लाचार व्यवस्था, गुरु जी का दुखड़ा ओर हर दा का तड़का

जब से पूरे राज्य मै ये बात मालूम चली है और आग की तरह ये बात फैल गयी है कि सीएम त्रिवेन्द्र रावत से गलत व्यवहार करने वाली महिला टीचर का निलंबन तय है जिसके लिखित आदेश सोमबार से पहले कभी भी आजायेगे तब से मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को सभी राजनीतिक दलों ने घेरना आरंभ कर दिया है ओर वो कहने लगे है कि छोटा कर्मचारी तो गलती कर सकता है पर क्या खुद मुखिया इतना गुस्सा जो कर रहे है वो ठीक है                             तो कही मीडिया वाले वाले अपनी ख़बर के अनुसार महिला टीचर की पिछली आप बीती का लेखा जोखा रख रहे है कि ये महिला टीचर एक साल से अपने स्कूल मे ही नही है ओर अब इनकानिलंबन तय है फलहा फलहा तो कही मीडिया के लोग महिला टीचर की दर्द भरी 20 साल की दास्तां भी जनता के आगे लेकर आरहे है जिसमे महिला टीचर हर तरफ से व्यवस्था पर चोट कर रही सिस्टम को कोस रही है                                  उनकी बात कितनी सही है या गलत वो तो वही जाने पर हम तो सिर्फ एक बात जानते है कि सीएम त्रिवेन्द्र रावत जी ने लोगो को खुद बोलने का मौका दे दिया विपक्ष को भी ओर अपने कुनबे के बीच मे रह रहे उन नेताओं को भी जिनके सीएम से विचार ना के बराबर मिलते है बस सीएम सीएम है इसलिए सब साथ साथ चल रहे है वरना अंदर तो आये दिन खीचड़ी पकती रहती है सीएम को करीब से जानने वाले लोग कहते है कि सीएम नर्म दिल के है और भावनात्मक भी वो सबकी मजबूरियों को समझते है इसलिये वो अन्याय नही होने देंगे कुछ तो ये भी बोल रहे है कि यदि महिला टीचर अपने उस व्यवहार के लिए क्षमा मागे तो सारी बात यही पर खत्म हो जाती है बस अब देखना ये है कि महिला टीचर बैकफुट पर आती है अपने व्यवहार को लेकर या सीएम अपने फैसले को वापस लेते है या फिर जो सीएम ने कहा दिया वो पथर की लकीर समझो दूसरी तरफ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपने अंदाज में सीएम को बडे प्यार से अपने राजनीति के कम्बल मै लपेट कर फेसबुक पर दे मारा है यानी बात सब जगह पहुच गई है अब देखना ये है कि राज्य के मुख्यमंत्री जी अपने फैसले पर टिके रहेगे या ख़बर कभी भी अपने व्यवहार के लिए महिला टीचर की माफी मागने की सामने आएगी या अब महिला टीचर पीछे नही हटेगी फिर चाहे जो हो जाये या इन महिला टीचर को ओर शिक्षा मित्रों का समर्थन मिलता है या नही आज ये सब कुछ हो सकता है क्योकि गलत कोन ये तो वही जाने जो वही मौजूद थे और कुछ बोलने को अभी तैयार नही लेकिन जो भी हुवा है उससे विपक्ष को जीरो टालरेश वाली सरकार के मुख्यमंत्री को घेरने का मौका मिल ही गया क्योकि क्योंकि आज भी ये मुदा गरम रहने के पूरे आसार है फिर कहुगा ईमानदार सीएम ने खुद अपने दुश्मनों को बोलने का मौका दे दिया      
ओर जिस प्रकार महिला टीचर उतरा पंत बहुगुणा पूरे सिस्टम को कोस रही है वो कह रही है उनकी बातों के अनुसार की उनकी कोई सालो साल से सुनने को तैयार नही था सिस्टम से दुखी हो गयी थी जहां पोस्टिंग है वही पति ने दुनिया को अलविदा कह दिया ओर वो मानसिक रूप से वहां जाने को तैयार नही ओर उनके साथ भेद भाव व अन्याय किया गया जब थक गई तो सालो साल से दिल मे दबाया गुसा सीएम त्रिवेन्द्र रावत के आगे निकल गया लिहाज़ा बात ये है कि जो भी महिला टीचर ने आरोप लगाए है उनकी पहले निष्पक्ष जांच हो और उस जांच मे जो बात सामने आये उसके बाद आगे की कार्यवाही हो तो फिर सिस्टम पर सवाल नही उठेगा अब देखना यही है कि क्या ऐक्शन होगा शिक्षा विभाग का

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