दो दशक से निर्माणाधीन सड़क आज तक नहीं बन पाई है। इसके कारण अधूरे निर्माण से सड़क का मलबा स्कूल का पैदल मार्ग बाधित कर देता है। मलबा आने से बबांसा तल्ला का रास्ता भी खराब हो गया है। तो उधर
ग्रामीण अजीत सिंह रावत ने कहा कि गत तीन सितंबर को रास्ता बंद होने से बच्चों को एक किमी चढ़ाई चढ़कर कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ा था। 12 सितंबर को अधिकारियों ने मलबा हटाकर स्कूल का रास्ता खोला था, लेकिन एक बार फिर मलबा आने से रास्ता खराब हो गया। बच्चे जान जोखिम में डालकर किसी तरह स्कूल पहुंच रहे हैं।

आपको बता दे कि लोनिवि की लापरवाही से क्षतिग्रस्त हुए रास्ते के बदले उन्हें गांव के लिए खेतों के पास तक सड़क चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में रोहित रावत, प्रिया रावत, साक्षी, सिमरन, महक रावत, मोहित, सुजल रावत, विपिन, सुमित, अंशिका, अंशु रावत, मुस्कान, ममता, मेघा व क्षितिज रावत आदि शामिल रहे। उधर, लोनिवि बैजरों के अपर सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि एक दो दिन में पैदल रास्ते को ठीक करवा दिया जाएगा। बहराल वो एक या दो दिन कब आयेगे ये आप भी जानते है और हम भी पर जब लाहपरवाही विभागो की होती है तो बदनाम डबल इज़न की सरकार होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here