बुधवार को नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एवं कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात कर स्वच्छ कुम्भ, ग्रीन कुम्भ के विषयों पर चर्चा की। केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि हरिद्वार में पलशून फ्री, फायर फ्री और वेस्ट फ्री महाकुम्भ का अयोजन करने के लिये हरिद्वार का भ्रमण कर बैठक कर ले। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में होने वाले महाकुम्भ आयोजित करने के लिये मदन कौशिक ने बैठक के दौरान हरिद्वार के कचरा प्रबंन्धन/निस्तारण एव गैस की आपूर्ति ऊर्जा की मांग के संदर्भ में प्रस्ताव रखा।


उन्होने केन्द्रीय मंत्री से रूड़की से मसूरी तक पीएनजी व सीएनजी बिछाई जाने के विषय में चर्चा की। हरिद्वार शहर व महाकुम्भ मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिये एवं ऊर्जा उपलब्ध कराने जाने तहत साॅलिड वेस्ट मेनेजमेंट के लिए पीपीपी(पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप) मोड के तहत प्रस्ताव बनाया जाने का सुझाव दिया।
उन्होनें कहा कि कुम्भ मेला के दौरान बाॅयोगैस एनर्जी, के लिए एथेनाॅल एवं बाॅयोडीजल का उपयोग किया जायेगा, इससे फायर सेफ्टी में भी मदद मिलेगी।
इस संदर्भ में संयुक्त सचिव केन्द्र सरकार एवं देहरादून ओ.एन.जी.सी के साथ पुनः बैठक होगी। हरिद्वार महाकुम्भ के अवसर पर कुम्भ शहर हरिद्वार में अधिकतम जनता तक गैस पहॅुचाने के संदर्भ में यह बैठक सकारात्मक रही है। इस अवसर पर मेलाधिकारी दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल एवं मेला एसएसपी जन्मेजय खंडूरी भी उपस्थित थे।


वही बुधवार को ही नई दिल्ली स्थित परिवहन भवन में उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने केन्द्रीय जल संसाधन विकास मंत्री नितिन गडकरी सेे मुलाकात कर महाकुम्भ मेला 2021 से संबन्धित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।


बैठक में मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्योे में तेजी लाने के टेण्डर प्रक्रिया की अवधि 18 माह से कम करके 1 वर्ष करने के लिये सहमति बनी। इससे सम्बन्धित कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के बाद पुनः टेण्डर प्रक्रिया के निर्देश दिये गये थे। मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालपुल के बराबर रेलवे पुल को कुम्भ की दृष्टि से जल्द पूर्ण किया जायेगा। बैठक में कहा गया कि नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों में तेजी लाने एवं चण्डी पुल पर राजमार्ग के लिये पुल बनाने के कार्य में तेजी लाया जाएगा। हरिद्वार रिंग रोड़ में 3 फेज में कार्य होना है। कुम्भ की दृष्टि से दूसरे चरण के कार्य को सबसे पहले प्रारम्भ करने के लिये सहमति बनी। इस संदर्भ में पुनः देहरादून में अगस्त के अंतिम सप्ताह में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग की उच्च स्तरीय बैठक लेने का निर्देश केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने दिया और उन्होेने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यो की जानकारी अपर मुख्य सचिव की दी जाये।
मदन कौशिक ने बैठक में बताया कि हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा सर्वोत्तम समागम का पर्व कुम्भ मेला हरिद्वार में जनवरी, 2021 से अप्रेल, 2021 तक आयोजित होना है। कुम्भ मेला का आयोजन एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, कुम्भ मेला-2010 के दौरान मेला की 04 माह की अवधि में लगभग 08 करोड़ राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर से श्रद्वालुओं का आगमन हुआ था। कुम्भ मेला, हरिद्वार में अखाडों द्वारा प्रतिभाग किये जाने से हरिद्वार कुम्भ में आने वाले राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर से श्रद्वालुओं की संख्या लगभग 16 करोड़ से अधिक रहने की सम्भावना है। कुम्भ मेला 2021 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के अवसरों पर वृहद रूप से विभिन्न राज्यों से करोड़ों की संख्या में श्रद्वालुओं का आवागमन होना सम्भावित है। हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेला में अधिकतर आवागमन एन0एच0-58, एन0एच0-73 तथा एन0एच0-74 से होता है। वर्तमान मैं उक्त समस्त राष्ट्रीय राज मार्गों पर 4 लेन कार्य, सड़क चोड़ीकरण तथा फ्लाईओवर आदि के निर्माण से सम्बन्धित कार्य गतिमान है।


मदन कौशिक ने बताया कि एन0एच0 58 से एन0एच0 74 के मध्य पर चण्डी चैराहे से चण्डी देवी मन्दिर तक दो लेन सेतु पूर्व से निर्मित है, सेतु की चोडाई काफी कम होने के कारण भारी भीड़ के दौरान वाहनों के आने जाने में पुलिस प्रशासन को कठिनाईओं का सामना करना पड़ता है। इसके लिये कुम्भ मेला 2021 के दृष्टिगत भारी संख्या नजीबाबाद की ओर से आने जाने वाले श्रद्वालुओं/यात्रियों के आने जाने पर हेतु एक और सेतु का निर्माण कराया जाना अति-आवश्यक है।
उन्होनें अनुरोध करते हुये बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य में मुजफ्फरनगर से उत्तराखण्ड राज्य में हरिद्वार तक एन0एच0 58 पर कि0मी0 131.000(मुजफ्फरनगर जिले में सिसौना गांव) से कि0मी0 211.00(हरिद्वार में भुपतवाला) तक 80 कि0मी0 मार्ग चोड़ीकरण कार्य गतिमान है तथा उक्त मार्ग पर 15 नग सेतु निर्माण के कार्य गतिमान है, जिसके सापेक्ष 14 सेतु निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया होने के उपरान्त कार्य आवंटन किया जाएगा, जिसके लिये टेण्डर प्रक्रिया तत्काल आरम्भ की जाये।
उन्होने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत एनएच 58 पर कि0मी0 211.000(हरिद्वार से भुपतवाला) से कि0मी0 218.200 (देहरादून में नेपाली फार्म) तक 7.20 कि0मी0 मार्ग चोडीकरण कार्य तथा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर 8 नग सेतु निर्माण कार्य एवं एन0एच074 पर गतिमान सडक चोडीकरण का कार्य चल रहा है। इनक कार्याे को प्राथमिकता के आधार पर कुम्भ मेला 2021 से पूर्व कराया जाने की नितान्त आवश्यकता है। वही उन्होनें केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया है कि पुहाना-ईमलीखेड़ा-बहादराबाद को चोड़ीकरण के लिये एन0एच0 नामित किये जाये क्योंकि लपुहाना-ईमलीखेड़ा-बहादराबाद हरिद्वार में आने वाले यात्रियों हेतु एक अत्यन्त महत्वपूर्ण मार्ग है। हरियाणा, पंजाब, सहरानपुर की ओर से आने वाले यात्रियों को उक्त मार्ग के माध्यम से सीधे हरिद्वार में प्रवेश कराया जा सकेगा तथा एन0एच0 58 पर भारी भीड़ के दबाव को कम किया जा सकेगा। एवं रोशनाबाद-बिहारीगढ़ मार्ग को भी एन0एच0 नामित किया जाये जिससे कुम्भ मेला 2021 के दौरान हरिद्वार शहर में भारी भीड़ होने पर उक्त मार्ग के चोडीकरण होने से यात्रियों को सीधा सहारनपुर तथा देहरादून की ओर भेजा जा सकेगा।
केन्द्रीय मंत्री ने महाकुम्भ मेला-2021 से सम्बन्धित मुद्दों पर विचार कर शीघ्र ही कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया।
उक्त बैठक में केन्द्रीय राज्य मंत्री जनरल(से0नि0) श्री वी0के0 सिंह
, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, मेला अधिकारी दीपक रावत पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल एवं मेला एसएसपी जन्मेजय खंडूरी भी उपस्थित थे। नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में उत्तराखण्ड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिह शेखावत सेे मुलाकात कर नमामि गंगे से संम्बन्घित घाट निर्माण पर चर्चा करते हुये कुम्भ के पूर्ण घाट निर्माण एवं हरिद्वार में श्मशान घाट के आधुनिकरण के लिये अनुरोध किया गया।





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