मोदी सरकार स्वामी के देह त्याग का इंतज़ार कर रही है- हरीश रावत

अब स्वामी सानंद बोले है कि 8 के बाद PM से भी नहीं करुंगा बात तो हरीश रावत भी बोले कि सानंद का बलिदान चाहती है सरकार! 
अब ख़बर हरिद्वार से विस्तार मे माँ गंगा की स्वच्छता से जुड़ी मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी सानंद से कल पूर्व सीएम हरीश रावत मिलने पहुंच थे। पूर्व सीएम हरीश रावत ने स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के 101 दिनों से चले आ रहे अनशन का समर्थन करते हुए कहा कि मोदी सरकार स्वामी के देह त्याग का इंतजार कर रही है. इस दौरान स्वामी ने भी केंद्र को दो टूक कह दिया कि अब अगर 8 तारीख के बाद मोदी भी आ जाएं तो भी वो इस मसले पर बात नहीं करेंगे। 

आपको बता दे कि 9अक्टूबर से जल भी त्याग देंगे स्वामी सानंद ख़बर है कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद का कहना है कि केंद्र सरकार जो भौतिक विकास करना चाहती है वो विकास उनकी मांगों की वजह से पूरा नहीं हो पाएगा. इसी वजह से मोदी सरकार उनकी अनदेखी कर रही है. स्वामी का साफ कहना है कि 9 तारीख से वो जल भी त्याग देंगे और इस दौरान अगर स्वयं प्रधानमंत्री भी आकर मुझसे तपस्या समाप्त करने को कहेंगे तो वो इसे खत्म नहीं करेंगे.
यही नही सानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी केंद्र में बैठी सरकार गंगा के प्रति पूरी तरह से असंवेदनशील है. केंद्र ने अपने आर्थिक एजेंडे में आधुनिक टूरिज्म शामिल किया है, जिसमें लोग ज्यादा से ज्यादा पैसा खर्च करेंगे. भले ही तीर्थ यात्री यहां आएं या न आएं, लेकिन हवाई जाहज से आकर बड़े होटलों में पैसा खर्च करें यही मोदी सरकार की मंशा है. इसके अलावा केंद्र सरकार का गंगा नदी में जहाज चलाने का प्लान है. इसलिए उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
आप को बता दे कि मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद का कहना है कि गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर आगामी 9 तारीख से स्वामी सानंद जल भी त्याग देंगे. ये केंद्र सरकार के लिए कलंक का विषय होगा. निगमानंद को भी सरकारो ने ही मारा था. उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सानंद को 9 तारीख को मारने के लिए ही अनशन से उठाया था.
मातृ सदन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि स्वामी का 101 दिनों का अनशन अभूतपूर्व है. गांधी जी के 90 दिनों के अनशन से अंग्रेज हिल गए थे, लेकिन स्वामी जी के 101 दिन के अनशन के बाद भी केंद्र सरकार हठधर्मिता दिखा रही है. गंगा को लेकर कानून बनाने की मांग बिलकुल जायज है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार प्रतीक्षा कर रही है कि कब स्वामी जी अपना देह त्याग दे. हरीश रावत ने कहा कि ये उपेक्षा से उत्पन्न होकर की जाने वाली हत्या है। बहराल अब देखना ये है कि केंद्र सरकार कैसे सानंद का अनशन खत्म कराती है । मतलब ये है कि क्या उनकी मांगों को माना जाएगा । क्योकि अब ये मामला आगे ओर बढ़ता जा रहा है और जिस तरह से हरिद्वार लोकसभा सीट पर केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार का पूरा फोकस है ऐसे मे सानंद का ये अनशन हल्के मे लेने की भूल कोई भी नही करेगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here