मुख्यमंत्री जी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शर्म कब आएगी ?

बोलता है उत्तराखण्ड ना सरकार को शर्म आती है और ना लोक निर्माण विभाग जागता है आज कल पूरे पहाड़ मे जोर दार बरसात हो रही है सड़क टूट भी रही है पर उन सड़को पर मरमत करने का काम लोक निर्माण विभाग का है पाए ये विभाग कुछ करने को तैयार नही अभी पौड़ी गढ़वाल धुमा कोट सड़क हादसे ने 48 लोगो की जान ली तो चबा टिहरी मॉर्ग पर बस हादसे ने 15 लोगो की जान ली मगर इसके बाद भी लोकनिर्माण विभाग नही जागा जबकि इस हादासो की सबसे बड़ी वजह सड़क का खराब होना पाया गया मगर लोकनिर्माण विभाग पर ना कोई कार्यवाही ओर ना कोई ऐक्शन हुवा ये विभाग भी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के पास है फिर भी इस लोक निर्माण विभाग मे कुछ काम होता ही नही जिसके चलते अब पौड़ी गढ़वाल। के चालक ओर लोगो ने खुद मोर्चा अपने हाथ मे ले लिया है
लोगों ने अब खुद जिम्मा उठा लिया जो काम लोक निर्माण विभाग को करना चाहिए, उसको स्थानीय लोग खुद ही कर रहे हैं। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सड़कें टूट रही है, जिस पर लोनिवि अपनी आंखें मूंदे हुए है। विभाग की लापरवाही को देखते हुए लोगों ने खुद सड़कों को ठीक करने का फैसला लिया है। 
उत्तराखण्ड में मॉनसून की बारिश ने जो हाहाकार मचा रखा है। उससे राज्य के सभी पहाड़ी जिले पर बारिश कहर बरपा रही है। वहीं पौड़ी में बारिश के चलते कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं, जिस वजह से सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए खुद वाहन चालकों ने टूटे पुस्तों और खराब सड़कों को सही करने का जिम्मा उठाया है।

बोलता उत्तराखंड़ बोल रहा है कि पौड़ी कांसखेत जाने वाला मोटरमार्ग पर बरसात की वजह से जगह-जगह टूट गया है, ओर हादास होने का डर बना हुआ इसी को देखते हुए क्षेत्र के वाहन चालकों ने यह तय किया है कि सभी मोड़ों या अन्य संकरी जगहों पर जहां भी सड़क टूटी दिखाई दे, उसे खुद से सही किया जाएग 

इन सभी वाहन चालकों ने टूटे पुस्तों को जोड़कर खतरे वाले स्थानों को सुरक्षित किया। वहीं, स्थानीय निवासियों ने वाहन चालकों के इस कार्य की सराहना की। लोगों की मानें तो यह कार्य लोकनिर्माण विभाग का है, लेकिन विभाग के नींद में होने के कारण वाहन चालक खुद ही सड़क को सही कर रहे हैं।
ख़बर लिखे जाने तक वाहन चालकों ने आज 3 स्थानों को सही करके हादसों पर लगाम लगाने का प्रयास किया है। वाहन चालाकों का कहना है कि पहाड़ों में सड़क पतली होने के चलते बरसात में सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। साथ ही सड़क के किनारे चलना भी खतरनाक होता है, इसलिए वह खुद सक्रिय होकर वाहन चला रहे हैं और जो स्थान दुर्घटना की दृष्टि से खतरनाक है उन्हें सही कर रहे हैं। बोलता उत्तराखण्ड इन सभी चालको को धन्यवाद बोलता है और लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को आइना दिखता है कि देखो  और कुछ सीखो हमारे इन भाइयों से

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