उत्तराखंड भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष को पहचानो , मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र की पहली पसंद मायने रखती है, भाई मिशन 2022 का सवाल है

 

उत्तराखंडः भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सांसद, मंत्री, विधायकों के नाम
कोन होगा भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष ?
गढ़वाल से या फिर कुमाऊँ से होगा।?
ब्राह्मण होगा या ठाकुर होगा?
कोई सांसद होगा या फिर विद्यायक बनेगा उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष ??
इन सभी बातों का सही जवाब बस सिर्फ 7 दिन बाद मिल जाएगा।
लेकिन वो कहते है ना कि भाजपा कार्यकर्ताओ मैं बड़ा उत्साह है कि आखिर अब कोंन बनने जा रहा है उनका प्रदेश अध्यक्ष ?
कही अजय भट्ट फिर रिपीट तो नही हो रहे है ये बात भी कही भाजपा के कार्यकर्ताओं के मन में

जी हां जब से
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती हो चुकी है तब से ही अपनी अपनी दावेदारी को लेकर जोड़ तोड़ शुरू हो गई है।
आपको बता दे कि संगठन के भीतर जो नाम चर्चाओं में हैं, उनमें संगठन के बड़े नेताओं के साथ ही सांसद, मंत्री और विधायकों के नाम भी शामिल हैं
भाजपा का मिशन
2022 का विधानसभा चुनाव है।ओर जो अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चुने जयेंगे उनके नेतृत्व में ये चुनाव होने हैं यही वजह है कि इस समय इस पद पर जो भी विराजमान होगा उनके लिए सुभकामनाओं के साथ चुनोतियो का ताज भी माथे पर होगा। फिर से भाजपा की सरकार बनाना, फिर से प्रचंड बहुमत पार्टी को दिलाना! इन सभी बातों के लिहाज से ये पद काफी अहम हो गया है।
बता दे कि पार्टी को 15 दिसंबर तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराना है ओर पार्टी का भरपूर प्रयास है कि नीचे से लेकर ऊपर तक रायशुमारी के साथ ही चुनाव हो। अब तक बूथ से लेकर मंडल स्तर तक के चुनाव पार्टी इसी नीति के तहत निपटा चुकी है और आज देर रात तक संगठन के 14 जिलाध्यक्षों के नामों का भी ऐलान कर दिया जाएगा।
ख़बर है कि पार्टी का जोर संगठन की बागडोर ऐसे चेहरों के हाथों में सौंपने का है, जो अनुभवी होने के साथ ही चुस्ती और चातुर्य में बेजोड़ हों। इसके साथ ही क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों की कसौटी पर भी खरा उतरते हों। इन तमाम आधारों पर जो नाम पार्टी के भीतर चर्चाओं में हैं, उनमें कुमाऊं मंडल से वर्तमान अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट का नाम सबसे पहले स्थान पर है। जातीय समीकरण के हिसाब से इस बात की संभावना है कि नया प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं से हो और ब्राहमण ही हो।  अजय भट्ट के अलावा ब्राहमण नेताओं की पांत में सांगठनिक अनुभव रखने वाले कई और नेताओं के नाम चर्चाओं में हैं। इनमें कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत ,का है, संघ पृष्ठभूमि से जुड़े कैलाश पंत का है, संघ से निकले केदार जोशी का नाम भी चर्चाओं में है तो
तो वही विधायकों में दूसरा नाम कुमाऊं से ठाकुर नेताओं के तौर पर विधायक पुष्कर सिंह धामी का है। उनके अलावा पूर्व सांसद बलराज पासी का नाम भी लिया जा रहा है। तो अनुसूचित जाति के चेहरे के तौर पर अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा के नाम की भी खूब चर्चा है।
वही अगर गढ़वाल से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाती है तो प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए चर्चाओं में हैं ठाकुर नेता के तौर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत का नाम सबसे ऊपर है। ओर ब्राहमण नेता के तौर पर ज्योति प्रसाद गैरोला का नाम चर्चाओं में हैं। बहराल जो हमारे सूत्र बोल रहे है उसके अनुसार।
भाजपा का हाईकमान उसे प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रहा है जिसके नाम पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 100 फीसदी सहमत हो।
क्योकि मिशन 2022 के मैं उतरने से पहले सगठन ओर त्रिवेंद्र सरकार मैं बेहतर तालमेल होना चाहिए ।इसलिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र की पहली पसंद को नज़र अंदाज़ नही किया जा सकता है।
ओर यदि मान लिया जाए कि गढ़वाल से प्रदेश अध्यक्ष भाजपा बनाने जा रही है तो इस लिहाज से कुमाऊँ गढ़वाल से त्रिवेंद्र सरकार को कम से कम तीन मंत्री पद देने होंगे लेकिन इस बात की गारंटी नही की तब भी भाजपा गढ़वाल ओर कुमाऊँ मैं सन्तुलन बना बेठे ।
फिलहाल ये सब कयास है जो हर बार लगते है। ओर भाजपा कार्यलय से लेकर भाजपा के नेताओ के बीच बैठ कर इस तरह की चर्चाए सुनने को मिल रही है।

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