उत्तराखंड : तेंदुए के जबड़े से अपनी बेटी को खींच लाई मां,घायल बेटी को पीठ पर लादकर लाने लगी तो तेंदुए ने दोबारा हमला कर दिया (मां तुझे सलाम )

 

 

 

ये माँ ही कर सकती है
माँ से बढ़कर कोई नही
वो दया , ममता,का पहला नाम है तो जरूरत पढ़ने पर माँ काली का अवतार है

जी हां आपको बता दे कि
हल्द्वानी में अपनी मां और छोटी बहन के साथ घास काटने गई किशोरी पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला बोल लिया था
ओर फिर तेंदुआ किशोरी को घसीटकर ले जाने लगा
जैसे ही माँ ने देखा
तो पेड़ पर चढ़ी मां ने कूद लगा दी।
फिर मां-बेटी ने शोर मचाते हुए
तेज़ी के साथ तेंदुए पर पत्थर बरसते हुए किशोरी को किसी तरह तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया।

यही नही फिर इसके बाद घायल किशोर को पीठ में लादकर सड़क तक लाए।
ख़बर है कि फिर वन विभाग की टीम ने अपने वाहन से किशोरी को बेस अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है।
बता दे कि ग्रामसभा गुजरौड़ा के गांव नवाड़ सैलानी निवासी सरस्वती अपनी बड़ी बेटी पिंकी (15 साल ) और छोटी बेटी सुनीता को लेकर अन्य गांव वालों के साथ सोमवार को घास लेने जंगल गई थी। सभी ग्रामीण घास लेने के लिए अलग-अलग चले गए। जंगल में पत्ते काटने के लिए सरस्वती पेड़ पर चढ़ गई। पिंकी और उसकी छोटी बहन नीचे पत्ते समेट रहीं थीं।। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने पिंकी पर पीछे से हमला बोल दिया।
सरस्वती ने बताया कि जब वह अपनी बेटी को पीठ पर लादकर लाने लगी तो तेंदुए ने दोबारा हमला भी किया।
इस पर उन्होंने एक बार फिर तेंदुए पर पत्थरों से हमला कर उसे वहां से भगा दिया। सरस्वती ने बताया कि उनके पति लुधियाना में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनकी बेंटी पिंकी राजकीय इंटर कॉलेज लामाचौड़ की छात्रा है। 
वही ग्राम सभा गुजरौड़ा की प्रधान रितु जोशी ने कहा कि यदि वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे की संख्या नहीं बढ़ाता है तो गांव वाले भूख हड़ताल करेंगे। दो माह में अब तक तेंदुए ने यह पांचवां हमला किया है। इससे पूर्व भी तेंदुआ गांव की भगवती देवी, तुलसी देवी, अमर सिंह समेत एक अन्य पर हमला कर चुका है। 
बहराल माँ तुझे सलाम
तेरे साहस को प्रणांम

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