नेत्रहीन छात्राओं को बैड टच ओर गन्दी बात करने वाला टीचर संस्पेंड ओर भी बहुत कुछ ख़बर पढ़े पूरी

आपको बता दे के nivh सस्थान के लगभग 100 नेत्रहीन छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनका एक टीचर सूचित नारंग उनके साथ गंदी गंदी बाते करता है और उनको कुछ समझाने के बहाने बेड़ टच करता और वो जब जब इसका विरोध करते है तो मैनेजमेंट इस पर ध्यान ही नही देता । जिसके बाद नेत्रहीन छात्राओं ने लगातार धरना दिया और फिर बोलता है उत्तराखंड की अब जाकर बड़ा असर हुवा है और NIVH संस्थान की डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है

आपको बता दे कि देहरादून NIVH सस्थान मामले मे संस्थान की डारेक्टर अनुराधा डालमिया ने मंत्रालय और बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी को अपना इस्तीफा भेजा है। वही इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया था. बोलता उत्तराखंड़ ने पहले ही कहा था कि कुछ चैनल और सोशल मीडिया वालो ने NIVH संस्थान के अंदर बच्चों के साथ हो रहे घिनौने काम का खूब खुलासा किया था।
जिसकर बाद जानकारी अनुसार NIVH में बीते 7 दिनों से लगतार छात्र-छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. छात्राओं का आरोप था कि संस्थान के ही एक शिक्षक बालिकाओं से छेड़छाड़ करता है और उनके लाख बोलने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं की जाती. ये खबर पूरे राज्य मे आग की तरह फेल गई ।
ओर हमारी खबर के बाद आरोपी शिक्षक सुचित नारंग पर मुकदमा दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया गया था. लेकिन छात्र यहीं नहीं रुके, उनकी मांग थी कि डायरेक्टर को भी उनके पद से हटाया जाए. सोमबार की सुबह बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी संस्थान पहुंची और अनुराधा डालमिया के साथ ही बच्चों से पूछताछ की
लगभग 8 घंटे लंबी चली इस पूछताछ के बाद शाम को जब वो वापस लौटीं तो अनुराधा डालमिया ने अपना इस्तीफा ना केवल मंत्रालय को भेजा है, बल्कि बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी को भी एक प्रतिलिपि उसकी दे डाली ।हालांकि डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर को पुख्ता करने के लिए जब जब अनुराधा डालमिया से फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. उधर, उषा नेगी ने आंदोलित छात्र-छात्राओं को उनका इस्तीफा पढ़कर सुनाया, जिसके बाद देर शाम सभी छात्र-छात्राओं ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.
इसके साथ ही उषा नेगी ने मंत्रालय को पत्र लिखकर यहां की स्थिति से अवगत कराया है. इतना ही नहीं उन्होंने बच्चों को भी भरोसा दिलाया है कि संस्थान में सीसीटीवी कैमरे, मैस में खाने पीने की अच्छी व्यवस्था और गर्ल्स हॉस्टल में युवकों के आने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

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