मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत का बड़ा फैसला यहा दिखा जीरो टालरेश

जीरो टालरेश वाले मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र रावत ने आखिर अधिकारियों को संस्पेंड़ कर ये बता दिया है कि  मे किसी को नही  छोड़ूगा ।

NH 74 घोटाला दो आईएएस सस्पेंड

ब्रेकिंग न्यूज. , 2018

देहरादून। उत्तराखंड में दो आईएएस अफसरों को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है उत्तराखंड में जमीन आवंटन को लेकर अभी तक कई लोग जेल में जा चुके है इस मामले पर उत्तराखंड सरकार ने दो आईएएस चंद्रेश यादव और पंकज पांडेय को सस्पेंड कर दिया गया है राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दोनों अफसरों को सस्पेंड किये जाने की पुष्टि की है।
उत्तराखंड में नेशनल जमीन का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया था इस मामले की जांच एस आई टी कर रही है लेकिन उत्तराखंड में बीजेपी सरकार द्वारा इस मामले पर की गयी कारवाही से अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है उत्तराखंड में अभी तक इस तरह की बड़ी कारवाही को दूसरी बार अंजाम दिया गया है इससे पहले पटवारी प्रकरण पर आईएएस अफसर को सस्पेंड किया गया था।
उत्तराखंड में अब तक हुई इस कारवाही के बाद जल्द अब पुलिस इस मामले पर दोनों अफसरों पर अपना शिकंजा कसती हुई नज़र आएगी।  

एसआईटी की रिपोर्ट शासन को मिलने के बाद से एक के बाद एक नई जानकारियां सामने आयी थी । डॉ. पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के बाद तीन और आईएएस अधिकारियों के नाम घपले से जुड़े होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि ये तीनों ही आईएएस अफसर जून-2013 से मई-2016 की अवधि में ऊधमसिंह नगर जिले में बतौर एसडीएम तैनात रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैक डेट यानी धारा तीन के प्रकाशन के बाद 143 की जितनी भी कार्रवाई की गई, उनके परवाने 2013 से 2016 के बीच जारी किए गए। जबकि नियमानुसार परवाना 143 (भूमि की प्रस्थिति में परिवर्तन) की कार्रवाई पूरी होने के 90 दिनों के भीतर किया जाना होता है। मगर यहां परवाना बाद में जारी किए गए 

 

बोलता उत्तराखंड   कहता है कि त्रिवेन्द्र रावत के इस फैसले से राज्य मे संदेस गया है कि ये सरकार सबूत मिलने पर किसी को भी नही छोड़ेगी।

बहराल बोलता उतराखंड की तरफ से राज्य के मुख्यमंत्री जी को सुभकामनाये की आप आगे भी ऐसे कुछ  नोकर शाहों से लेकर हर उस व्यक्ति पर बडी कार्यवाही करेगे जिनके  खिलाफ सबूत  आपके पास होंगे । और   राज्य को  भ्रास्टाचार से मुक्त  करायेगे धन्यवाद सरकार।

ओर उससे बडी बात  ये है  कि अब संस्पेंड हुए अधिकारी  क्या कुछ नया खुलासा करेगे या खामोश रहेगे क्योंकि कहा ये भी जा रहा था कि इस घोटाले मे कुछ  सफेद पोश भी शामिल  है  जिनके नाम अभी तक नही निकले है सरकार ने तो अपना काम कर  दिया  अब देखना ये होगा कि  ये सस्पेंड वाले अधिकारी कुछ कहेंगे  या साइलेंट ही रहेगे ।  कुछ और नाम निकलेंगे या नही।

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